उत्तराखंड सरकार ने तैयार कराई नौकरशाहों की ‘कुंडली’
प्रदेश सरकार ने नौकरशाहों की कार्यशैली और आचरण को लेकर उनकी गोपनीय रिपोर्ट तैयार करवाई है। भविष्य में महत्वपूर्ण पदों पर साफ छवि वाले अधिकारियों को तवज्जो देना के मकसद से सरकार ने यह एक्सरसाइज की है।
रिपोर्ट में नौकरशाहों के कार्यशैली, आचरण और विधायिका के प्रति आस्था को आधार बनाया गया है। सूत्रों का दावा है कि खुफिया एजेंसियों की मदद से तैयार हुई गोपनीय रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है।
कई ऐसे अधिकारियों की ‘कुंडली’ को रंगा गया है, जिन्होंने पूर्व की सरकार में नियमों से हटकर काम किया है। सूत्रों की मानें तो चुनाव के दौरान उनकी गतिविधियों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
अधिकांश नौकरशाह भी राजनीति से अछूते नहीं
उत्तर प्रदेश की तर्ज पर प्रदेश के अधिकांश नौकरशाह भी राजनीति से अछूते नहीं हैं। उनकी पहचान कामकाज से ज्यादा राजनीतिक आस्था के आधार पर की जाती है। प्रदेश में भाजपा की सरकार आई तो गोपनीय रूप से अधिकारियों की कुंडली तैयार करने का काम शुरू हुआ।
सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में प्रदेश के बड़े नौकरशाहों के अलावा जिला स्तरीय अधिकारी भी शामिल हैं। रिपोर्ट में अधिकारियों द्वारा अपने आकाओं को राजनीतिक लाभ पहुंचाने को नियम विरुद्ध किए कार्यों का उल्लेख किए जाने की भी चर्चाएं हैं। भ्रष्टाचार से जुड़े किस्सों को भी रिपोर्ट में प्रमुखता दी गई है।
यह भी जिक्र है कि उन्हें किन नेताओं का संरक्षण रहा है। अवैध खनन के किस्सों को भी इसमें जगह दी गई है। जन्म कुंडली तैयार कराने के पीछे का मकसद महत्वपूर्ण पदों पर साफ छवि वाले अधिकारियों की तैनाती बताया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि गोपनीय रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है, जिसका असर आने वाले दिनों में नजर आने वाला है।