फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand effect in west up seats

उत्तराखंड के नेता जिताएंगे यूपी की सीटों पर चुनाव!

Sun, 06 Apr 2014 11:54 PM IST
बसंत कुमार/अमर उजाला, रुड़की
बसंत कुमार/अमर उजाला, रुड़की Updated Sun, 06 Apr 2014 11:54 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand effect in west up seats

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य के लोगों के बीच रोटी-बेटी के संबंधों को राजनीतिक दल भी खूब भुना रहे हैं।

विज्ञापन


सभी प्रमुख दलों ने स्थानीय नेताओं को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार-प्रसार में लगा दिया है। दस अप्रैल को होने वाले प्रथम चरण के चुनाव में उत्तराखंड के स्थानीय नेताओं ने यूपी में डेरा डाल रखा है।

उत्तराखंड को अलग हुए 13 साल का समय गुजर गया है, लेकिन आज भी हरिद्वार जनपद की अधिकांश पुरानी एवं नई रिश्तेदारियां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, शामली, मुरादाबाद आदि जिलों में हैं। लाखों की संख्या में उत्तराखंड के रिश्तेदार यूपी के इन क्षेत्रों में बसे हुए हैं।

विज्ञापन

दस लोकसभा सीटों पर है इनका असर

uttarakhand effect in west up seats

दस अप्रैल को होने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दस लोकसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए भाजपा, कांग्रेस, बसपा एवं सपा ने जनपद के नेताओं को इन क्षेत्रों में पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के चुनाव में प्रचार में भेजा हुआ है।

भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य सुशील त्यागी एवं रुड़की नगर मंडल युवा मोर्चा के मंडलाध्यक्ष वरूण त्यागी मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी डा. संजीव बालियान के पक्ष में चरथावाल ब्लाक के त्यागी बाहुल्य क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

कांग्रेस के पूर्व जिला महासचिव ठाकुर विरेंद्र सिंह समेत उनके साथ कई कांग्रेसी नेता सहारनपुर में पार्टी प्रत्याशी इमरान मसूद के लिए वोट मांग रहे हैं। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष मेघराज जरावरे एवं सपा के युवजन सभा के राष्ट्रीय महामंत्री चंद्रशेखर यादव तो एक तरफा ही प्रत्याशियों को ज‌िताने के लिए पिछले एक करीब सप्ताह से यूपी में ही डटे पड़े हैं।

जातियों के हिसाब से भेजा जा रहा क्षेत्रों में

uttarakhand effect in west up seats

पार्टी की ओर से नेताओं को जातियों के हिसाब से यूपी के लोकसभा क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। जिस क्षेत्र में जो जातियां अधिक हैं, उन क्षेत्रों में यूके उन्हीं जातियों के बड़े नेताओं को भेजा जा रहा है।

ये नेता अपनी जातियों के लोगों के साथ बैठकें कर अपनी पार्टियों के प्रत्याशियों के पक्ष में वोट करने की अपील रिश्तेदारों से कर रहे हैं।

लेकिन देखना यह होगा कि पार्टी की ओर से भेजे जा रहे नेताओं का कितना जादू किस पार्टी के सिर चढ़कर बोलता है और यूपी के प्रत्याशियों को कौन कितनी वोट दिला पाता है।

विज्ञापन

बाद में चुनाव का भी मिल रहा लाभ

uttarakhand effect in west up seats

पश्चिमी यूपी की दस सीटों एवं उत्तराखंड में चुनाव की तिथियों में करीब एक माह का अंतराल होने का भी पार्टियों का फायदा मिल रहा है।

पढ़ें, कांग्रेस की नौंवी सूची में उत्तराखंड को मिले दो नाम

पश्चिमी यूपी में जहां दस अप्रैल को मतदान होना है वहीं उत्तराखंड में सात मई को चुनाव है। जिसमें एक माह का अंतर होने से यूके के नेता आराम से अधिक से अधिक समय यूपी चुनाव में दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed