Uttarakhand: शहरी विकास निदेशालय को नवंबर तक करने होंगे तीन बड़े बदलाव, तभी मिलेगा केंद्र से पैसा
निकायों के लिए केंद्र से मिलने वाली ग्रांट में ये शर्त तय की गई कि नवंबर तक तीन सुधारात्मक कदम उठाने होंगे। निकायों में डबल एंट्री सिस्टम लागू होगा। यानी निकायों के खर्च के साथ कमाई का पूरा ब्योरा रखा जाएगा।
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उत्तराखंड के नगर निकायों के लिए शहरी विकास निदेशालय को नवंबर तक तीन बड़े बदलाव करने होंगे, तभी केंद्र से ग्रांट मिल सकेगी। निदेशालय ने तेजी से इन बदलावों पर काम शुरू कर दिया है। वहीं, वर्ल्ड बैंक की योजनाओं के परफॉर्मेंस पर विभाग को 26.80 करोड़ रुपये मिलेंगे।
दरअसल, निकायों के लिए केंद्र से मिलने वाली ग्रांट में ये शर्त तय की गई कि नवंबर तक तीन सुधारात्मक कदम उठाने होंगे। निकायों में डबल एंट्री सिस्टम लागू होगा। यानी निकायों के खर्च के साथ कमाई का पूरा ब्योरा रखा जाएगा। निकायों के लिए शहरी विकास विभाग को म्यूनिसिपल अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर तैयार करना होगा, जिससे लेखा-जोखा ऑनलाइन हो सकेगा।
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साथ ही निकायों की हर साल की बैलेंसशीट भी ऑनलाइन करनी होगी। शहरी विकास विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, सभी नगर निगमों और जिला मुख्यालयों के निकायों में प्रॉपर्टी टैक्स को डिजिटलाइज किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से पहले साल 20 प्रतिशत टैक्स राजस्व बढ़ेगा। इसके बाद 30 प्रतिशत और फिर 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी।
इस दिशा में काफी तेजी से काम किया जा रहा है। शहरी विकास विभाग की वर्ल्ड बैंक सहायतित योजनाओं के परफॉर्मेंस के आधार पर 26.80 करोड़ रुपये मिलेंगे। इन सभी बदलावों को अनिवार्य तौर पर नवंबर तक लागू करना है।
हाउस टैक्स-सर्किल रेट योजना अधर में
निकायों में हाउस टैक्स को सर्किल रेट से जोड़ने की योजना अधर में लटकी हुई है। करीब दो साल पहले इसकी अधिसूचना जारी हो चुकी है, लेकिन नियमावली अभी तक जारी नहीं हो पाई। निदेशालय ने पूर्व में जो नियमावली बनाकर शासन को भेजी थी, उसमें हिंदी अनुवाद शामिल नहीं था। बाद में अनुवाद भी किया गया। अभी इस नियमावली को कैबिनेट से मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी के बाद हर शहर में सर्किल रेट के अनुपात में हाउस टैक्स वसूली का फॉर्मूला लागू हो जाएगा।