Uttarakhand Election 2022: राजधानी देहरादून में स्मार्ट सिटी और मलिन बस्तियों का विनियमितीकरण बड़ा मुद्दा
सभी सियासी दल मलिन बस्तियों के मतदाताओं पर नजरें गड़ाए हुए हैं। दिनभर के प्रचार में कई मलिन बस्तियों वाले इलाके भी शामिल हैं, जहां विनियमितिकरण ही सबसे बड़ा मुद्दा है।
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विस्तार
राजधानी देहरादून के मुख्य शहर का बड़ा हिस्सा राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र में शामिल है। यहां स्मार्ट सिटी का निर्माण कार्य और मलिन बस्तियों का विनियमितिकरण सबसे प्रमुख मुद्दे हैं। मुख्य शहर के कई प्रमुख और पुराने मोहल्ले इस विधानसभा क्षेत्र में आते हैं।
यहां के प्रभावी मुद्दों को लेकर सियासी दल आमने-सामने हैं। स्थानीय मतदाता भी शहर की नब्ज को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं लिहाजा मतदाताओं का मूड भांपाना प्रत्याशियों के लिए आसान नहीं है। राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र में सौ से अधिक मलिन बस्तियां हैं। शुरूआत में नदियों के किनारे अस्थाई तौर पर बसी इन बस्तियों में आज बिजली, पानी, सड़क समेत अन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
सभी सियासी दल मलिन बस्तियों के मतदाताओं पर नजरें गड़ाए हुए हैं। दिनभर के प्रचार में कई मलिन बस्तियों वाले इलाके भी शामिल हैं, जहां विनियमितिकरण ही सबसे बड़ा मुद्दा है। इसके इतर विधानसभा के अन्य क्षेत्रों के लिए मुद्दा विकास है। शहर के मुख्य इलाकों में स्मार्ट सिटी का काम काफी समय से चल रहा है, जिसे खत्म करके सियासी दल परियोजना निर्माण का दावा कर रहे हैं।
रेसकोर्स क्षेत्र में 800 किलोलीटर और 21 मीटर स्टेजिंग ट्यूबवैल राइजिंग मेन और237 लाख की लागत से पंप हाउस निर्माण, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल को जिला चिकित्सालय बनाने की स्वीकृति और 100 बेड का अस्पताल निर्माण, राजपुर रोड क्षेत्र में 44 करोड़ की लागत से सड़कों का सौंदर्यीकरण व सुधारीकरण का कार्य, नमामि गंगे के तहत 19 करोड़ की लागत से रिस्पना और बिंदाल नदियों के इंट्रासिप्शन एंड डायवर्जन का निर्माण। इसके अलावा कई अन्य परियोजनाओं, विकास कार्यों पर काम हुआ है।
- खजान दास, भाजपा प्रत्याशी, राजपुर रोड
यह हैं विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे
अपनी सरकार में हमने मलिन बस्तियों के विनियमितिकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। दुर्भाग्य से उसके बाद हमारी सरकार नहीं आई और भाजपा ने पांच साल इन लोगों को केवल बरगलाने का काम किया। अब चुनाव का समय नजदीक आते ही भाजपा को बस्तियों के विनियमितिकरण की याद आ गई है। इसके अलावा शहर क्षेत्र की विधानसभा होने के बावजूद राजपुर रोड विकास के मोर्चे पर पिछड़ा है। हमने अपनी सरकार के समय जो काम इस क्षेत्र के लिए किए भाजपा सरकार ने उसे आते ही बंद कर दिया।
- राजकुमार, कांग्रेस प्रत्याशी, राजपुर रोड
राजपुर रोड क्षेत्र वीआईपी इलाका होने के बावजूद विकास के मोर्चे पर पिछड़ा हुआ है। अब तक भाजपा और कांग्रेस ने केवल कुुर्सी कब्जाने का काम किया है। क्षेत्र का विकास और लोगों की समस्याओं का समाधान करने की उन्होंने कभी नहीं सोची। यही कारण है कि लोग तीसरे राजनीतिक विकल्प की ओर देखने लगे हैं।
- डिंपल, आप प्रत्याशी, राजपुर रोड
मुद्दे
- हाईटेंशन लाइन के कारण कई लोगों को गंवानी पड़ी जान।
-स्मार्ट सिटी के तहत शहर में बड़े इलाके में लंबे समय से चल रहे काम।
-कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोगों को रहना पड़ता था परेशान, कई जगह अब भी परेशानी
-शहर की कई सड़कों पर जाम के कारण परेशान रहते हैं लोग, नहीं हो पाया समाधान।
-मलिन बस्तियों के विनियमितिकरण को लेकर भाजपा-कांग्रेस दोनों ही पार्टियां असहज
रायपुर का इतिहास
राजपुर रोड
कुल वोटर- 119301
सर्विस वोटर- 314
पुरुष- 62482
महिला- 56807
शहर की प्रमुख विधानसभा होने के बावजूद राजपुर रोड क्षेत्र का पूरा इलाका विकास के मामले में पिछड़ा हुआ है। स्थानीय विधायक ने पांच साल कोई ऐसा काम नहीं किया, जिसे वो अपनी उपलब्धि के तौर पर बता सकें।
-संयम गोयल, स्थानीय निवासी
भाजपा सरकार और विधायक ने पांच सालों के दौरान पूरे क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम किया। राजपुर रोड क्षेत्र मॉडल विधानसभा बनी है। जिन परियोजनाओं पर काम हो रहा हैै, अगले कुछ साल में उनका फायदा क्षेत्र को मिलेगा।
-स्वाति, राजपुर रोड