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Uttarakhand: रक्षा क्षेत्र के लिए AI व रोबोटिक्स ड्रोन बनाने की प्रदेश में संभावनाएं, विशेषज्ञों ने दिए सुझाव
Sat, 28 Feb 2026 12:13 PM IST
Renu Saklani
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Renu Saklani
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:13 PM IST
सार
राउंड टेबल सम्मेलन में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। केंद्र सरकार रक्षा क्षेत्र में निजी सहभागिता बढ़ाने के लिए सरल नीतियां बना रही है।
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सम्मेलन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
उत्तराखंड में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), रोबोटिक्स ड्रोन बनाने, सेना के लिए कपड़े व अन्य सर्विस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं है। शुक्रवार को रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश की रणनीति पर राउंड टेबल सम्मेलन में विशेषज्ञों ने अपने सुझाव दिए।
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राजपुर रोड स्थित एक होटल में सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में राउंड टेबल सम्मेलन में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। रक्षा मंत्रालय के उप महानिदेशक अनिल कुमार राय ने कहा, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्यों को रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना होगा।
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केंद्र सरकार रक्षा क्षेत्र में निजी सहभागिता बढ़ाने के लिए सरल नीतियां बना रही है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए भी सरकार रक्षा क्षेत्र में निवेश के दरवाजे खोल रही है। वर्तमान में रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी 20 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने कहा, भारत का रक्षा क्षेत्र एक निर्णायक दश में प्रवेश कर रहा है।
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बड़े निवेश के लिए 400 करोड़ तक सब्सिडी दी जा रही
उत्तराखंड भी राष्ट्रीय परिवर्तन के साथ सामंजस्य बनाने के लिए नीतिगत समर्थन, भूमि उपलब्धता व संस्थागत सुविधा तंत्र के लिए तैयार है। राज्य के पास खुरपिया, सितारगंज, नेपा फार्म के साथ अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में 3800 एकड़ भूमि उपलब्ध है। प्रदेश में मेगा इंडस्ट्रियल एवं निवेश नीति के तहत बड़े निवेश के लिए 400 करोड़ तक सब्सिडी दी जा रही है।
एमएसएमई क्षेत्र में विनिर्माण उद्योगों को चार करोड़ तक अनुदान का प्रावधान है। स्टार्टअप के लिए सरकार ने 200 करोड़ का वेंचर फंड तैयार किया है। आईडेक्स की उप कार्यक्रम निदेशक गांगेई गवांद ने बताया कि नवाचार व रक्षा क्षेत्र में कार्य करने वाले स्टार्टअप को 25 करोड़ का अनुदान दिया जा रहा है।
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राज्य के स्टार्टअप भी इलेक्ट्रॉनिक्स व एयरोस्पेस में तकनीकी प्रणाली विकसित करने में निवेश कर सकते हैं। सम्मेलन में रक्षा, उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में उत्तराखंड में एआई तकनीक, रोबोटिक्स ड्रोन, सेना के लिए कपड़े, जूते बनाने व अन्य सर्विस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं हैं।