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उत्तराखंड का बद्रीश विवि था दुनिया का पहला विश्वविद्यालय - मानव संसाधन विकास मंत्री डा. निशंक

Wed, 30 Oct 2019 08:46 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 30 Oct 2019 08:46 AM IST
सार

  • निष्ठा कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने किया दावा
  • कार्यक्रम के पहले चरण में छह जिलों के 149 प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

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Uttarakhand has world's first university Human Resource Development Minister Dr. Nishank said
कार्यक्रम में बोलते डा. निशंक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनिया का पहला विश्वविद्यालय उत्तराखंड का बद्रीश विवि था। सोमवार को प्रदेश में निष्ठा कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह वेद-पुराणों और उपनिषद की भूमि है। उन्होंने कहा कि 33 साल बाद तैयार की गई नई शिक्षा नीति नए भारत के निर्माण में सहायक बनेगी। 

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रिंग रोड स्थित होटल में कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डा. निशंक ने बताया कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुधार के लिए निष्ठा कार्यक्रम लाया गया है, जो छात्रों और शिक्षकों के सर्वांगीण विकास पर जोर देता है। अब तक 19 राज्यों में यह कार्यक्रम चल रहा है। उत्तराखंड इसे शुरू करने वाला 20वां राज्य है। उन्होंने कहा कि यह देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति केवल शिक्षित नहीं संस्कारी युवा भी तैयार करेगी। इसके तहत पहले चरण में छह जिलों के 149 प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 
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शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने प्रशिक्षण को जमीनी स्तर तक ले जाने की आवश्यकता जताई। एनसीईआरटी निदेशक प्रो. हृषिकेश सेनापति ने कहा कि निष्ठा कार्यक्रम जीवन मूल्यों, स्वास्थ्य, संस्कृति और व्यक्ति के सामाजिक व व्यक्तिगत गुणों के विकास पर बल देता है। नीपा की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुनीता चुग ने कहा कि सफ ल नेतृत्व के माध्यम से विद्यालयों का कायाकल्प किया जा सकता है।
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सचिव शिक्षा डा. आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि पहले चरण में टिहरी, देहरादून, चमोली, हरिद्वार, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिले के 149 प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, माध्यमिक शिक्षा निदेशक राकेश कुंवर, एससीईआरटी निदेशक सीमा जौनसारी, अपर निदेशक रामकृष्ण नौटियाल, अपर निदेशक डा. मुकुल कुमार सती समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

शिक्षा मंत्री ने दिखाया आइना

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने विभागीय ट्रेनिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की ट्रेनिंग से कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसी भी ट्रेनिंग का तब तक कोई फायदा नहीं, जब तक शिक्षण में उसका लाभ न दिखे। पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित शिक्षक होने के बावजूद सरकारी शिक्षा के हालात बहुत अच्छे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी पूरी जिंदगी में 10 छात्रों को भी पढ़ाकर सफल बना दे, यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।


मीनाक्षी सुंदरम की थपथपाई पीठ

डा. निशंक ने शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की जमकर पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि जहां ज्यादातर नौकरशाह की ट्रेनिंग ना से शुरू होती है, वहीं सुंदरम बेहद पॉजीटिव हैं। उन्होंने कहा कि वह रिजल्ट ओरिएंटेड आईएएस हैं। उन्होंने सुंदरम से अपने मुख्यमंत्रित्व काल में शुरू की गई योजनाओं को आगे बढ़ाने को भी कहा।

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