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Uttarakhand Election 2022: दिग्गजों के अखाड़े से ग्राउंड रिपोर्ट, आप के टिकट पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी ने बनाया मुकाबला रोचक

Tue, 08 Feb 2022 03:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal चंद्रेश पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
चंद्रेश पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 08 Feb 2022 03:26 PM IST
सार

पिछली बार भाजपा से लड़े संजीव इस बार कांग्रेस तो कांग्रेस से लड़ीं सरिता इस बार भाजपा से भर रही हैं दम।

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Uttarakhand Election 2022: Ground report from the arena of veterans, candidate contesting on AAP ticket made the contest interesting
आप कांग्रेस बीजेपी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नैनीताल विधानसभा की आरक्षित सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधे मुकाबले को आप के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हेम आर्या ने रोचक बना दिया है। इसकी वजह यह भी है कि इस बार कांग्रेस और भाजपा दोनों ने प्रत्याशियों के दल बदल गए हैं। बसपा और उक्रांद ने भी यहां प्रत्याशी खड़े किए हैं।

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कांग्रेस ने हाल ही में भाजपा छोड़कर आए पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के पुत्र और पिछले चुनाव में भाजपा से विधायक चुने गए संजीव आर्य को प्रत्याशी बनाया है। संजीव का यह लगातार दूसरा चुनाव है, जबकि भाजपा ने कांग्रेस छोड़कर कमल थामने वाली और पूर्व में विधायक रह चुकीं सरिता आर्या पर दांव खेला है।
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दूसरी ओर लंबे समय तक कांग्रेस और उसके बाद भाजपा में रहे हेम आर्या ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र खरीदा था लेकिन नामांकन के आखिरी दिन उन्हें आम आदमी पार्टी ने शामिल करके उम्मीदवार घोषित कर दिया।
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चंद घंटे के भीतर ही पूर्व घोषित प्रत्याशी डॉ. भुवन चंद्र आर्या का टिकट कट गया। उक्रांद ने ओम प्रकाश और बसपा ने राजकमल सोनकर को मैदान में उतारा है। सरिता आर्य ने वर्ष 2012 में कांग्रेस के टिकट पर भाजपा प्रत्याशी हेम आर्य को हराया था, जबकि वर्ष 2017 में भाजपा प्रत्याशी संजीव आर्य ने कांग्रेस की सरिता को लगभग सात हजार वोटों से पटकनी दी थी।

गायब हैं स्थानीय मुद्दे: इस चुनाव में स्थानीय मुद्दे गायब हैं। कांग्रेस ने डबल इंजन की विफलता को मुद्दा बनाया है तो भाजपा मोदी और धामी के चेहरे को लेकर रण में है। चूंकि कांग्रेस, भाजपा और आप के तीनों प्रत्याशियों ने दलबदल किया है, लिहाजा उन्हें लेकर मतदाताओं के मन में दुविधा भी नजर आ रही है कि वे पार्टी को देखें या फिर दलबदल करने वाले इन चेहरों को देखकर वोट दें।

मल्लीताल में मिले कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी विकास पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि जनता बदलाव चाहती है। होटल व्यवसायी कमल जगाती कहते हैं कि बेहतर होता क्षेत्रीय दल के रूप में उक्रांद मजबूत होता तो शायद स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जा सकता था।

डीएसबी परिसर के छात्र पवन मेहरा का कहना है कि भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर हिंदुत्व के मुद्दे को तवज्जो दी है जिसका लाभ उसे स्थानीय स्तर पर भी मिल सकता है। भवाली निवासी मनोज नयाल का कहना है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और विधायक रहते पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने बेतालघाट ब्लॉक में खूब विकास कार्य किए हैं, जिनका लाभ इस चुनाव में उनके बेटे संजीव को मिल सकता है।

माल रोड में चहलकदमी करते मिले वृंदावन स्कूल के संचालक आलोक साह कहते हैं कि लड़ाई तो भाजपा और कांग्रेस में ही है। आलोक कहते हैं कि भाजपा व कांग्रेस के कैडर वोट को हटा दें तो आम मतदाता असमंजस की स्थिति में है क्योंकि तीनों प्रत्याशी दलबदल वाले हैं।

ये हैं स्थानीय मुद्दे

- बलियानाला में वर्षों से हो रहे भूस्खलन की रोकथाम।
- भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे सैकड़ों परिवारों का पुनर्वास।
- बीडी पांडे अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन का अभाव।
- भारी भरकम बिजली के बिल।
- यातायात और पार्किंग की समस्या।
- भवाली स्थित सैनिटोरियम अस्पताल का समुचित उपयोग

राज्य बनने से पहले ये जीते चुनाव
- वर्ष 1957 व 1962 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से नारायण दत्त तिवारी।
- वर्ष 1967 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से केपी सिंह।
- वर्ष 1969 में कांग्रेस से डुंगर सिंह।
- वर्ष 1974 में कांग्रेस से बाल कृष्ण सनवाल।
-वर्ष 1977 में जनता पार्टी से राम दत्त जोशी।
- वर्ष 1980 में कांग्रेस से शिवनायारण सिंह नेगी।
- वर्ष 1985 व 1989 में कांग्रेस से किशन सिंह तड़ागी
- वर्ष 1991, 1994 व 1996 में भाजपा से बंशीधर भगत

राज्य गठन के बाद ये रहे विधायक

-वर्ष 2002 में उक्रांद के डा.नारायण सिंह जंतवाल।
- वर्ष 2007 में भाजपा के खड़क सिंह बोहरा।
- वर्ष 2012 में कांग्रेस की सरिता आर्या।
- वर्ष 2017 में भाजपा के संजीव आर्य।

2017 में किसे कितने मिले वोट
संजीव आर्य (भाजपा) 30036
सरिता आर्या (कांग्रेस) 22789
हेम आर्या (निर्दलीय) 5505
केएल आर्या (निर्दलीय) 1035
सुंदर लाल (बसपा) 997
 
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