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उत्तराखंड विस सीट परिचय: हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र है हॉटसीट, मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत ने भी लड़ा था चुनाव
Sun, 16 Jan 2022 02:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 16 Jan 2022 02:24 PM IST
सार
मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत ने भी 2017 में हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और अब कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद तीसरी बार किस्मम आजमाने की तैयारी कर रहे हैं।
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हरीश रावत
- फोटो : एएनआई फाइल फोटो
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विस्तार
हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट 2012 में अस्तित्व में आई थी। यह सीट पहले लालढांग के नाम से जानी जाती थी। तब इस सीट में लालढांग से लेकर सुल्तानपुर तक का क्षेत्र शामिल था। वर्ष 2012 में हुए परिसीमन के बाद हरिद्वार ग्रामीण सीट में केवल पथरी, श्यामपुर व लालढांग क्षेत्र रह गया।
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हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट हॉटसीट है। क्योंकि इस पर मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत ने भी 2017 में चुनाव लड़ा और अब कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद तीसरी बार किस्मम आजमाने की तैयारी कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस सीट के क्षेत्र में टिहरी विस्थापित समेत पहाड़ी क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में रहते हैं।
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अब तक चुने गए विधायक
2012- स्वामी यतीश्वरानंद - भाजपा
2017- स्वामी यतीश्वरानंद - भाजपा
मतदाताओं की संख्या-130757
पुरूष मतदाता- 69236
महिला- 61521
प्रमुख मुद्दे
- 38 वर्ष बाद भी टिहरी विस्थापितों को भूमिधर अधिकार से वंचित रहना।
- अटल उत्कृष्ट विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज पथरी में प्रधानाचार्य समेत समस्त स्टॉफ की नियुक्ति न होना।
- विस्थापित क्षेत्र पथरी क्षेत्र किसानों को जमीन का मालिकाना हक न मिलने से योजनाओं वंचित होना।
- राजकीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई जैसे प्रशिक्षण संस्थान का न होना।
- जगजीतपुर से रानी माजरा तक सिंचाई के लिए बनी करोड़ों की गंगनहर से सिंचाई का लाभ न मिलना।
वादे पूरे/अधूरे
विधायक निधि और जिला योजना से क्षेत्र में सड़कों का निर्माण करने का वादा तो पूरा हुआ। पर पथरी तक विस्थापित लोगों के लिए परिवहन निगम की बसें चलाने का वादा आज तक अधूरा पड़ा हुआ है।
-सीता देवी, बादशाहपुर
नमामि गंगे योजना से करोड़ों रुपए खर्च कर खेतों में सिंचाई के लिए गंगनहर का निर्माण किया गया था। निर्माण के तुरंत बाद नाला टूटने से किसानों को इसका लाभ नहीं मिला है।
-अनिल कुमार, बहादरपुर जट्ट
हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा विकास की दौड़ में काफी पीछे हैं। आज भी कई स्थानों पर सड़क व पानी आदि की समस्या बनी हुई है। जन प्रतिनिधियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
- प्रवेश सैनी, शेरपुर
विकास कार्य तो हुए हैं, पर विस्थापित लोग आज भी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। जैसे भूमिधरी का अधिकार नहीं मिलना, यातायात सुविधा नहीं होना आदि शामिल है।
- रविंद्र सिंह, आदर्श टिहरी नगर
बहादरपुर जट्ट में स्पोर्ट्स स्टेडियम व डिग्री कॉलेज की सौगात, एकड़ कलां में पथरी रोह नदी व लालढांग में रसावन नदी पर पुल का निर्माण, हरिद्वार लक्सर मार्ग के अलावा क्षेत्र में अन्य कई मार्गों पर सड़कों का निर्माण, मिस्सरपुर से लेकर बिशनपुर से होते हुए भोगपुर तक गंगा किनारे तटबंध और सोलर फेंसिंग तारबाड़ का निर्माण, कई गांवों में पानी की टंकी का निर्माण आदि कार्य कराए हैं।
- स्वामी यतिश्वरानंद, विधायक, हरिद्वार ग्रामीण
(हरीश रावत, पूर्व सीएम और प्रतिद्वंद्वी हैं, हरीश रावत को फोन किया गया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ)