{"_id":"5d04bcd28ebc3e2fbc29d0d4","slug":"uttarakhand-cm-meet-with-central-water-commission-minister-gajendra-singh-shekhawat","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा की सहायक नदियों से संबंधित प्रस्ताव नमामि गंगे में स्वीकृत हों: त्रिवेन्द्र सिंह रावत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा की सहायक नदियों से संबंधित प्रस्ताव नमामि गंगे में स्वीकृत हों: त्रिवेन्द्र सिंह रावत
Sat, 15 Jun 2019 03:17 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 15 Jun 2019 03:17 PM IST
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री से मिले उत्तराखंड सीएम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से भेंट की और नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत 802 करोड़ 95 लाख रुपए के केंद्र को प्रेषित प्रस्तावों को जल्द स्वीकृत करने का अनुरोध किया।
विज्ञापन
इनमें केदारपुरी क्षेत्र में 67 करोड़ 64 लाख रुपए लागत से सीवेज प्रबंधन, गंगा की सहायक नदियों सुसवा, कोसी, ढ़ेला, कल्याणी, भेला, पिलाखर, नन्दौर व किच्छा में गिरने वाले नालों के प्रदूषित जल के उपचार के लिए 545 करोड़ 14 लाख रुपए लागत की आठ परियोजनाएं, काशीपुर आई एण्ड डी व एसटीपी की 97 करोड़ 79 लाख रुपए लागत की परियोजना, केदारनाथ यात्रा के दृष्टिगत महत्वपूर्ण 21 करोड़ 62 लाख रुपए लागत की गौरीकुंड सीवेज परियोजना, अगस्तमुनि की 27 करोड़ 17 लाख रुपए लागत की आई एंड डी व एसटीपी परियोजना व शारदा नदी में हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए 43 करोड़ 49 लाख रुपए लागत की टनकपुर सीवेज आई एंड डी व एसटीपी परियोजना शामिल हैं।
विज्ञापन
त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को जलशक्ति मंत्रालय का कार्यभार संभालने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी की निर्मलता व अविरलता भारत सरकार व उत्तराखंड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। वर्तमान में नमामि गंगा के अंतर्गत प्रथम चरण में गंगा नदी में विभिन्न नालों व सीवर के पानी से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए उत्तराखंड राज्य के चिन्हित 15 प्राथमिकता के नगरों में 1005.11 करोड़ लागत की कुल 21 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। केंद्रीय मंत्री द्वारा इस पर जल्द समुचित कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया गया।
विज्ञापन