उत्तराखंड में कोरोना: मंगलवार को 28 नए संक्रमित मिले, एक भी मरीज की मौत नहीं
मंगलवार को प्रदेश में तीन जिलों, चंपावत, टिहरी और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, प्रदेश में संक्रमितों का रिकवरी रेट 95.98 पहुंच गया है, लेकिन एक्टिव केस की संख्या अब फिर बढ़ने लगी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 28 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 24 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मामलों की संख्या भी 354 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को 17039 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। तीन जिलों, चंपावत, टिहरी और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है।
उत्तराखंड में अनलॉक: प्रदेश में सात सितंबर तक बढ़ा कोविड कर्फ्यू, नहीं दी गई कोई नई राहत
अल्मोड़ा और चमोली में तीन-तीन, बागेश्वर, हरिद्वार, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में एक-एक, देहरादून और नैनीताल में छह-छह, पौड़ी में चार और ऊधमसिंह नगर में दो संक्रमित सामने आए हैं।प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 342976 हो गई है। इनमें से 329183 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7387 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें छह मौतें बीते दिनों की जोड़ी गई हैं।
90947 लोगों को लगी कोविड वैक्सीन
प्रदेश में मंगलवार को 90947 लोगों को कोविड वैक्सीन दी गई। अब तक 64 लाख 79 हजार 971 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है जबकि 20 लाख 30 हजार 39 लोगों को दोनों डोज दी जा चुकी हैं। उधर, 18 से 44 आयु वर्ग में अब तक तीन लाख 49 हजार 898 लोगों को दोनों डोज दी जा चुकी हैं।
फिर सामने आने लगे डेल्टा वेरियंट के मामले
प्रदेश में एक बार फिर डेल्टा स्वरूप के मामले सामने आने लगे हैं। पिथौरागढ़ और कोटद्वार में डेल्टा स्वरूप की पुष्टि हुई है। सरकार तीसरी लहर की आशंका के चलते सतर्कता बरत रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी लहर में भी काफी संख्या में डेल्टा स्वरूप ने ही कहर बरपाया था।
अधिक संक्रामक व घातक नहीं कोविड का डेल्टा प्लस वेरिएंट
उत्तराखंड में कोविड की तीसरी लहर के मद्देनजर एक राहत की बात सामने आई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा का कहना है कि कोविड का डेल्टा प्लस वेरिएंट न तो ज्यादा संक्रामक है और न ही ज्यादा घातक प्रतीत हो रहा है।
मंगलवार को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.तृप्ति बहुगुणा ने कोविड की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि कोविड-19 वायरस की स्वरूप बदलने की प्रवृत्ति है। जिसके कारण वायरस के स्वरूप में परिवर्तन से नए उप-वंश बनते रहते हैं। इन नए वेरिएंट का प्रभाव मूल वायरस से कम भी हो सकता है और अधिक घातक भी हो सकता है।
डॉ.बहुगुणा ने बताया कि पिछले दिनों ऊधमसिंह नगर में एवाई.1 नाम के डेल्टा प्लस वेरिएंट के दो रोगी मिले। दोनों ही मरीजों में कोविड-19 संक्रमण के हल्के लक्षण पाए गए थे। महानिदेशक के अनुसार, भारत सरकार द्वारा भी पाया गया कि डेल्टा प्लस बहुत ही कम सैंपल में पाया गया है। जिससे यह प्रतीत होता है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट अधिक संक्रामक नहीं है। इसके खतरनाक होने के भी कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं पाए गए हैं।
समीक्षा के दौरान आईडीएसपी के प्रभारी अधिकारी डॉ.पंकज सिंह ने बताया कि जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए 42 सैंपलों की रिपोर्ट के अनुसार कोविड 19 के अन्य वेरिएंट डेल्टा एवाई 4 और एवाई 12 देखे गए हैं। लेकिन इन से प्रभावित रोगियों में से अधिकांश रोगी संक्रमण के दौरान हल्के लक्षणों के साथ ठीक हो गए। या लक्षणविहीन पाए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वायरस के यह दोनों वेरिएंट हल्के प्रभाव वाले हैं।
हरिद्वार में सितंबर में चलेगा दूसरी डोज लगाने का अभियान
