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उत्तराखंड में आपकी सैर होगी और ज्यादा रोमांचक
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 19 Nov 2013 03:43 PM IST
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उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए खुशखबरी है। उत्तराखंड सरकार एक बार फिर अपने पर्यटन उद्योग को पंख लगाना चाहती है।
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इसी को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट प्रोग्राम फॉर टूरिज्म (आईडीआईपीटी) ने गढ़वाल और कुमाऊं के दर्जनों पर्यटक स्थलों के सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की है।
पर्यटक केंद्रों को विकसित किया जाएगा
मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में हुई स्टेट लेवल इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। योजना के तहत देहरादून में आसन बैराज, टाइगर फाल, लाखामंडल मंदिर, हनोल मंदिर, वृक्ष समाधि, साहसिक केन्द्र को विकसित कर पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनाया जाएगा।
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भीमताल में परिचय पर्यटन गृह, नौकुचियाताल, पिथौरागढ़ से चांडक तक ट्रैल ट्रेल, मास्टामानु मंदिर, पिथौरागढ़ किला, साहसिक केन्द्र का विकास किया जाएगा। कोटद्वार में कार्बेट के उत्तरी छोर पर पर्यटन स्थल, टिहरी झील में साहसिक क्रीड़ा, हरिद्वार के गंगा कैनाल और जगजीतपुर का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा।
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पर्यटन स्थलों के विकास में तेजी
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों के विकास में तेजी लाई जाए। सभी स्थलों पर साफ-सुधरे शौचालय रेस्टोरेंट और अन्य जन सुविधाएं जरूरी हैं । वन क्षेत्र में पड़ने वाले पर्यटक स्थलों के सौन्दर्यीकरण और विकास के लिए वन विभाग के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की जाए। बैठक में बताया गया कि आईडीआईपीटी के तहत 76 करोड़ रुपए एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) से मिले हैं।
मार्च 2014 तक 15 करोड़ रुपए व्यय करके सभी स्थलों पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सभी परियोजनाओं को 2017 तक पूरा किया जाना है, लेकिन इन्हें 2016 में पूरा करने का लक्ष्य है। बैठक में प्रमुख सचिव शहरी विकास एमएच खान, सचिव खेल अजय प्रद्योत, अपर सचिव पर्यटन सचिव कुर्वे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कहां क्या-क्या होगा
सचिव पर्यटन उमाकांत पवांर ने बताया कि आसन बैराज में 40 लोगों के लिए दो डारमेट्री, 4 हट, डाइनिंग डेक, लैंडस्केपिंग सहित सौन्दर्यीकरण के अन्य कार्य कराये जाएंगे। लाखामंडल मंदिर परिसर और टाइगर फाल में जन सुविधाएं विकसित की जायेंगी।
हनोल मंदिर में भी पार्किंग शौचालय, पेयजल और आवास सुविधायें उपलब्ध कराई जायेंगी। यहीं 200 लोगों के लिए गेस्ट हाउस भी बनाया जाएगा। मोरी से हनोल के बीच में बने 200 साल पुराने चीड़ के वृक्ष की समाधि स्थल को भी पर्यटक आकर्षण का केन्द्र बनाया जायेगा। कोटद्वार में कार्बेट पार्क कॉम्प्लेक्स बनाया जायेगा।
हेरिटेज के रूप में विकसित किया जायेगा
यहां पर कान्वेंशन सेंटर, मनारंजन केन्द्र, थियेटर टेनिस कोर्ट, म्यूजिकल फाउटेन, क्लाईम्बिंग वाल और कॉटेज बनेंगें। टिहरी झील के किनारे कोटी कॉलोनी में साहसिक क्रीडा केन्द्र बनाया जायेगा। इसमें क्रूज बोट ,जार्बिंग, क्याकिंग, कन्रोइग, पैरा सेलिंग, जेटस्की, जेट बोट सहित सभी आधुनिक साहसिक पर्यटन के उपकरण रहेंगे।
इसके साथ ही पर्यटन गृह परिचय को विकसित कर आवास क्षमता और राजस्व बढ़ाया जायेगा। 1857 में बने इस ऐतिहासिक भवन को हेरिटेज के रूप में विकसित किया जायेगा।