फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand disaster: Harish Rawat told for do protest against Government

उतराखंड आपदा: हरीश रावत बोले- 10 दिन में प्रभावितों को राहत नहीं दी तो सरकार के खिलाफ करूंगा उपवास 

Fri, 22 Oct 2021 10:42 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 22 Oct 2021 10:42 PM IST
सार

शुक्रवार को पूर्व सीएम रावत ने पत्रकार वार्ता में कहा कि आपदा के बाद इस समय युद्ध स्तर पर राहत कार्य होने चाहिए थे लेकिन सरकार कोई कार्य नहीं कर रही है।

विज्ञापन
Uttarakhand disaster: Harish Rawat told for do protest against Government
हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

नैनीताल पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा कर सब जल्द ठीक होने की बात कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कहा कि अगर 10 दिनों के भीतर सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों को राहत नहीं पहुंचाई गई, तो कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ उपवास पर बैठेगी।

विज्ञापन


शुक्रवार को पूर्व सीएम रावत ने पत्रकार वार्ता में कहा कि आपदा के बाद इस समय युद्ध स्तर पर राहत कार्य होने चाहिए थे लेकिन सरकार कोई कार्य नहीं कर रही है। कहा कि केंद्र सरकार को आर्थिक पैकेज भी जारी करना चाहिए। पांच दिन बीत चुके हैं लेकिन सरकार अभी तक आपदा में मरने वालों के शवों को मलबे से निकाल तक नहीं पाई है।
विज्ञापन


उत्तराखंड आपदा: कुमाऊं में पांच और गढ़वाल में दो और मौतें, मृतकों की संख्या पहुंची 75
विज्ञापन
विज्ञापन


रावत ने कहा कि 36 घंटे पहले अलर्ट जारी होने के बाद भी सरकार ने नदियों के किनारे और असुरक्षित क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था करना तो दूर चेतावनी तक नहीं दी। इसके चलते कई लोगों की जान चली गई और कई लोग बेघर हो गए।

रावत ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के लोगों का जाना हाल
पूर्व सीएम हरीश रावत ने शुक्रवार को नैनीताल के बलियानाला क्षेत्र में हुए भूस्खलन से प्रभावित हरिनगर क्षेत्र के लोगों का हाल जाना। रावत ने कहा कि राज्य सरकार आपदा ग्रस्त क्षेत्र के लोगों को मदद देने में फेल साबित हुई है। सरकार को नैनीताल जिला समेत प्रदेश के सभी प्रभावित क्षेत्रों को आपदा ग्रस्त क्षेत्र घोषित करना चाहिए था लेकिन सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वहीं रावत ने बलियानाला क्षेत्र में हुए भूस्खलन के संबंध में डीएम धीराज गर्ब्याल से फोन पर बात की। इस दौरान हरिनगर से विस्थापित लोगों को प्राथमिक संसाधन देने की बात की। 

प्रभावितों तक फौरी मदद नहीं, नेता पहुंचे : हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आपदा प्रभावितों तक मदद पहुंचाना मुख्य उद्देश्य होना चाहिए, लेकिन आपदा के पांचवें दिन भी रुद्रपुर में प्रभावितों तक मदद नहीं पहुंची है। अब तक सिर्फ नेता ही पहुंचे हैं। कहा कि प्रभावितों को फौरी सहायता के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए जाएं ताकि लोग कपड़े, खाने-पीने का इंतजाम कर सकें। किसानों को फसल नुकसान की एवज में 50 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जाएं। सरकार लचीला रुख अपनाए और टूटा हुआ धान खरीदे। मंडियों में किसानों की ओर से लाए जाने वाले धान में नमी और डैमेज के मानकों में बदलाव करे। 

शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित बस्तियों की हालत चिंताजनक है। बस्तियों में सफाई और दवा का छिड़काव नहीं हुआ तो डेंगू सहित अन्य बीमारियां हो सकती हैं। कांग्रेस सरकार ने आपदा के समय मानकों में बदलाव किया था और बदले मानकों पर ही प्रभावितों को सहायता दी थी। कहा कि गृह मंत्री ने 36 घंटे पहले ही आपदा की चेतावनी जारी कर देने की बात कही है, लेकिन चेतावनी के बाद भी सरकार का आपदा प्रबंधन फेल साबित हुआ है। 

इससे पूर्व उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ डीएम रंजना राजगुरू से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कहा कि आपदा में हुए नुकसान का आकलन कर राज्य और केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाए ताकि प्रभावितों को नुकसान का मुआवजा समय से मिले। कहा कि व्यापारियों को भी आपदा में भारी नुकसान हुआ है और इसका भी आकलन कर मुआवजा दिया जाए। बैंकों से लिए गए ऋण को माफ किया जाए। राइस मिलर्स का धान पूरी तरह खराब हो चुका है और उनको भी सहायता मिलनी चाहिए। वहां पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तिलकराज बेहड़, हिमांशु गावा, संदीप चीमा, सीपी शर्मा, जगदीश तनेजा, मीना शर्मा, अरुण पांडेय, रजत बांबा, बबीता बैरागी सहित अनेक मौजूद रहे। 

प्रभावितों की मदद के लिए दिया 50 हजार का चेक
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कार्यकर्ताओं के साथ आपदा प्रभावित संजयनगर खेड़ा का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि घरों में बर्बादी का आलम है। सामान इस कदर खराब हो चुका है कि कोई कबाड़ी भी उसे नहीं खरीदेगा। यह तबाही सबसे प्रतिष्ठित शहर की है। उन्होंने महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा को 50 हजार रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रभावितों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा। महानगर अध्यक्ष ने बताया कि इस धनराशि के अलावा कार्यकर्ता रुपये जुटाकर प्रभावितों के भोजन की व्यवस्था करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed