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हैरतअंगेज: स्कूल में जिस नक्शे से पढ़ाया जा रहा उसमें नहीं मिली देश की राजधानी दिल्ली

Wed, 24 Aug 2022 11:08 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 24 Aug 2022 11:08 PM IST
सार

आयोग के सदस्य दीपक गुलाटी ने कहा कि प्रभावितों को राशन देने के लिए वह माल देवता पहुंचे इसी बीच उनका ध्यान शिव जूनियर हाईस्कूल में बने नक्शे पर गया। पता चला कि उसमें दिल्ली को दर्शाया ही नहीं गया है।

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Uttarakhand Child Protection Commission team meet disaster affected people in maldevta
मालदेवता में आपदा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देहरादून में मालदेवता के अशासकीय स्कूल में बने जिस नक्शे से बच्चों को भौगोलिक अध्ययन कराया जा रहा है उसमें देश की राजधानी दिल्ली ही गायब है। मामले की जानकारी उस समय हुई जब उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग के सदस्य आपदा ग्रस्त क्षेत्र में बुधवार को राहत सामाग्री बांटने पहुंचे। आयोग ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। 

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आयोग के सदस्य दीपक गुलाटी ने कहा कि प्रभावितों को राशन देने के लिए वह माल देवता पहुंचे इसी बीच उनका ध्यान शिव जूनियर हाईस्कूल में बने नक्शे पर गया। पता चला कि उसमें दिल्ली को दर्शाया ही नहीं गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल में बने गलत नक्शे पर स्कूल प्रधानाध्यापक से नाराजगी जताई गई है।
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नक्शे में देश की राजधानी दिल्ली को न दिखाया जाना एक तरह से राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। राष्ट्रधर्म सबसे ऊपर है, इसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नही की जा सकती । आयोग के सदस्य ने कहा कि प्रधानाध्यापक ने नक्शा दो से तीन दिन पहले का बना बताया है। वहीं नक्शा बनाने वाले पेंटर से बात करने पर उसने बताया कि नक्शा करीब 20 दिन पहले का बना है। 

राहत शिविर में बच्चों और अभिभावकों की काउंसिलिंग कराएगा आयोग

उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बुधवार को आपदा प्रभावित सरखेत एवं मालदेवता क्षेत्र का निरीक्षण किया। आयोग की अध्यक्ष डा.गीता खन्ना ने कहा कि आयोग बाल मनोवैज्ञानिक से राहत शिविर में रह रहे बच्चों और उनके अभिभावकों की काउसिलिंग कराएगा। 

आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि सरखेत एवं अन्य गांव में लगभग दो किलोमीटर सड़क बह गई है। आपदा में प्रभावित बच्चों को स्कूलों में रखा गया है। विभागीय अधिकारियों को कहा गया है कि उन्हें तनाव मुक्त रखने के लिए खेलकूद कराया जाए। प्रभावित बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो इसके लिए राजकीय इंटर कॉलेज मालदेवता में शिक्षक की तैनाती की जाए।



लोगों के मन से आपदा का भय खत्म करने एवं उनके मनोरंजन के लिए उन्हें फिल्म दिखाई जाए। आपदा में जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड बह गए हैं उनके कार्ड भी बनाए जाएं। आयोग की ओर से प्रभावितों को राशन उपलब्ध कराया गया है। इस मौके पर आयोग के सदस्य दीपक गुलाटी, डॉ. रोशनी सती, ममता रोथाण, विशाल चाचरा आदि मौजूद रहे।

स्कूल में बने जिस नक्शे की बात की जा रही है वह अभी अधूरा है, इसमें केवल दिल्ली की बात क्यों की जा रही है। नक्शे में बिहार एवं कुछ अन्य राज्य भी नहीं हैं। क्षेत्र में आपदा की वजह से इसका काम अधूरा रह गया है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
- बीएस राणा, प्रधानाध्यापक 

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