{"_id":"6983441b9d7de7e1f205569c","slug":"uttarakhand-governor-gurmeet-singh-attended-bicentennial-celebration-of-hindi-journalism-in-haridwar-2026-02-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Haridwar: हिन्दी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी समारोह में पहुंचे राज्यपाल, कहा- यह केवल भाषा नहीं, भारत की आत्मा है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar: हिन्दी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी समारोह में पहुंचे राज्यपाल, कहा- यह केवल भाषा नहीं, भारत की आत्मा है
Wed, 04 Feb 2026 06:42 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 04 Feb 2026 06:42 PM IST
सार
राज्यपाल ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का 200 वर्ष तक निरंतर सक्रिय रहना उसकी गहराई, प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रतीक है।
विज्ञापन
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने बुधवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित हिन्दी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के ऐतिहासिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक योगदान पर अपने विचार साझा किए।
विज्ञापन
राज्यपाल ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का 200 वर्ष तक निरंतर सक्रिय रहना उसकी गहराई, प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन से आरंभ हुई हिंदी पत्रकारिता की यात्रा को राष्ट्र चेतना के जागरण का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारत की भावनाओं, संस्कृति और आत्मा की अभिव्यक्ति है।
विज्ञापन
Haridwar: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहुंचे हरिद्वार, जगतगुरु से भेंट कर लिया आशीर्वाद
विज्ञापन
राज्यपाल ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता सत्य, विवेक और मूल्यों के साथ सत्ता से प्रश्न पूछती है और जनहित को केंद्र में रखती है, यही लोकतंत्र की वास्तविक चेतना है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल सत्ता परिवर्तन नहीं थी, बल्कि सभ्यता के पुनर्जागरण और नवभारत के निर्माण का संकल्प थी। इस संकल्प को आगे बढ़ाने में हिंदी पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।