उत्तराखंड शिक्षा विभाग: एक्ट दरकिनार, गंभीर बीमार शिक्षक करते रह गए तबादलों का इंतजार
प्रदेश में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के तबादलों में पारदर्शिता के लिए तबादला एक्ट बना है। एक्ट के मुताबिक सुगम और दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के तय समय बाद अनिवार्य और अनुरोध के आधार पर तबादले किए जाते हैं।
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तबादला एक्ट को ताक पर रखकर अक्सर चहेते शिक्षकों के मनमाने तबादलों के लिए चर्चाओं में रहने वाले शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजीब हैं। विभाग ने धारा 27 के तहत गंभीर बीमार एवं अन्य शिक्षकों से आवेदन तो मंगाए लेकिन शिक्षा सत्र की समाप्ति के बावजूद इन आवेदनों को आगे नहीं बढ़ाया। शिक्षा महानिदेशालय ने शिक्षा निदेशक को अब इन प्रकरणों को शासन को भेजने को कहा है।
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प्रदेश में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के तबादलों में पारदर्शिता के लिए तबादला एक्ट बना है। एक्ट के मुताबिक सुगम और दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के तय समय बाद अनिवार्य और अनुरोध के आधार पर तबादले किए जाते हैं। इसके अलावा एक्ट में धारा 27 की व्यवस्था है। जिसमें वे मामले आते हैं। जो तबादला एक्ट की सामान्य व्यवस्था के तहत नहीं आते। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति इन तबादलों पर निर्णय लेती है।
विभाग ने शैक्षिक सत्र 2022-23 के लिए धारा 27 के तहत आवेदन मांगे थे। माध्यमिक में लगभग 1500 से अधिक गंभीर बीमार और अंतर मंडलीय तबादलों के लिए शिक्षकों ने शिक्षा निदेशालय को आवेदन भेजा, लेकिन शिक्षा निदेशालय से इन आवेदनों का प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा। जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले में अब अपर निदेशक शिक्षा महानिदेशालय रामकृष्ण उनियाल ने शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि धारा 27 के तहत अधिकतर प्रस्ताव निदेशालय स्तर पर लंबित हैं। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
शिक्षक के पत्र के बाद हरकत में आया विभाग
राजकीय शिक्षक संघ शाखा एससीईआरटी के अध्यक्ष डॉ. अंकित जोशी ने इस मामले में शिक्षा महानिदेशक को पत्र लिखकर उन्हें स्थिति से अवगत कराया था। शिक्षक के पत्र के बाद अब जबकि शिक्षा सत्र 2022-23 समाप्ति पर है। विभाग को बीमार शिक्षकों के तबादलों की याद आई। शिक्षक डॉ. अंकित जोशी के मुताबिक अंतर मंडलीय एवं बीमार शिक्षकों के तबादले तय समय पर किए जाने चाहिए थे।
समिति की सिफारिश के बाद भी नहीं हुए तबादले
एक अन्य मामले में शिक्षा विभाग की ओर से 19 फरवरी 2020 को आदेश जारी कर विभाग ने गंभीर बीमार शिक्षकों के तबादलों के लिए आवेदन मांगे थे। धारा 27 के तहत तबादलों के लिए 22 मार्च 2021 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने कुछ शिक्षकों के तबादलों की सिफारिश की थी, लेकिन इन शिक्षकों के अब तक तबादले नहीं हुए।
जो प्रस्ताव आए थे स्क्रीनिंग न होने की वजह से उन्हें शासन को नहीं भेजा जा सका है, प्रस्ताव शिक्षा महानिदेशालय की ओर से शासन को भेजे जाने हैं। महानिदेशालय की ओर से इस संबंध में पत्र आया है। इन प्रस्तावों को अब भेजा जाएगा।
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक