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चारधाम यात्रा 2019: केदारनाथ हेलीपैड पर बढ़ाई जाए सुरक्षा - डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी

Tue, 28 May 2019 09:22 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 28 May 2019 09:22 AM IST
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uttarakhand dgp meeting for char dham yatra security
डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी

डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने सोमवार को प्रदेशभर के पुलिस कप्तानों के साथ कानून व्यवस्था और चारधाम यात्रा को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में रुद्रप्रयाग के एसपी अजय सिंह ने केदारनाथ हेलीपैड की सुरक्षा खामियों का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया। डीजीपी ने इसे गंभीरता से लेकर सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं। 

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समीक्षा बैठक में रुद्रप्रयाग के एसपी अजय सिंह ने कहा कि केदारनाथ हेलीसेवा के तीनों हेलीपैड गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। वहां ना तो किसी तरह की चेकिंग है और ना ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हेलीसेवा एजेंसी के अधिकारियों से कई दौर की बातचीत के बाद किसी तरह के सुधार नहीं हुआ है। इस पर डीजीपी ने इंटेलीजेंस की मदद से मैटल डिटेक्टर आदि लगाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा डीजीपी ने यात्रा सीजन के मद्देनजर यातायात व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा कि देहरादून, मसूरी और नैनीताल में काफी सुधार की जरूरत है। उन्हाेंने पुलिस की स्वच्छ छवि बनाने के लिए अनुशासन के साथ अधीनस्थों से निरंतर संवाद पर जोर दिया। डीजीपी ने कहा कि महिलाओं के यौन उत्पीड़न के मामलों में तत्काल मुकदमा दर्ज विवेचना करने की जरूरत है। सीसीटीएनएस के माध्यम से पूरे देश की पुलिस को एक नेटवर्क से जोड़ जा रहा है, इससे पुलिस की क्षमताओं में निश्चित रूप से इजाफा होगा। इससे पहले डीजीपी ने लोकसभा चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस बल को बधाई दी।
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बैठक में मौजूद पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने थानों पर मुकदमे पंजीकृत करने में कोताही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मुकदमे जैसे भी हों पंजीकृत होने चाहिए। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि समस्त थानों में मिनी साइबर सेल बनाने के इरादे से थाना कार्यालयों में नियुक्त मुख्य आरक्षी और अन्य आरक्षियों को साइबर प्रशिक्षण कराया जा रहा है। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक वी. विनय कुमार, आईजी कानून व्यवस्था दीपम सेठ, आईजी एसडीआरएफ संजय गुंज्याल, आईजी संचार अमित सिन्हा, आईजी कार्मिक जीएस मत्तोलिया, आईजी गढ़वाल अजय रौतेला, एसएसपी देहरादून निवेदिता कुकरेती आदि के अलावा तमाम जिलों के पुलिस कप्तान मौजूद रहे। 
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बैठक में जारी किए गए निर्देश 
-लूट, डकैती और नकबजनी की घटनाओं की रोकथाम पर अनुकूल उपाय करने के साथ थाना प्रभारी 24 घंटे में घटनास्थल का निरीक्षण जरूर करें।  
-पेशेवर अपराधियों पर सतर्क दृष्टि जरूरी है। ऐसे में यह जानकारी होनी चाहिए कि कौन जेल में है और कौन फरार है। 
-साइबर अपराधों में तत्काल एफ आईआर दर्ज कर अपराधियों की गिरफ्तारी के प्रयास किया जाएं। 
-दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से संबंधित अभियोगों की विवेचना दो माह में पूरी कर ली जाए। 
-भू-माफिया के खिलाफ गैंगस्टर, गुंडा एक्ट के अपराधियों पर जिला बदर की कार्रवाई की जाए।
-एक वर्ष से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।  
-मानसून के दृष्टिगत अपने-अपने जनपदों में आपदा हेतु उपलब्ध पुलिस बल, उपकरणों एवं अन्य संसाधनों का परीक्षण करा लिया जाए।
-सोशल मीडिया पर आक्रामक और आपत्तिजनक संदेश पोस्ट करने वालों को थाने पर बुलाकर काउंसिलिंग की जाए। इसके अलावा भविष्य में ऐसी पोस्ट न करने के संबंध में उनसे बंधपत्र भरवाए जाएं।

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