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उत्तराखंड शासन ने तोड़ी परंपरा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 15 Dec 2013 10:53 AM IST
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इस बार उत्तराखंड सरकार ने 48 घंटे का इंतजार नहीं किया। निलम्बित अपर सचिव जेपी जोशी से जुड़े यौन शोषण प्रकरण में गिरफ्तार किए गए संयुक्त सचिव एसएस वल्दिया को 48 घंटे पूरे होने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।
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उत्तराखंड सरकारी सेवक अनुशासन व अपील नियमावली 2003 के प्रावधानों के मुताबिक किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को किसी मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजने के 48 घंटे बाद सस्पेंड माना जाता है।
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इसके लिए सक्षम अथॉरिटी को केवल औपचारिक आदेश पारित करने की ही जरूरत होती है ताकि संबंधित के डोजियर में शामिल किया जा सके।
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लेकिन दो दिन पहले ही गिरफ्तार हुए संयुक्त सचिव एसएस वल्दिया को शासन ने सस्पेंड कर दिया। वल्दिया पर निलम्बित अपर सचिव जेपी जोशी की महिला के साथ अश्लील सीडी बनवाने का आरोप है।