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उत्तराखंड की पहली इलेक्ट्रानिक बस का मॉडल तय
दीप जोशी, अमर उजाला, अल्मोड़ा
Updated Sat, 23 Jun 2018 11:49 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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जागेश्वर धाम में अगले माह शुरू होने जा रहे श्रावणी मेले के दौरान देश भर से आने वाले श्रद्धालु पहली बार इलेक्ट्रानिक बस की सवारी का आनंद उठा सकेंगे। उत्तराखंड में चलने वाली यह पहली ई-बस होगी। आरतोल से जागेश्वर तक ढाई किमी क्षेत्र में देवदार के घने जंगलों के बीच चलने वाली इस बस का मॉडल फाइनल हो चुका है। यह बस दोनों तरफ से खुली होगी और यात्री ढाई किमी क्षेत्र में देवदार के घने जंगल और खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य को निहार सकेंगे।
जागेश्वर धाम में 16 जुलाई से श्रावणी मेला शुरू होने जा रहा है। श्रावणी मेले के दौरान जागेश्वर में देश भर से श्रद्धालु आकर शिवार्चन आदि करते हैं। सावन के महीने के दौरान रोजाना 15 से 20 हजार श्रद्धालु आते हैं। मंदिर प्रबंधन समिति ने अपने स्तर से पहली बार यहां इलेक्ट्रानिक बस चलाने का फैसला लिया है। मंदिर प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष गोविंद गोपाल और प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि बस का मॉडल तय करके कंपनी को ऑर्डर भेज दिया है। 14 सीटर बस दोनों तरफ से खुली होगी ।
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है इलाका
आरतोला से जागेश्वर के बीच ढाई किमी का इलाका प्राकृतिक रूप से काफी सुंदर है। देवदार का घना जंगल है, रास्ते में खूबसूरत दंडेश्वर मंदिर भी पड़ता है। मंदिर समिति के मुताबिक श्रद्धालुओं को बस पसंद आई तो भविष्य में ऐसी कुछ अन्य बसें चलाने पर भी विचार किया जाएगा।
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अधिकारियों की टीम ने आरतोला-जागेश्वर रूट का निरीक्षण करके आरटीए को रिपोर्ट भेज दी है। आगामी कुछ दिनों में आरटीए से अनुमति मिलते ही श्रावणी मेले में ई-बस का संचालन शुरू हो जाएगा। यह उत्तराखंड की पहली ई-बस होगी। ऐसी बसें बड़े एअरपोर्ट के साथ बंगलूरू, हैदराबाद जैसे शहरों में चलती हैं।
- आलोक कुमार, एआरटीओ
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जागेश्वर धाम में 16 जुलाई से श्रावणी मेला शुरू होने जा रहा है। श्रावणी मेले के दौरान जागेश्वर में देश भर से श्रद्धालु आकर शिवार्चन आदि करते हैं। सावन के महीने के दौरान रोजाना 15 से 20 हजार श्रद्धालु आते हैं। मंदिर प्रबंधन समिति ने अपने स्तर से पहली बार यहां इलेक्ट्रानिक बस चलाने का फैसला लिया है। मंदिर प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष गोविंद गोपाल और प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि बस का मॉडल तय करके कंपनी को ऑर्डर भेज दिया है। 14 सीटर बस दोनों तरफ से खुली होगी ।
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प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है इलाका
आरतोला से जागेश्वर के बीच ढाई किमी का इलाका प्राकृतिक रूप से काफी सुंदर है। देवदार का घना जंगल है, रास्ते में खूबसूरत दंडेश्वर मंदिर भी पड़ता है। मंदिर समिति के मुताबिक श्रद्धालुओं को बस पसंद आई तो भविष्य में ऐसी कुछ अन्य बसें चलाने पर भी विचार किया जाएगा।
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अधिकारियों की टीम ने आरतोला-जागेश्वर रूट का निरीक्षण करके आरटीए को रिपोर्ट भेज दी है। आगामी कुछ दिनों में आरटीए से अनुमति मिलते ही श्रावणी मेले में ई-बस का संचालन शुरू हो जाएगा। यह उत्तराखंड की पहली ई-बस होगी। ऐसी बसें बड़े एअरपोर्ट के साथ बंगलूरू, हैदराबाद जैसे शहरों में चलती हैं।
- आलोक कुमार, एआरटीओ