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उत्तराखंडः नए साल की शुरुआत आंदोलनों से करने की तैयारी में कर्मचारी

Tue, 31 Dec 2019 09:19 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 31 Dec 2019 09:19 AM IST
सार

  • जनवरी महीने में कोई संगठन देगा धरना तो कोई करेगा महारैली 

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Uttarakhand: Employees ready to start new year with their movements and protest
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

प्रदेश सरकार को कर्मचारियों के आंदोलन के साथ नए साल का स्वागत करना पड़ेगा। लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन साल के पहले महीने से आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। कोई संगठन अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी तक धरना प्रदर्शन और रैलियां आयोजित करेगा तो किसी संगठन ने मंत्रियों और विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजने की तैयारी की है।

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हालांकि इन आंदोलनों को थामने के लिए सरकार के पास समय है। लेकिन कर्मचारी संगठनों के तल्ख तेवरों को देखते हुए लग नहीं रहा है कि वे नरमी के मूड में हैं। आरक्षण के मुद्दे पर जनरल-ओबीसी और एससी-एसटी कर्मचारी अपने-अपने मोर्चों पर आंदोलन के जरिये सरकार पर अपनी मांग मनवाने का दबाव बना रहे हैं।
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तीन जनवरी को फेडरेशन की आक्रोश रैली

प्रमोशन में आरक्षण के समर्थन और सीधी भर्ती के आरक्षण रोस्टर को लेकर एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन ने तीन जनवरी को देहरादून में आक्रोश रैली करने जा रहा है। इस रैली के बाद फेडरेशन अगले चरण के आंदोलन का ऐलान करेगा।
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प्रमोशन से रोक हटाने के विरोध में मंच का आंदोलन

प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के आंदोलन का आगाज छह जनवरी से होगा। 14 जनवरी तक जनजागरण अभियान के बाद 22 जनवरी से मंच के बैनर तले कर्मचारी जिला मुख्यालयों पर धरना देंगे और 27 जनवरी को देहरादून में महारैली करेंगे। 

डिप्लोमा इंजीनियरों का जिला मुख्यालयों पर होगा धरना प्रदर्शन

उत्तराखंड लोनिवि डिप्लोमा इंजीनियर संघ के आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। जनवरी महीने में डिप्लोमा इंजीनियरों मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे। 29 फरवरी को वे देहरादून में महारैली करेंगे।
 

ये आंदोलन की तैयारी में 

- विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने विद्युत दरों को लेकर छह जनवरी के बाद आंदोलन की चेतावनी दी है
- राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 12 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर सीएस को ज्ञापन सौंपा था। इस पर कार्रवाई न हुई तो परिषद भी आंदोलन करेगी
- राज्य वन निगम का स्केलर्स संघ भी वेतन वसूली के विरोध में जनवरी से आंदोलन की तैयारी में है
- राज्य संपत्ति वाहन चालक संघ ने भी लंबित मांगों को लेकर 20 जनवरी के बाद बेमियादी हड़ताल, चक्का जाम की चेतावनी दी

मंच नहीं चाहता की साल की शुरुआत विरोध के साथ हो। लेकिन प्रमोशन पर बेजां रोक से कर्मचारी आक्रोशित है। उनके पास आंदोलन के सिवाय कोई चारा नहीं है। - पूर्णानंद नौटियाल, प्रदेश प्रवक्ता, अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच

सरकार को उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दाखिल नहीं करनी चाहिए थी। प्रमोशन में आरक्षण को लागू न करने और सीधी भर्ती के रोस्टर को बदलने से आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों में आक्रोश है। तीन जनवरी को प्रदेश भर कर्मचारी देहरादून में महारैली में जुटेंगे। - करम राम, प्रदेश अध्यक्ष, एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कई निर्णायक आंदोलन लड़े हैं। परिषद 12 सूत्रीय मांग को लेकर मुख्य सचिव से मिली। जल्द आगे की रणनीति पर मंथन होगा। जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे । -ठाकुर प्रहलाद सिंह, प्रदेश मुख्य संयोजक, संयुक्त परिषद

प्रमोशन पर रोक से पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में भारी असंतोष है। गढ़वाल के हजारों कर्मचारी पौड़ी में जुटे जहां उन्होंने निर्णायक जंग छेड़ने का ऐलान किया। एसोसिएशन अगले चरण के आंदोलन की रणनीति बना रही है। -दीपक जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन 
 

हड़ताल पर लगाई रोक तो अब आंदोलन की तैयारी

वेतन में हो रही कटौतियों से नाराज वन विकास निगम के कर्मचारियों ने एस्मा लागू होने के बाद भी विरोध जताने का फैसला किया है। कर्मचारियों का कहना है कि रोक हड़ताल पर है, कर्मचारी आंदोलन तो कर ही सकते हैं। आगे की रणनीति तय करने के लिए सात जनवरी को बैठक बुलाई गई है।

वन विकास निगम में लेखा परीक्षा के तहत सामने आया था कि कई कर्मचारियों को अधिक वेतन दिया जा रहा है। इन आपत्तियों के  आधार पर वन निगम कर्मियों से वसूली भी शुरू कर दी गई। इसी जद में 1500 से अधिक कर्मी आए हैं। निगम कर्मियों का कहना था कि वेतन में कटौती से पहले आपत्तियों का परीक्षण किया जाना चाहिए था।

इसी मामले को लेकर वन विकास निगम कर्मचारी स्केलर संघ ने हड़ताल का एलान किया था। उधर, शासन ने पीक सीजन का हवाला देते हुए एस्मा के तहत कार्यवाही करते हुए हड़ताल पर रोक लगा दी थी। अब कर्मचारी फिर से एकजुट हुए हैं।

सोमवार को अग्रवाल धर्मशाला में हुई बैठक में संघ के संरक्षक बीएस रावत, कार्यकारी अध्यक्ष पीएस बिष्ट, पूरन रावत, अश्विनी त्यागी, आरपी सेमवाल आदि ने कहा कि अपनी मांग के समर्थन में कर्मचारियों को आंदोलन करने का पूरा हक है।

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