फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand got 351 crore in NHM

उत्तराखंड को NHM के तहत केंद्र से मिले 351 करोड़

Fri, 12 Aug 2016 03:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 12 Aug 2016 03:28 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand got 351 crore in NHM
Narendra Modi

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों के मदों में कटौती कर 351 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत किए हैं। राज्य सरकार का प्रस्ताव 405.49 करोड़ रुपये का था। राज्य सरकार के लिए राहत यह है कि बीते वित्तीय वर्ष स्वीकृत प्लान 71.89 करोड़ की चालू योजनाओं को जारी रखने की स्वीकृति भी प्रदान की है।

विज्ञापन


इस बार बजट में नेशनल डायलेसिस प्रोग्राम नया कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत पीपीपी मोड में चार सेंटर पहले चरण में खुलेंगे। गौरतलब है कि बीते वर्ष विभाग की अनदेखी के चलते 374 करोड़ के स्वीकृत बजट से 107 करोड़ खर्च नहीं हुए थे।
विज्ञापन


राज्य सरकार की ओर से गत एक जून को ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 405 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा गया था। प्रस्तावित कार्यक्रम में चालू वित्त वर्ष में जननी सुरक्षा कार्यक्रम, वैक्टर बार्न डिजीज, कम्युनिटी डिजीज व ओरल हेल्थ समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य सभी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का प्रावधान किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

...तो मिल सकता है 30 करोड़ अतिरिक्त इनसेंटिव

uttarakhand got 351 crore in NHM
नरेंद्र मोदी

इसके अलावा सभी अस्पतालों में ढांचागत सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं को भी शामिल किया गया है। अगर सरकार ने समय से बजट खर्च किया तो 30 करोड़ के अतिरिक्त इनसेंटिव विभाग को मिल सकता है। सितंबर को इसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी। मिशन निदेशक नीरज खैरवाल ने बताया कि केंद्र ने एनएचएम पीआईपी को अप्रूवल दे दिया है।

16 कार्यक्रमों का होगा संचालन
एनएचएम के तहत 16 कार्यक्रमों का संचालन होगा, जिसके लिए राज्य को 423.28 करोड़ इस वर्ष खर्च करने की स्वीकृति केंद्र से मिली है, जिसमें बीते वर्ष खर्च नहीं हो सकी धनराशि का हिस्सा भी शामिल है। अर्बन हेल्थ मिशन के 14 करोड़ स्वीकृत किये हैं।

पर्वतीय जनपदों को तरजीह
राज्य में प्रत्येक जनपद की भौगोलिक स्थिति भिन्न होने के चलते स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर अनुपालन के लिए इस 10 फीसदी बजट का इस्तेमाल दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्रों से सेवाएं पहुंचाने में खर्च होगा। जिले में परियोजना के प्रभारी इसके लिए अपने स्तर पर माइक्रो प्लानिंग भी करने में सक्षम बनाए जाएंगे।

इस फामूर्ले पर करना होगा काम
स्वास्थ्य विभाग को विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को लेकर केंद्र ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गाइनोक्लोजिस्ट, पेडियेट्रिक्स और एनेस्थेटिक विशेषज्ञ को सामूहिक तौर पर एक ही अस्पताल में तैनात किया जाना है। पहाड़ी जनपदों में जिला अस्पताल और सीएचसी पर यह न्यूनतम इन विशेषज्ञों की सुविधा मरीजों को मिलना अनिवार्य है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed