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डीजीपी सिद्धू के मसले पर सीएम बैकफुट पर
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 29 Nov 2014 06:24 PM IST
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मौजूदा डीजीपी बीएस सिद्धू के खिलाफ चल रहे मुकदमो पर अभी तक तो सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया लेकिन अब सीएम ने संकेत दिया है कि हाईकोर्ट ने एसआईटी गठित कर जांच के जो आदेश दिया था सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। लेकिन कार्रवाई कब होगी, इस सवाल के जवाब पर मुख्यमंत्री बैकफुट पर नजर आए।
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डीजीपी हैं अभियुक्त
प्रदेश के मौजूदा डीजीपी बीएस सिद्धू के खिलाफ गैर कानूनी तरीके से रिजर्व फॉरेस्ट लैंड खरीदने और साल के पेड़ काटने के मामले में सीजेएम न्यायालय में वन विभाग ने आरोप पत्र दाखिल किया है और इस मामले में मौजूदा डीजीपी अभियुक्त हैं।
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ऐसे कई मामले हैं लेकिन डीजीपी के खिलाफ सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। मुख्यमंत्री से यही सवाल पूछा कि निचले स्तर पर कार्रवाई होती है लेकिन डीजीपी के खिलाफ तो मुकदमे दर्ज होने के बावजूद कुछ नहीं होता।
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मामला अदालत में बताकर टालने की कोशिश
सीएम ने कहा कि मैंने मुख्य सचिव को कहा है कि परीक्षण कर लें। लेकिन न्यायालय में मामलो में दखल नहीं दिया जा सकता।
लेकिन दूसरा सवाल यही था कि न्यायालय की इतनी परवाह है तो हाई कोर्ट दो बार एसआईटी का गठन कर डीजीपी के खिलाफ जांच के लिए कह चुका है, यह क्यों नहीं हुआ। सीएम असहज हुए और कहा कि सरकार हाई कोर्ट के आदेशों के क्रम में ही आगे बढ़ेगी।
डीजीपी से जुड़े मामले
: रिजर्व फारेस्ट लैंड को गैर कानूनी तरीके से क्रय कर पेड़ काटने का मामला, फारेस्ट ने चार्जशीट दाखिल की है अभी निर्णय होना बाकी। लेकिन फंसने के बाद जमीन को डीजीपी ने सरेंडर कर दिया था।
: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल दिल्ली में भी पेड काटने का वाद विचाराधीन है, अगली सुनवाई चार दिसम्बर को होनी है।
: एसआईटी के गठन कर जांच कराने का मामला उच्च न्यायालय नैनीताल में विचाराधीन है, कोर्ट दो बार एसआईटी गठित कर जांच कराने को कह चुकी है लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।