उत्तराखंड चुनाव 2022: तीन साल से एक जगह तैनात अधिकारी हटाएं, दिसंबर में लग सकती है आचार संहिता
Uttarakhand Election 2022: चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि उन्हें आशा है कि ऐसा कोई भी अधिकारी चुनाव ड्यूटी के साथ जुड़ा नहीं रहेगा या उसकी तैनाती नहीं होगी, जिसके खिलाफ अदालत में कोई आपराधिक मामला लंबित हो।
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उत्तराखंड विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू और मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या को एक पत्र भेजा है। इसमें निर्देश दिए हैं कि जो अधिकारी पिछले तीन साल से एक ही जगह तैनात हैं, उन्हें हटाया जाए।
चुनाव आयोग की ओर से आए पत्र के मुताबिक, उत्तराखंड में विधानसभा की अवधि 23 मार्च 2022 को खत्म होने जा रही है। इससे पहले विधानसभा चुनाव संपन्न होने हैं, जिसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। पत्र में मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने गृह जिलों में तैनात अधिकारियों और पिछले चार साल के दौरान तीन साल एक ही जिले में तैनात अधिकारियों का तबादला करें।
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लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग की ओर से आमतौर पर निर्देश जारी किए जाते हैं ताकि अधिकारी किसी भी तरीके से चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप न करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया निष्पक्ष व स्वतंत्र बनी रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने इसकी पुष्टि की।
दिसंबर माह में लग सकती है आचार संहिता
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता दिसंबर माह में लग सकती है। राज्य का निर्वाचन विभाग चुनावी तैयारियों में जुट गया है। मतदाताओं सूचियों को अपडेट करने का काम चल रहा है।
सरकार पहले से ही तैयार
चुनाव आयोग के निर्देश आने से पहले ही प्रदेश में तबादलों का सिलसिला जारी है। इसके तहत लगातार अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं। आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के अलावा पीसीएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। हालांकि चुनाव आयोग के इस आदेश के बाद अभी कई और अधिकारियों के तबादले किए जाएंगे। अब कार्मिक विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है।