खनन पर खटपट: हरीश के बयानों में बढ़ती उम्र का असर, अब उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए- सुबोध उनियाल
सुबोध उनियाल ने आरोप लगाया कि हरीश रावत की सरकार में शराब और खनन माफिया हावी था। कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्वकाल में 157 खनन के लॉट बांटे गए।
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कैबिनेट मंत्री और शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हरीश रावत पर बढ़ती उम्र का असर साफ दिखाई दे रहा है। अब उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश रावत की सरकार में शराब और खनन माफिया हावी था। कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्वकाल में 157 खनन के लॉट बांटे गए। पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने उनियाल के आरोप को खारिज किया और कहा कि उनके कार्यकाल में एक भी लॉट आवंटित नहीं किया गया।
हरीश रावत के मुख्यमंत्रित्वकाल में 157 खनन के लॉट स्वीकृत
उनियाल भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर खनन माफिया को पनाह देने के पूर्व मुख्यमंत्री के बयान को बेबुनियाद करार दिया। सुबोध ने कहा कि कभी कभी लगता है कि आदमी अपने गिरेबां में झांकना भूल जाता है। उन्होंने सवाल किया, हल्द्वानी में एक आईएफएस अधिकारी पर डंपर चलाने का काम किसकी सरकार में हुआ था? हरिद्वार में तमाम धरने किसके नेतृत्व में सरकार में हुए थे? उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य में हमारी सरकार ने स्टोन क्रैशर के रिन्यूवल के लिए आनलाइन व्यवस्था की, ताकि पारदर्शिता बनी रही है और किसी तरह का भ्रष्टाचार न हो पाए।
उन्होंने कहा कि हरीश रावत सरकार में खनन माफिया हावी था। उन्होंने आंकड़े दिए कि वर्ष 2014 से 2017 तक हरीश रावत के मुख्यमंत्रित्वकाल में 157 खनन के लॉट स्वीकृत किए थे। जबकि वर्तमान सरकार में जुलाई 2021-22 के बाद तक एक आशय पत्र जारी हुआ। वन विकास निगम के सात लॉट और जीएमवीएन के एक लॉट का रिन्यूवल किया गया। सरकार ने कोई नया पट्टा नहीं दिया गया। शासकीय प्रवक्ता उनियाल ने कहा कि हरीश रावत बेबुनियाद बातें करते हैं। कहीं न कहीं लगता है कि वह मानसिक दिवालियापन का परिचय दे रहे हैं। बढ़ती उम्र का प्रभाव उनके बयानों में दिखने लगा है।
पूरे प्रदेश में कांग्रेस की दुर्दशा इसलिए हुई कि राज्य में शराब और खनन माफिया हावी हो गए थे। हरीश रावत बेबुनियाद बात करके जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यह उत्तराखंड की जनता है। जिसका साक्षरता दर देश में दूसरा स्थान है। रावत जी आपके कार्यकाल में क्या हुआ, यह प्रदेश की जनता भूली नहीं है। रोजगार के आंकड़ों पर उन्होंने कहा कि समय आ गया कि हरीश रावत को संन्यास ले लेना चाहिए। अभी तक कितनी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, और कितनी पाइप लाइन में इसकी पूरी जानकारी मीडिया को उपलब्ध करा दी जाएगी।
भाजपा अपने पांच साल के पापों की माफी मांग ले, मैं संन्यास ले लूंगा: हरीश
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा अपने पांच साल के पापों के लिए माफी मांग ले, मैं निश्चित तौर पर राजनीति से संन्यास ले लूंगा। उन्होंने कहा कि जहां तक खनन पट्टों का सवाल है, मेरे कार्यकाल में एक भी खनन का पट्टा जारी नहीं किया गया। हां जब नवप्रभात खनन मंत्री बने थे, उन्होंने जरूर कुछ क्रेशर को अनुमति दी थी। इसके अलावा विजय बहुगुणा के मुुख्यमंत्री रहते हुए भी कुछ खनन पट्टों को अनुमति दी गई थी।
हरीश रावत राजनीति से न लें संन्यास : पांडे
सरकारी नौकरियों पर पूर्व सीएम हरीश रावत की चुनौती को स्वीकारते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने दस हजार लोगों को नौकरी देने का ब्योरा देने का दावा किया। मंत्री ने यह भी कहा कि हरीश रावत राजनीति से संन्यास न लें, बस वो राजनीतिवश जनता के बीच भ्रामक तथ्य रखना छोड़ दें। पूर्व सीएम हरीश रावत ने हल्द्वानी में विजय संकल्प शंखनाद जनसभा में सरकार को चुनौती दी थी कि वह अपने कार्यकाल में सरकारी नौकरी पाए 3200 लोगों के नाम बता दे तो वह राजनीति छोड़ देंगे। शुक्रवार को मंत्री ने इस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बेसिक में 2648 पदों पर नियुक्तियां चल रही हैं और 1881 पदों पर दी जा चुकी हैं। माध्यमिक में एलटी के 1818 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। 1431 पदों पर प्रक्रिया जारी है। लेक्चरर के 1414 पदों पर नियुक्तियां हो चुुकी हैं। 4410 गेस्ट टीचरों को नियुक्तियां दी गई हैं।
पूर्व सीएम हरीश रावत का बयान झूठ का पुलिंदा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयानों को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में कितनी नौकरियां लगी हैं, यह हरीश रावत सूचना के अधिकार के माध्यम से जानकारी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के साढ़े चार साल के कार्यकाल में हजारों बेरोजगारों को नौकरियां मिली हैं। दो वर्ष कोरोना के कारण जो औद्योगिकीकरण होना था, वह नहीं हो पाया, लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस ओर भी प्रयास कर रहे हैं। सभी रिक्त पदों को दो महीने में भर लिया जाएगा। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा हरीश रावत की सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर था। माफियाओं का राज चल रहा था। बिना पैसे कोई काम नहीं हो रहा था। उत्तराखंड की जनता सब जानती है। इसीलिए पूर्व मुख्यमंत्री को दोनों सीटों से हराकर जनता ने उनके भ्रष्टाचारी शासन को हटा दिया। उन्होंने पूर्व मंत्री यशपाल आर्य पर आरोप लगाया कि चार वर्ष तक मंत्री रहने के दौरान उनके गलत कामों को भाजपा की ईमानदार मुख्यमंत्री ने नहीं होने दिया। उन्होंने हरीश रावत को सलाह दी कि वह अपने केंद्रीय नेता सलमान खुर्शीद को बताएं कि हिंदुत्व और आईएसआई में क्या अंतर है।