Uttarakhand Corona Update: 308 नए संक्रमित मिले, 1495 पहुंची सक्रिय मरीजों की संख्या
प्रदेश में फिलहाल 1495 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं, संक्रमितों की रिकवरी दर 94.60 प्रतिशत और संक्रमण दर 13.73 प्रतिशत दर्ज की गई।
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ रही है। शुक्रवार को बीते 24 घंटे के भीतर प्रदेश में 308 नए संक्रमित मिले हैं। जबकि 164 मरीज ठीक हुए हैं। वहीं, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। सक्रिय मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में फिलहाल 1495 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। जबकि गुरुवार को प्रदेश में 1359 सक्रिय मरीज थे।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुक्रवार को 1935 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 177, हरिद्वार में 32, नैनीताल में 34, पौड़ी में 12, उत्तरकाशी में 16, अल्मोड़ा में 18, बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग में एक-एक, चमोली में तीन, पिथौरागढ़ में दो, टिहरी में चार और ऊधमसिंह नगर में सात संक्रमित मरीज मिले हैं। प्रदेश की रिकवरी दर 94.60 प्रतिशत और संक्रमण दर 13.73 प्रतिशत दर्ज की गई।
बिना कर्मचारियों की कैसे होगी कोरोना जांच
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने टेस्टिंग और ट्रेसिंग बढ़ाने के निर्देश तो जारी कर दिए गए हैं। पर सवाल यह है कि बिना कर्मचारियों यह काम होगा कैसे। स्वास्थ्य विभाग के पास कर्मचारियों का टोटा है।
कोरोना संक्रमण के मामले देश और प्रदेश में भी बढ़ रहे हैं। इससे संक्रमण को लेकर सरकार की तरफ से सतर्कता बरती जा रही है। जिसके मद्देनजर 25 जुलाई को शासन और जिलाधिकारी की ओर से कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने व मरीजों की ट्रेसिंग करने के निर्देश जारी किए गए हैं। कोरोना संक्रमितों की निगरानी करने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को कहा गया है।
पर हरिद्वार में आउटसोर्स से कोविड-19 के कार्यों के लिए रखे गए 192 कर्मचारियों की सेवाएं अप्रैल में ही समाप्त कर दी गई थी। इन्हें एक अप्रैल से कोविड के सभी कार्यों से मुक्त कर दिया गया था। अब फिर से संक्रमण बढ़ने से सरकार की चिंता भी बढ़ रही है। पर स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के न होने से बेबस नजर आ रहा है। इससे न तो अतिरिक्त टेस्टिंग शुरू हो पाई है और न ही ट्रेसिंग।
सरकारी अस्पतालों में कोरोना जांच की व्यवस्था है। अतिरिक्त टेस्टिंग के लिए कर्मचारी नहीं है। यदि संक्रमण बढ़ता है तो कुछ वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाएगी।
- डॉ. कुमार खगेंद्र सिंह, सीएमओ, हरिद्वार