उत्तराखंड के शिक्षामंत्री हुए गुमशुदा!
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उत्तराखंड के शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी इन दिनों गुमशुदा हैं। टिहरी और दून पुलिस को लाख कोशिश के बाद भी वे नहीं मिल पा रहे हैं।
कोर्ट ने मंत्री के खिलाफ कुर्की और गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। पुलिस ने कोर्ट को दी आख्या में बताया है कि रिपोर्ट में दर्ज पते पर मंत्री नहीं रहते हैं।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार ने इसे खेद और विडंबना का विषय बताया है। वारंट जारी होने के बावजूद मंत्री के अदालत में हाजिर न होने पर सीजेएम ने डीजीपी और मुख्य सचिव को भी पत्र लिखा था।
उन्होंने पुलिस से आदेश तामील कराने को कहा था। इसके बावजूद दून और टिहरी पुलिस ने गिरफ्तारी अधिपत्र और समन को तामील नहीं कराया।
दर्ज पते पर भी नहीं मिले मंत्रीजी
थानाध्यक्ष कोतवाली नई टिहरी ने सीजेएम को भेजी आख्या में बताया है कि मंत्री प्रसाद नैथानी अब वहां नहीं रहते हैं। उनकी कोई चल अचल संपत्ति भी वहां नहीं है।
पुलिस की आख्या पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार ने आश्चर्य जताया। 24 सितंबर जारी आदेश में उन्होंने कहा कि यह खेद का विषय है कि जो व्यक्ति सरकार में मंत्री है।
उस पर न्यायालय द्वारा भेजे गए अधिपत्र का निष्पादन नहीं हो पा रहा है। अदालत ने कहा कि यह न केवल पुलिस की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह है बल्कि यह भी दर्शाता है कि महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति न्यायालय के आदेश की तामिल से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
डीजीपी को भेजी आख्या
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार ने आदेश की एक प्रति पुलिस आख्या सहित डीजीपी और मुख्य सचिव को उचित कार्रवाई के लिए भेजने के आदेश दिए हैं।
फिर कुर्की का आदेश
पुलिस की आख्या के बाद सीजेएम ने एक बार फिर शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी सहित अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट और कुर्की के आदेश जारी किए हैं।
यह था मामला
विकल्पधारी शिक्षकों को उत्तर प्रदेश भेजने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रशिक्षित बेरोजगार महासंघ ने मंत्री प्रसाद नैथानी के नेतृत्व में दस अप्रैल 2001 को विधानसभा कूच किया था। आरोप है कि पुलिस ने रिस्पना पुल के पास उन्हें रोकने का प्रयास किया तो पुलिस पर पथराव किया गया।
साथ ही वाहनों में तोड़फोड़ की गई। थाना डालनवाला पुलिस ने मंत्री प्रसाद नैथानी सहित 22 लोगों के खिलाफ धारा 336 (पथराव), 427 सरकारी संपत्ति को नुकसान, 147 (बलवा) और 148 हथियार लेकर बलवा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।