{"_id":"a39d5c271a46b4ecad05edfab3089fc4","slug":"uttarakhand-chief-secretary-meeting-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"CS ने बुलाई वित्त से पीड़ित विभागों की पंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CS ने बुलाई वित्त से पीड़ित विभागों की पंचायत
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 05 Feb 2016 03:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड मुख्य सचिव ने वित्त विभाग की कार्यशैली से ‘पीड़ित’ विभागों के लंबित मामलों को लेकर पंचायत लगाई।
विज्ञापन
गुरुवार की शाम उन्होंने सुबह ही सभी प्रमुख सचिवों और सचिवों को संदेश भेजकर संबंधित विभागों के ऐसे मामले जो वित्त विभाग ने लटका रखे थे, प्रकरण के हिसाब से सूची तलब की थी। सभी विभागों ने ई-मेल के जरिए मुख्य सचिव को वित्त में लंबित प्रकरण भेजे।
यह सिलसिला पिछले तीन चार दिन पहले हेल्थ विभाग के मामले से शुरू हुआ। जब एक फाइल मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बावजूद वित्त ने लटका दी। मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने दोपहर बाद तीन बजे सभी विभागों के वित्त में लटके मामलों की समीक्षा की।
विज्ञापन
इस बैठक में विशेष तौर पर वित्त विभाग के सभी सचिवों को बुलाया गया था। मुख्य सचिव ने इस बात को लेकर नाराजगी जताई कि मुख्यमंत्री और मंत्री के अनुमोदन के बावजूद फाइलें लटकी रहती हैं। उन्होंने वित्त विभाग के सचिवों को निर्देशित किया कि जो भी मामले हैं, जिनमें मुख्यमंत्री का अनुमोदन हो, उन्हें समयबद्ध तरीकेसे निस्तारित किया जाए।
विज्ञापन
कुछ इस तरह के प्रकरण लटकाए गए
: महिला पुलिस कर्मियों की भर्ती की घोषणा सीएम ने नवंबर 2014 को राज्य स्थापना दिवस पर की थी, लेकिन उसका शासनादेश अभी सप्ताह भर पहले हुआ।
: वित्त आयोग की सिफारिश पर शहरी निकायों के रिटायर्ड कर्मियों को पेंशन और ग्रेच्युटी का मामला अधर में लटका है। पिछले वर्ष सीएम ने खुद कहा था कि हर साल 25 करोड़ रुपये देंगे, लेकिन फाइल वित्त में जाकर डंप हो गई।
: साल भर से भी ज्यादा समय से 150 दंत चिकित्सकों की भर्ती के लिए वित्त विभाग ने आपत्ति लगा रखी थी, दो दिन पहले जब मुख्य सचिव ने फटकार लगाई, तब वित्त ने मंजूरी दी।
अब नहीं रुकेगा रायपुर में बन रहा राजीव गांधी स्टेडियम
वित्त से जुड़े समस्त विभागों के प्रकरणों में एक महत्वपूर्ण निर्णय के साथ मुख्य सचिव ने रायपुर में बन रहे राजीव गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण को ऑक्सीजन दी है। बजट के अभाव में पिछले काफी दिनों से रुके निर्माण की फाइल वित्त में उलझी थी। मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने वित्त विभाग को चेता दिया है कि तत्काल इसके लिए 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जाए। पिछले काफी दिनों से लंबित फाइल सीएस के रुख के बाद दौड़ने लगी।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अलग अलग विभागों के लटके करीब 25 मामलों को वित्तीय स्वीकृति दी गई। महिला सशक्तीकरण विभाग के महिला छात्रावास को भी वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। राज्य की जेलों में सीसीटीवी कैमरों की खरीद को भी मंजूरी दे दी गई है। गन्ना विभाग की एक फाइल को भी मंजूरी दे दी गई है।
सभी विभागों की वित्त से जुड़ी पीड़ा दूर कर दी है। अनावश्यक रूप से लटके करीब 25 मामलों को वित्तीय स्वीकृति दिला दी गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के मामलों के लिए शुक्रवार को बैठक बुलाई है। दस दिन बाद फिर समीक्षा करूंगा।
- शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सचिव