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कोर्ट में पेशी के दौरान नहीं सुनाई देगी 'हाजिर हो' की पुकार, जानिए क्यों 

Fri, 12 May 2017 09:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 12 May 2017 09:52 PM IST
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uttarakhand court will change rule of haazir ho for e court

अदालतों में पेशी के दौरान अब हाजिर हो की पुकार नहीं सुनाई देगी। मुगल और ब्रिटिश काल से चली आ रही यह व्यवस्था बंद होने जा रही है। यह संभव होगा ई कोर्ट के चलते।

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इसमें हर कोर्ट के बाहर इलेक्ट्रानिक डिस्पले बोर्ड लगेंगे। पेशकार के केस नंबर दबाते ही बोर्ड में वादकारियो का नाम और नंबर दिखाई देने लगेगा। वही किसी भी केस की जानकारी के लिए कोर्ट परिसर में कियोस मशीन लगेगी। एटीएम की तर्ज पर काम करने वाली इस मशीन के जरिये कोई भी व्यक्ति अपने केस से संबंधित जानकारी पा सकेगा। 
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ई कोर्ट प्रोजेक्ट के जरिये कोर्ट की कार्रवाई इलेक्ट्रानिक माध्यम से की जानी है। इसके पहले चरण में देहरादून, विकासनगर और ऋषिकेश की अदालतों द्वारा जेल से कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
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वही एसएमएस के जरिये घर बैठे वादकारियों को केस की अलगी तारीख की जानकारी मिलने लगी है। यह जानकारी केवल उन्हीं वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को मिल रही है जिनके मोबाइल नंबर कोर्ट परिसर में बने केस फाइलिंग सेंटर में रजिस्टर्ड हैं।

कोर्ट के बाहर लगेगा ड‌िस्प्ले बोर्ड

uttarakhand court will change rule of haazir ho for e court

​ई कोर्ट के दूसरे और अगले चरण में अब कोर्ट के बारह इलेक्ट्रानिक डिस्पले बोर्ड लगाए जाने की तैयारी है। इस बोर्ड को संबंधित कोर्ट के बाहर लगाए जाने के साथ ही उस स्थान पर लगाया जाएगा जहां आसानी से वादकारी अपने नंबर को देख सकेंगे।

इससे यह फायदा भी होगा कि कोर्ट में पेशी के लिए आने वाले वादकारियों को यह पता लग सकेगा कि पेशी के लिए उनका नंबर कितनी देर बाद आएगा। इससे जहां वादकारियों को सुविधा मिलेगी वही काम में भी पारदर्शिता आएगी। 

कोर्ट में वादकारियों को पुकार लगाने की यह व्यवस्था ब्रिटिश और मुगलकाल से चली आ रही है, नाम पुकारे जाने पर वादकारी कोर्ट भवन के भीतर प्रवेश करते हैं, लेकिन कोर्ट के सामने डिस्पले बोर्ड लगने से बाहर बैठकर यह पता लग जाएगा कि अभी कौन से नंबर चल रहा है उसका नंबर कितनी देर में आएगा। इससे काम में पारदर्शिता आएगी।
-राम सिंह, पूर्व जिला जज एवं प्रमुख सचिव न्याय 

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