फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Former cm Late Nd tiwari biopic will Make soon 

उत्तराखंड: दिवंगत पूर्व सीएम एनडी तिवारी पर बनेगी बायोपिक, दिखाए जाएंगे अंतिम समय तक के संस्मरण

Sat, 06 Jul 2019 10:11 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 06 Jul 2019 10:11 AM IST
विज्ञापन
Uttarakhand Former cm Late Nd tiwari biopic will Make soon 
एनडी तिवारी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

उत्तराखंडी फिल्म निर्देशक मनीष वर्मा ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी पर बायोपिक बनाने की घोषणा की है। फिल्म ‘विक्टोरियस चीफ मिनिस्टर’ की शूटिंग का शुभारंभ उत्तराखंड की वादियों से ही किया जाएगा। 

विज्ञापन


वर्मा ने कहा कि तिवारी का जीवन विकास को समर्पित रहा है। फिल्म में उनके बाल्यकाल से अंतिम समय तक के सभी स्मरण दिखाए जाएंगे। साथ ही बताया कि फिल्म में उत्तराखंड और देश के कई राजनीतिक चरित्र दिखाए जाएंगे।

विज्ञापन

ऐसा रहा उनका जीवन

एनडी तिवारी का जन्म 1925 में नैनीताल जिले के बलूती गांव में हुआ। तिवारी के पिता पूर्णानंद तिवारी वन विभाग में अधिकारी थे। नारायण दत्त तिवारी शुरुआती शिक्षा हल्द्वानी, बरेली और नैनीताल में हुई।

एनडी तिवारी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीतिशास्त्र में एमए किया। उन्होंने एमए की परीक्षा में विश्वविद्याल में टाप किया था। बाद में उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री भी हासिल की। वे इलाहाबाद विवि छात्र संघ के अध्यक्ष भी बने।

1942 में वे ब्रिटिश सरकार की साम्राज्यवादी नीतियों के खिलाफ नारे वाले पोस्टर और पंपलेट छापने और उसमें सहयोग के आरोप में पकड़े गए। उन्हें गिरफ्तार कर नैनीताल जेल में डाल दिया गया।

15 महीने की जेल काटी

15 महीने की जेल काटने के बाद वे 1944 में आजाद हुए। 1947 में आजादी के साल ही वह इस विश्वविद्यालय में छात्र यूनियन के अध्यक्ष चुने गए। यह उनके सियासी जीवन की पहली सीढ़ी थी।

आजादी के बाद 1950 में उत्तर प्रदेश के गठन और 1951-52 में प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव में तिवारी ने नैनीताल (उत्तर) सीट से सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया। कांग्रेस की हवा के बावजूद वे चुनाव जीत गए और पहली विधानसभा के सदस्य के तौर पर सदन में पहुंच गए।

1954 में एनडी तिवारी का विवाह सुशीला सनवाल से हुआ। वर्ष 1993 में उनकी पत्नी का निधन हो गया। वर्ष 2014 में एनडी ने उज्ज्वला शर्मा से विवाह किया। कांग्रेस के साथ तिवारी का रिश्ता 1963 से शुरू हुआ।

एनडी तिवारी और उज्जवला तिवारी के बेटे रोहित शेखर ने भी पिता का नाम पाने के लिए लंबा इंतजार किया। बाद में डीएनए टेस्ट के बाद रोहित को इस लड़ाई में सफलता मिली। 

विज्ञापन

दो राज्यों के बने सीएम

नारायण दत्त तिवारी देश के पहले ऐसे राजनीतिज्ञ थे, जिन्हें दो-दो राज्य का मुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त हुआ। वह नेहरू-गांधी के दौर के उन चंद दुर्लभ नेताओं में थे, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में सक्रिय योगदान दिया।

केंद्र में वित्त, विदेश, उद्योग, श्रम सरीखे अहम मंत्रालयों की कमान संभाल चुके एनडी तिवारी को जब उत्तराखंड सरीखे छोटे राज्य की कमान सौंपी गई तो उत्तराखंड की आंदोलनकारी शक्तियां असहज और स्तब्ध थी।

जानकारों की मानें तो जिस समय एनडी तिवारी को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया, उस वक्त एनडी तिवारी उत्तराखंड में अवस्थापना विकास और उद्योग की आधारशिला रखने में कामयाब हुए थे। 

उनके अनुयायियों ने एनडी के लिए विकास पुरुष की उपमा गढ़ी। उनके पक्ष और विपक्ष में बैठे प्रतिद्वंद्वी भी उत्तराखंड के विकास में एनडी के योगदान की दाद देते हैं। साल 2018 में उनका निधन हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed