फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   uttarakhand eco tourist circuit will be world class

वर्ल्ड क्लास बनाई जाएंगी उत्तराखंड की 32 इको टूरिस्ट सर्किट

Thu, 16 Jun 2016 02:53 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 16 Jun 2016 02:53 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand eco tourist circuit will be world class
- फोटो : demo pic

गढ़वाल और कुमाऊं मंडल की 32 इको टूरिस्ट सर्किट अब वर्ल्ड क्लास बनाई जाएंगी। अभी तक पर्यटकों की नजरों से दूर इन दर्शनीय स्थलों पर सुविधाएं विकसित करने और इन्हें विश्व पटल पर लाने के लिए उत्तराखंड इको टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड के गठन संबंधी आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी बोर्ड के गठन की तैयारी शुरू हो गई।

विज्ञापन


वनों और वन्य जीव स्थलों को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी अब यह कंपनी संभालेगी। इससे प्रदेश की आर्थिकी के मजबूत होने के साथ पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन पर अंकुश लगेगा। उत्तराखंड के बहुत से ऐसे प्राकृतिक स्थल हैं जो गुमनामी में हैं। ऐसे बेशकीमती दर्शनीय स्थलों को सामने लाने की रणनीति राज्य सरकार ने बनाई है।
विज्ञापन


इसकी जिम्मेदारी वन विभाग के बजाय अब अलग से गठित एक कंपनी को दी जा रही है। वन विभाग ने सर्वे कर ऐसी 32 इको सर्किट चिह्नित की हैं। इनमें 16 गढ़वाल और 16 कुमाऊं में हैं। इन सर्किटों का विकास कायदे से हो सके और बाहर से आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं मिलें आदि व्यवस्था के लिए कैबिनेट ने कारपोरेशन बनाने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


फरवरी में कैबिनेट ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था। शासन ने इस संबंध में अब शासनादेश जारी किया है। इसके साथ ही कंपनी एक्ट के तहत बोर्ड के गठन की तैयारी शुरू हो गई है। इको टूरिज्म स्थलों पर प्राथमिकता के आधार स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाएगा। पर्यटकों को रहने, खाने आदि की व्यवस्था इन्हीं क्षेत्रों में रहेगी। यहां व्यापारिक गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी। शासनादेश में कहा गया है कि उत्तराखंड इको टूरिज्म कारपोरेशन में राज्य सरकार के शेयर की हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम नहीं होगी।

कंपनी का स्वरूप
कंपनी एक्ट के तहत उत्तराखंड इको टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल में कम से कम तीन या सात निदेशक होंगे। चेयरमैन अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण रहेंगे। कंपनी के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भारतीय वन सेवा के अधिकारी को दी जाएगी। कंपनी की शुरुआती पूंजी कम के कम पांच करोड़ रुपये होगी।


शासनादेश जारी हो गया है, कंपनी एक्ट के तहत पंजीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इको सिस्टम प्रदेश की बेशकीमती संपदा है। इससे राज्य की आर्थिकी मजबूत होगी।
- डॉ. कपिल जोशी, मुख्य वन संरक्षक (इको टूरिज्म)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed