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Uttarakhand: 17 जल विद्युत परियोजनाओं के लिए केंद्र से पैरवी करेंगे सीएम धामी, बैठक में उठाएंगे मुद्दा

Sat, 17 Sep 2022 12:07 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 17 Sep 2022 12:07 AM IST
सार

बकौल मुख्यमंत्री, इन परियोजनाओं के लिए उच्चतम न्यायालय की विशेषज्ञ समिति, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से हरी झंडी के साथ ही इन परियोजनाओं का मार्ग खुल जाएगा।

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Uttarakhand: CM Pushkar Singh will take up the issue to Center for 17 hydropower projects
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य की 17 जल विद्युत परियोजनाओं को मंजूरी के लिए जल शक्ति मंत्रालय का दरवाजा खटखटाएंगे। 21 सितंबर को किसाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर मंत्रालय में बैठक है। इस बैठक में मुख्यमंत्री मंत्रालय से राज्य की निर्विवाद सूची में शामिल सभी बिजली परियोजनाओं की मंजूरी के लिए पैरवी करेंगे।

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बकौल मुख्यमंत्री, इन परियोजनाओं के लिए उच्चतम न्यायालय की विशेषज्ञ समिति, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से हरी झंडी के साथ ही इन परियोजनाओं का मार्ग खुल जाएगा। अपने 48वें जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को साझा किया।

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न्यायालय ने 24 बिजली प्रोजेक्टों पर लगाई थी रोक

एक जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने गंगा और उसकी सहायक नदियों पर प्रस्तावित और निर्माणाधीन 24 बड़ी बिजली परियोजनाओं पर अंतरिम रोक लगाई थी। इसके लिए विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी, जिसने इन परियोजनाओं को हरी झंडी दी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने भी अपने शपथ पत्र में परियोजनाओं का समर्थन किया। लेकिन तत्कालीन जल संसाधन मंत्रालय जो वर्तमान में जल शक्ति मंत्रालय में बदल गया है, ने अपने शपथपत्र में परियोजनाओं का विरोध किया था। अब इन परियोजनाओं का भविष्य जल शक्ति मंत्रालय की मंजूरी पर टिका है।

परियोजनाओं के लिए वीजीएफ भी मांगेगी सरकार

परियोजनाओं के निर्माण के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार से व्यहार्यता अंतर वित्त पोषण वाइबिलिटी गेप फंडिंग (वीजीएफ) की भी मांग करेगी। वित्त मंत्रालय ने ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं को वित्तीय समर्थन देने के लिए यह योजना आरंभ की है। सरकार का मानना है कि परियोजनाओं में देरी होने से उनकी लागत में बढ़ोतरी हुई है, इसे वित्तीय बोझ को साझा करने के लिए केंद्र से गेप फंडिंग की मांग की जाएगी।

भागीरथी से ज्यादा मुफीद अलकनंदा

इको सेंसिटिव जोन की वजह से भागीरथी नदी पर जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण अब बहुत मुश्किल है। इसलिए सरकार अलकनंदा नदी पर प्रस्तावित योजनाओं पर फोकस कर रही है। यमुना घाटी और पिथौरागढ़ जिले में परियोजनाओं का निर्माण अपेक्षाकृत ज्यादा महंगा है।

प्रोजेक्ट जिन पर कोई विवाद नहीं

प्रोजेक्ट                        नदी        मेगावाट         कंपनी 
टिहरी चरण दो           भागीरथी     1000          टीएचडीसी
तपोवन-विष्णुगाड़       धौलीगंगा      520           एनटीपीसी
विष्णुगाड़ पीपलकोटी  अलकनंदा    444            टीएचडीसी
सिंगोली भटवाड़ी         मंदाकिनी     99             एल एंड टी
फाटा ब्योंग                मंदाकिनी     76             लैंको
मद्महेश्वर                   मद्महेश्वर गंगा 15             यूजेवीएनएल
कालीगंगा दो              कालीगंगा      6               यूजेवीएनएल
भिलंगाना दो               भेल गंगा      21              यूजेवीएनएल
बावला                      अलकनंदा    300             यूजेवीएनल
देवसारी                     पिंडर          252            एसजेवीएनएल
नंदप्रयाग-लंगासू         अलकनंदा    100            यूजेवीएनएल
भिलंगाना- ए               भिलंगाना      24             यूजेवीएनएल
भिलंगाना-बी               भिलंगाना      24             यूजेवीएनएल
मेलखेत                      पिंडर           24.3         हिम ऊर्जा
देवली                        नंदाकिनी      13              हिम ऊर्जा
काली गंगा                 काली गंगा      5              चमोली हाइड्रो
कोटबुद्धा केदार           बाल गंगा       6               गुंसोला हाइड्रो
नोट : इनमें 16 परियोजनाओं पर काम शुरू होना है, जबकि शेष परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया था।

हम सरकार की आय बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। पर्यटन सेक्टर के अलावा ऊर्जा क्षेत्र संभावनाओं वाला है। हम चाहते हैं कि बिजली परियोजनाओं पर जो रोक लगी है, उसे हटाया जाए। इसके लिए मैं जल शक्ति मंत्रालय से अनुरोध करूंगा।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

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