Uttarakhand Election 2022: भाजपा के दृष्टिपत्र से कर्मचारी वर्ग मायूस, पुरानी पेंशन का मुद्दा गायब
पुरानी पेंशन से लेकर किसी भी मुद्दे पर भाजपा ने अगले पांच साल का कोई खाका कर्मचारियों के सामने नहीं रखा है। संगठनों ने इसे चिंताजनक करार दिया है।
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भाजपा के दृष्टि पत्र से प्रदेश के कर्मचारी वर्ग को मायूसी हाथ लगी है। पुरानी पेंशन से लेकर किसी भी मुद्दे पर भाजपा ने अगले पांच साल का कोई खाका कर्मचारियों के सामने नहीं रखा है। संगठनों ने इसे चिंताजनक करार दिया है।
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने कहा कि एनपीएस कार्मिकों को उम्मीद थी कि भाजपा अपने घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन की बात प्रमुखता से रखेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा ने लाखों एनपीएस कार्मिकों की पीढ़ा को नजरंदाज किया। जिससे सभी एनपीएस कार्मिकों में मायूसी छा गई।
कहा कि एक तरफ विधायक, सांसद, राजकोष का पैसा अपने ऊपर खूब खर्च कर रहे हैं, विधायक, सांसद को जीवन भर पुरानी पेंशन और एनपीएस कार्मिक को पेंशन नहीं टेंशन देने का काम किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने कहा है कि भाजपा पार्टी कार्मिकों का हित नहीं चाहती।
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जबकि देश हित में एनपीएस कार्मिक सदैव अग्रणी भूमिका में रहे हैं। कोरोना संकट में सबसे आगे एनपीएस कार्मिक रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों मे एनपीएस कार्मिकों की भूमिका निर्णायक होगी। कहा कि अपनी मांग के लिए एनपीएस कार्मिक अब समझ चुका है कि पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे पर कौन गंभीर है।
वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 3600 करने का वादा
देहरादून। भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में वृद्धावस्था पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 3600 रुपये करने का वादा किया है। कहा गया है कि तीन तलाक पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाएगा।
भाजपा ने दृष्टि पत्र में कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिए श्रवण नामक 10 हजार समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का एक नया वर्ग स्थापित करेंगे।
उन्हें स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी करने, अस्पताल जाने में सहायता करने और दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों से दुर्व्यवहार की रोकथाम के लिए एक हॉटलाइन नंबर जारी करेंगे। मोक्षदा तीर्थ यात्रा योजना के तहत भारतीय रेलवे के सहयोग से विशेष तीर्थयात्रा कार्यक्रम चलाएंगे।
इसके तहत राज्य के सभी वरिष्ठ नागरिकों को चारधाम, काशी विश्वनाथ, अयोध्या, श्रीराममंदिर, रामेश्वरम, स्वर्ण मंदिर, मदुरै मीनाक्षी मंदिर, जगन्नाथ पुरी और कामाख्या मंदिर की यात्रा के लिए दस हजार रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।
कुछ अन्य वादे
-सफाई कर्मचारियों और उनके आश्रितों का एक लाख रुपये तक कर्ज माफ करेंगे।
-50 करोड़ रुपये के कोष से पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम की स्थापना करेंगे।
-एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षित खाली पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी।
-एनटीएसई और केवीपीवाई परीक्षाओं में एससी, एसटी और ओबीसी के 25 शीर्ष छात्रों को पांच हजार।
-तीन नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, दिव्यांगों को असीमित मुफ्त बस यात्रा सुविधा।
-असंगठित मजदूरों और गरीबों की छह हजार तक की पेंशन, पांच लाख का बीमा कवर।
-व्यावसायिक वाहन चालकों और सहायकों को दो लाख का दुर्घटना बीमा।
-सौ करोड़ की लागत से दुकानदारों और व्यापारियों के लिए वेलफेयर बोर्ड का गठन।
-पंजीकृत पारलैंगिक व्यक्तियों को एक हजार रुपये हर महीने भत्ता।