उत्तराखंड: दिल्ली जा रहे विधायक बीच रास्ते से लौटे, दून में मंगलवार को हो सकती है बैठक
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के दिल्ली पहुंचने के बाद पहले विधायकों को दिल्ली बुला लिया गया था। लेकिन बाद में तय हुआ कि विधायक मंडल दल की बैठक दिल्ली में नहीं देहरादून में होगी। यह तय होने के बाद दिल्ली जा रहे विधायकों को बीच रास्ते से देहरादून लौटने को कहा गया।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री दिल्ली जाने के बाद उनके समर्थक विधायकों ने भी दिल्ली की राह पकड़ी। पहले ऐसा अनुमान था कि केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली में प्रदेश भाजपा विधायक मंडल की दल बैठक बुला सकता है। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया कि बैठक देहरादून में मुख्यमंत्री आवास में होगी। यह सूचना दिल्ली के लिए कूच कर चुके विधायकों को दी गई। सूत्रों के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद विधायकों ने बीच रास्ते से देहरादून को वापसी की राह पकड़ी।
विधायक मुन्ना चौहान का दावा
वहीं, विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा- इस बात का गलत प्रचार किया जा रहा है कि प्रदेश सरकार या सीएम के खिलाफ असंतोष है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ही सीएम रहेंगे। अभी तक विधायक दल की आधिकारिक बैठक नहीं बुलाई गई है।
Wrong impression is being cast that there is unhappiness over CM or state govt...CM will return to Dehradun tomorrow. Trivendra Singh Rawat continues to be the CM as we speak...No official meeting of legislature party meet has been called: Munna Singh Chauhan, Uttarakhand BJP MLA pic.twitter.com/DdI0zzvMAu
— ANI (@ANI) March 8, 2021
त्रिवेंद्र रावत के नेतृत्व में होंगे चुनाव : भगत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि प्रदेश में भाजपा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी फोरम पर नेतृत्व परिवर्तन के संबंध में कोई बात नहीं हुई है। भगत सोमवार को प्रदेश पार्टी कार्यालय में डेरा जमाए रहे। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को पर्यवेक्षक बनाकर देहरादून भेजे जाने के बाद से सियासी हवाओं में गरमाई नेतृत्व परिवर्तन की संभावना से जुड़ी चर्चाओं का उन्होंने खंडन किया। उन्होंने कहा कि यह चर्चा सिर्फ टीवी चैनलों में हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी फोरम पर ऐसी कोई चर्चा नहीं हैं।
18 मार्च की तैयारी में जुटी है सरकार
भगत ने कहा कि प्रदेश सरकार 18 मार्च की तैयारी में जुटी है। इस दिन प्रदेश में भाजपा सरकार अपने चार साल की सफल यात्रा का जश्न मनाएगी। सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम होने हैं। कोर कमेटी की बैठक में इसी विषय पर चर्चा हुई है।
दिल्ली का रास्ता आम, वहां कोई भी जा सकता है
मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली जाने पर भगत ने कहा कि कहा कि दिल्ली जाना कोई गुनाह नहीं है। दिल्ली का रास्ता आम है। वहां कोई भी जा सकता है। मुख्यमंत्री के दिल्ली जाने को लेकर हो रही चर्चाओं को उन्होंने पूरी तरह से खारिज किया।
भाजपा के असंतुष्ट विधायकों पर आप की नजर
भाजपा सरकार में चल रही सियासी हलचल के बीच आम आदमी पार्टी की नजर असंतुष्ट विधायकों पर है। रविवार रात को आनन-फानन दून पहुंचे आप प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने कई विधायकों से मुलाकात की। इसके बाद सोमवार को वापस दिल्ली लौट गए। मोहनिया ने स्वीकार किया कि दून आकर उन्होंने भाजपा के कुछ लोगों से मुलाकात की है लेकिन उन्होंने विधायकों के नामों का खुलासा नहीं किया।
प्रदेश की राजनीति परिस्थितियों को देखते हुए आप प्रभारी दिनेश मोहनिया रात को दिल्ली से दून पहुंचे। उन्होंने भाजपा के कई असंतुष्ट विधायकों से मुलाकात करने का दावा किया है। मोहनिया ने कहा कि सरकार के मंत्रियों और विधायकों के जनहित काम नहीं हो रहे हैं। जिससे मंत्री व विधायक असंतोष है। सरकार गिराना आम आदमी पार्टी का मकसद नहीं है लेकिन जनविरोधी सरकार की विदाई होनी चाहिए।
इसके लिए सब प्रयास में लगे हैं। चार सालों के कार्यकाल में सरकार जनभावनाओं व उम्मीदों को पूरा नहीं कर पाई है। ऐसी सरकार को कुर्सी पर नहीं होना चाहिए। जीरो वर्क सरकार को जितनी जल्द ही हटाया जाए वह उत्तराखंड के लिए बेहतर होगा। 2022 के चुनाव में उत्तराखंड के लोग आम आदमी पार्टी को बेहतर विकल्प में रूप में देख रहे है। जिन जनभावनाओं को लेकर राज्य का गठन हुआ है। आप उन उम्मीदों को पूरा करेगी।