हरिद्वार जिले में कोरोना संक्रमण को मात देने के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में पहली डोज 11 लाख 90 हजार लोगों को लगाई जा चुकी है। अब जिला प्रशासन का दूसरी डोज लगाने पर फोकस है। इसके लिए ऐसे लोगों को चिह्नित कर दूसरी डोज लगवाने के लिए सितंबर में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
कोरोना संक्रमण को मात देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जनपद में 18 साल से ऊपर वाले 15 लाख 70 हजार लोगों को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 11 लाख 90 हजार लोगों को पहली डोज लगवाई जा चुकी है।
31 दिसंबर तक शत प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन करने में पहली डोज के मामले में स्वास्थ्य विभाग नजदीक पहुंच रहा है, लेकिन पहली डोज लगवा चुके इन लोगों में दूसरी डोज 2 लाख 75 हजार लोगों को ही लगी है। टारगेट के अनुसार दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब सितंबर माह में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
विशषे अभियान में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सामाजिक व्यक्तियों की मदद से दूसरी डोज लगवाने के लिए लोगों को चिह्नित करते हुए केंद्रों पर लाया जाएगा। एसीएमओ डॉ. अजय कुमार ने बताया कि कोविशील्ड की पहली डोज लगवाने वाले को 84 दिन और कोवैक्सीन लगवाने को 28 दिन पूरे हो गए हैं, उन्हें केंद्रों पर जाकर टीकाकरण कराने के लिए जागरूक किया जाएगा। जिससे टीकाकरण के लक्ष्य से समय से पूरा किया जा सके।
कोटद्वार में डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
कोटद्वार में एक मरीज में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि होने के बाद कोटद्वार में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने संक्रमण से बचाव को लेकर मशक्कत शुरू कर दी है। विभाग ने मरीज, उसके परिजनों, पड़ोसियों समेत 150 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की और 15 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
कोविड चिकित्साधिकारी डॉ. सारंग राकेश ने बताया कि दो महीने पूर्व कोटद्वार बेस अस्पताल में पहुंचे एक कोरोना मरीज का सैंपल दिल्ली भेजा गया था। सोमवार को आई रिपोर्ट में वह डेल्टा प्लस वेरिएंट पॉजिटिव पाया गया। पॉजिटिव आए व्यक्ति, उसके परिजनों के साथ करीब 15 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
इसके अलावा मरीज के घर के 100 मीटर के दायरे में रहने वाले 150 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। सभी सैंपलों को डेल्टा प्लस वेरिएंट जांच के लिए दिल्ली भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने तक लोगों को अपने घर पर ही रहने और कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि डेल्टा प्लस वेरिएंट कोरोना का ही एक रूप है। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए इससे बचा जा सकता है।
कोविड : डीएम ने पुलिस से हर दिन कार्रवाई का ब्योरा मांगा
देहरादन जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने पुलिस से कोविड नियमों पालन कराने के लिए की जाने वाली कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। उन्होंने हर दिन की कार्रवाई शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्रेषित करने को कहा है। उन्होंने यह सब आदेश कोविड के बढ़ते मामले और पर्यटन स्थल पर बढ़ती भीड़ के मद्देनजर दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा है कि सप्ताहांत पर आने वाले पर्यटकों के लिए स्मार्ट सिटी पर रजिस्ट्रेशन, 72 घंटे पूर्व की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। सप्ताहांत पर पर्यटकों की संख्या भी 15 हजार निर्धारित की गई है, लेकिन वर्तमान में इस ओर ध्यान कम दिया जा रहा है। इस कारण से भीड़ बढ़ने लगी है। 30 अगस्त को 11 मामले कोविड संक्रमण के दर्ज किए गए हैं। ऐसे में जरूरत है कि सख्ती बढ़ाई जाए। सभी नियमों का पालन कराया जाए।
यह मांगी प्रतिदिन की जानकारी
- मास्क न पहनने और शारीरिक दूरी का पालन न करने पर कितने लोगों केे चालान किए गए।
- जनपद सीमा के चेकपोस्ट पर कितने लोगों को प्रवेश दिया गया। कितने लोगों पर उल्लंघन पर कार्रवाई की गई।
- सार्वजनिक स्थनों पर थूकना, गुटखा, तंबाकू आदि का सेवन प्रतिबंधित है। इसका भी कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।