अपराध पर लगाम लगाने वाले पुलिस के मुखिया खुद कोर्ट में तलब
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सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू पर गैरकानूनी तरीके से सरकारी जमीन हड़पने का आरोप लगाया गया है।
याचिका में इस पूरे मामले की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की गुहार लगाई गई है। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
रवींद्र जुगरान द्वारा दाखिल इस याचिका में नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने एक फर्जी आदमी के नाम पर वन विभाग की जमीन की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया गया है।
साथ ही उस जमीन पर गैरकानूनी तरीके से पेड़ भी काटने का आरोप लगाया गया है। यहां तक की मसूरी के तत्कालीन सर्किल ऑफिसर ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनियोजित साजिश के तहत गलत तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री हुई थी।
मामले की जांच सीबीआई या विशेष जांच दल से कराने की गुहार
इतना ही नहीं राज्य के मुख्य सचिव ने भी नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) के समक्ष दाखिल हलफनामे में यह स्वीकार किया था कि यह जमीन वन विभाग की है और इस जमीन पर पेड़ों को काटने के लिए डीजीपी जिम्मेदार हैं।
बावजूद इसके राज्य सरकार ने राज्य के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की। इस तरह के दस्तावेजों का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ने इस मामले की जांच सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की गुहार लगाई है।
याचिका में कहा गया है कि राज्य के पुलिस महानिदेशक पर आरोप लगे हैं, लिहाजा यह बेहद गंभीर मामला है। ऐसे में सिद्धू का पुलिस महानिदेशक के पद पर बने रहना ठीक नहीं है।