फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Election 2022: bureaucratic taking feedback for Knowing which party will form the government

Uttarakhand Election 2022 : जिसमें होगा दम, उसके संग होंगे हम, चुनावी हवा का रुख भांप रही है नौकरशाही

Sat, 19 Feb 2022 03:28 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 19 Feb 2022 03:28 PM IST
सार

नौकरशाह भी अपनी सरकारी मशीनरी के जरिये रुझान टटोल रहे हैं। मीडिया के लोगों से भी जानने का प्रयास हो रहा है कि प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी।

विज्ञापन
Uttarakhand Election 2022: bureaucratic taking feedback for Knowing which party will form the government
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में सत्ता की बागडोर प्रदेश के मतदाताओं ने किस दल को सौंपी है, इस प्रश्न का उत्तर बेशक 10 मार्च को मिलेगा, लेकिन राज्य के प्रशासनिक तंत्र को चलाने वाली नौकरशाही को वक्त रहते चुनावी हवा का रुख भांपने की कोशिश कर रही है।

विज्ञापन


प्रदेश के सरकारी तंत्र में नौकरशाही का यही ही सिद्धांत रहा है जिसमें होगा दम, उसके संग होंगे हम। राजनीतिक दलों के दफ्तरों व सचिवालय के गलियारों और सरकारी दफ्तरों में इन दिनों एक प्रश्न का उत्तर जानने की बेताबी और कसरत हो रही है।
विज्ञापन


किस नेता की होगी मुख्यमंत्री बनने की संभावना सबसे ज्यादा
रुझानों, बातचीत और राजनीतिक विश्लेषणों के जरिये यह अनुमान लगाने की कोशिशें हो रही है कि प्रदेश की जनता ने सत्ता की कमान आखिर किस राजनीतिक दल के हाथों में सौंपी है।  उत्तर जानने की यही बेताबी प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र के सबसे मुख्य सूत्रधार नौकरशाही में भी दिखाई दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Election 2022 : यूपी में प्रचार करेंगे भाजपा के 80 नेता, क्यों जाना पड़ा सीएम धामी और कौशिक राज्य से बाहर, पढ़िए...

नौकरशाह तो वक्त रहते हवा का रुख भांप लेना चाहते हैं। राजनीतिक दलों के नेता जहां अपने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर नतीजों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं तो नौकरशाह भी अपनी सरकारी मशीनरी के जरिये रुझान टटोल रहे हैं।

मीडिया के लोगों से भी जानने का प्रयास हो रहा है कि प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी। उत्सुकता इस को जाने की भी है कि भाजपा या कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री बनने की संभावना सबसे ज्यादा किस नेता की होगी।

सत्ता बदलते ही बदल जाता है नौकरशाहों का रसूख   

उत्तराखंड में सत्ता बदलते ही नौकरशाहों का रसूख बदल जाता है। भाजपा सरकार में तीन बार नेतृत्व परिवर्तन के दौरान नौकरशाही में हुआ बदलाव इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार में तो मुख्य सचिव व अपर मुख्य सचिव स्तर के नौकरशाहों से लेकर तमाम कद्दावर नौकरशाहों की कुर्सियां बदल दी गई थीं। नौकरशाही को ताश के पत्तों की तरह फेंटा गया था। चतुर्थ तल जहां मुख्यमंत्री बैठते हैं, वहां सारे प्रमुख ओहदों पर नए नौकरशाहों को तैनात कर दिया गया था। 

कभी आमने-सामने तो कभी एक-दूजे के लिए नौकरशाही
भाजपा सरकार में नौकरशाही और लोकशाही कभी एक-दूसरे के आमने-सामने होती दिखी तो कभी एक-दूजे के लिए भी नजर आई। सरकार के ही मंत्रियों ने अपने विभागों में उन नौकरशाहों की तैनाती को तरजीह दी, जिनसे उनकी खूब पटरी बैठी। सियासी जानकारों मानना है कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही नौकरशाहों को लेकर ये पसंद और नापसंद बदलती रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed