फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand election results 2022: CM Pushkar Singh Dhami and Harish Rawat Seat Result, BJP Ahead in Early Trends of Vote Counting

Uttarakhand Election Results 2022: शुरुआती रुझानों से कांग्रेस की बढ़ी चिंता- लोग जानने को उत्सुक, सीएम रहते हुए चुनाव न जीत पाने का मिथक क्या तोड़ पाएंगे धामी?

Fri, 11 Mar 2022 10:29 AM IST
रेनू सकलानी आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 11 Mar 2022 10:29 AM IST
सार

लोगों की उत्सुकता बढ़ रही है कि सीएम रहते हुए चुनाव न जीत पाने का मिथक क्या धामी तोड़ देंगे। हालांकि पुष्कर सिंह धामी कांग्रेस प्रत्याशी भुवन कापड़ी से 1600 वोटों से पीछे चल रहे हैं। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पीछे होने से कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई है। 

विज्ञापन
Uttarakhand  election results 2022: CM Pushkar Singh Dhami and Harish Rawat Seat Result, BJP Ahead in Early Trends of Vote Counting
हरीश रावत और पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के परिणामों से शुरुआती रुझान ने कांग्रेस की पेशानी पर बल पड़ा है। वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी के अपनी सीट पर पीछे चलने की खबर ने भी भाजपा की चिंता बढ़ाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खटीमा सीट पर सबकी निगाह लगी है। उनका मुकाबला कांग्रेस के भुवन कापड़ी से माना जा रहा है। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शुरुआती रुझानों में पीछे चल रहे हैं। मुकाबले में आप प्रत्याशी एसएस कलेर के मैदान में होने से चुनाव खासा दिलचस्प है।

विज्ञापन


लोगों की उत्सुकता है कि सीएम रहते हुए चुनाव न जीत पाने का मिथक क्या धामी तोड़ देंगे। हालांकि पुष्कर सिंह धामी कांग्रेस प्रत्याशी भुवन कापड़ी से 1600 वोटो से पीछे चल रहे हैं। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इस सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री पद के दावेदार है हरीश रावत
वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं, इसलिए पूरी कांग्रेस की निगाहें उनकी सीट पर लगी है। उन्हें भाजपा के मोहन सिंह बिष्ट ने कड़ी टक्कर दी है। इस सीट पर कांग्रेस की बागी प्रत्याशी संध्या डालाकोटी के मैदान होने से हरीश रावत के लिए चुनौती खासी कड़ी मानी जा रही है। अभी तक आए रुझानों के मुताबिक बीजेपी के डॉक्टर मोहन सिंह बिष्ट 5300 वोटों से हरीश रावत आगे चल रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़े...Uttarakhand election results 2022: नतीजों ने बढ़ाई उत्सुकता, मतगणना स्थल पर जुटे नेता, कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना जारी, तस्वीरें...

बार-बार मुख्यमंत्री बदलने के लिए सुर्खियों में रहे उत्तराखंड को एक बार फिर नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। सत्तारूढ़ भाजपा वर्तमान मुख्यमंत्री के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है। यदि पार्टी मिथक तोड़ते हुए सत्ता में वापसी करती है तो पुष्कर सिंह धामी ही मुख्यमंत्री बनेंगे। दूसरी तरफ, कांग्रेस सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह सवाल सड़क से लेकर राजनीतिक गलियारों में भी सबसे ज्यादा सुर्खियां में रहा है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। 

उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल का जवाब महज कुछ घंटों में स्पष्ट हो जाएगा। भाजपा ने चुनाव से पहले ही युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आगे करते हुए उनके चेहरे पर दांव खेला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंच से इसकी घोषणा कर चुके हैं। पार्टी के दूसरे नेताओं ने भी अपनी चुनावी सभाओं में मुख्यमंत्री के तौर पर धामी का नाम लिया।

पार्टी के भीतर उनके नाम को लेकर किसी भी स्तर पर कोई विवाद नहीं है। इसलिए स्पष्ट है कि यदि पार्टी बहुमत पाती है तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ही होंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार से भ्रम की स्थिति नहीं है। पार्टी ने धामी के चेहरे पर चुनाव लड़ा है और वही मुख्यमंत्री होंगे।

प्रीतम खेमा आसानी से तैयार नहीं
इधर, कांग्रेस की इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी ने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष की कमान पूर्व सीएम हरीश रावत को सौंपी गई है, लेकिन मुख्यमंत्री कौन होगा, यह स्पष्ट नहीं है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, काफी हद संभव है कि सत्ता में वापसी करने पर हरीश रावत को ही मुख्यमंत्री की कमान सौंप दी जाए, लेकिन प्रीतम खेमा इसके लिए आसानी से तैयार नहीं होगा।


क्योंकि, वह खुद मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल बताए जाते हैं। इसके लिए पार्टी किसी ऐसे फार्मूले पर आगे बढ़ सकती है, जो दोनों खेमों को मंजूर हो। तीसरे विकल्प के तौर पर कोई अप्रत्याशित चेहरा भी सामने आ सकता है। फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रीतम सिंह का एक ही बयान सामने आ रहा है कि मुख्यमंत्री पार्टी हाईकमान को तय करना है।

हालांकि, हरीश यह जोड़ना नहीं भूलते हैं कि प्रदेश से लेकर देश तक (इशारा हाईकमान की तरफ) स्पष्ट रूप से यह जानता है कि अगर हमें जनादेश मिलता है तो वह किसके नाम पर मिला है। निश्चित तौर पर पार्टी हाईकमान इस मामले में सही फैसला लेगा। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ का कहना है कि हमने सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ा है। चुने गए विधायक अपने नेता का चुनाव करेंगे, जिस पर पार्टी हाईकमान मुहर लगाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed