उत्तराखंड चुनाव 2022: हरीश रावत का भाजपा पर आरोप- सचिवालय में हुआ धन का खुला खेल, चुनाव आयोग के आदेशों का उल्लघंन
हरीश रावत ने कहा कि चुनाव आयोग ने आगामी चुनावों की तारीखों का एलान कर दिया। उत्तराखंड में आचार संहिता लागू है। लेकिन राज्य सरकार लगातार आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है।
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आखिरी समय में राज्य सचिवालय में धन का खुला खेल हुआ है। ट्रांसफर-पोस्टिंग में करोड़ों के वारे न्यारे किए गए। चुनाव आयोग के आदेशों का शर्मनाक तरीके से उल्लघंन किया गया। कहा कि सचिवालय में धन का जो खेल हुआ है, भ्रष्टाचार के कारण उससे आसपास का वातारण भी दूषित हो गया है।
सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेववार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि राज्य में चुनाव की घोषणा के बाद आबकारी विभाग में एक आदेश निकाला गया, जिसके जरिये करोड़ों रुपये का खेल हुआ। यह आदेश उच्च क्वालिटी की मदिरा को लेकर था, जिसके लिए आबकारी कमिश्नर तक को बदल दिया गया। आबकारी के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और सहकारिता में चहेतों को बैक डोर से पोस्टिंग दी गई। शिक्षा विभाग में शर्मनाक तरीके से छुट्टी वाले दिन कार्यालय खुलवाकर छह सौ से अधिक आदेश निकले गए, इनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है। रावत ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग को ऐसे विभागों की लिस्ट भेजकर शिकायत दर्ज करा दी है।
आखिरी समय में बड़े पैमाने पर राजनीतिक नियुक्तियां
रावत का आरोप है कि सरकार ने आखिरी समय में बड़े पैमाने पर राजनीतिक नियुक्तियां की हैं। इनकी प्रेस रिलीज और पोस्टर आचार संहिता लागू हो जाने के बाद बाहर आ रहे हैं। स्पष्ट है कि राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने के बाद यह नियुक्तियां की गई हैं, जो चुनाव आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन है। ऐसा करके सरकार किसकी आंखों में धूल झोंक रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि ऐसी सभी फाइलों को सीज किया जाए और नियुक्तियों को रद्द किया जाए। जिन अधिकारियों ने ऐसे आदेश जारी किए हैं, उनके ऊपर चुनाव आयोग नियमों के अनुसार कार्रवाई करे।
हरीश रावत ने कहा सरकार ने आनन-फानन में सांविधानिक पदों पर जो राजनीतिक नियुक्तियां की हैं, कांग्रेस के सत्ता में लौटने पर सबको रद्द करने के साथ इनकी जांच कराई जाएगी। इस जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ कांग्रेस हर तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।
हरीश रावत ने कहा कि भाजपा की ओर से प्रदेशभर के मुख्य मार्गों सहित समस्त पेट्रोल पंपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रकाशन किया गया है। चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर इन विज्ञापनों को नहीं हटाया गया है और न ही पेट्रोल पंपों पर लगे विज्ञापनों को ढका गया है। इसके अलावा राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत सस्ता गल्ला के माध्यम से वितरित की जाने वाली राशन किटों पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाकर वितरित किया जा रहा है, जो कि आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जिलों में आबकारी के अधिकारियों को भाजपा के उम्मीदवारों को मदिरा पहुंचाने का फरमान सुनाया गया है। कौन कितनी मदिरा पहुंचाएगा, इसका हिसाब-किताब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस विभाग के पास इसे रोकने की जिम्मेदारी है, यदि उसी को कैरियर बना दिया जाएगा तो यह प्रदेश मदिरामय हो जाएगा।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने विधानसभा में बैक डोर से नियुक्तियों के मामले में कहा कि अभी प्रत्यक्ष रूप से कोई मामला ऐसा सामने नहीं आया है, यदि विधानसभा में भी गाइडलाइन का दुरुपयोग हो रहा है तो यह गंभीर मामला है। एक निष्पक्ष संस्था में भी यदि ऐसा हो रहा है तो हम इसकी घोर निंदा करते हैं। वहीं, पुलिस कर्मियों को ग्रेड पे दिए जाने के मामले में उन्होंने संयम रखने की सलाह दी। कहा कि कांग्रेस सत्ता में आएगी तो उन्हें न्याय देंगे, जो उनका अधिकार है, उन्हें वापस मिलेगा।