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ऑल वेदर रोड परियोजना पर अब एक और संकट, हर जगह साढ़े पांच मीटर ही होगी रोड की चौड़ाई
Sun, 11 Oct 2020 01:02 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 11 Oct 2020 01:02 PM IST
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ऑल वेदर रोड परियोजना
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ऑल वेदर रोड परियोजना पर अब एक और संकट उठ खड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति के अध्यक्ष रवि चोपड़ा का साफ कहना है कि सड़क की चौड़ाई हर जगह 5.5 मीटर ही होगी। यह भी सामने आया है कि ऑल वेदर रोड में कई जगह पूर्व के नियम के हिसाब से काम किया जा रहा है जबकि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सड़क परिवहन मंत्रालय अपने 2018 के आदेश का पालन करे।
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आल वेदर रोड को लेकर सितंबर माह में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि मंत्रालय 2018 में जारी अपने नियमों का पालन करे। ऑल वेदर रोड को इस समय करीब आठ मीटर चौड़ा करने की बात की जा रही है। इस हिसाब से उत्तरकाशी से गंगोत्री तक के हिस्से में कटिंग होना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अधिकारियों का कहना था कि जहां कटिंग हो चुकी है, वहां पूरे साढ़े सात मीटर के हिस्से को ही ब्लैक टॉप किया जाएगा।
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खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सड़क को सामरिक महत्व की बताते हुए केंद्र से इस मामले में पैरवी करने को कहा था। अब पीएसआई के पूर्व निदेशक और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति के अध्यक्ष रवि चोपड़ा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का साफ आदेश है कि सड़क की चौड़ाई मंत्रालय के 2018 के आदेश के तहत ही मान्य होगी। समिति अध्यक्ष ने इस मामले को लेकर परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों को पत्र भी लिखा है।
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समिति अब फिर से एक्शन में, हो सकती है वर्चुअल बैठक
कोरोना की वजह से समिति की बैठक जुुलाई के बाद से नहीं हो पाई है। अब समिति के अध्यक्ष ने फिर से बैठक बुलाने की तैयारी की है। यह बैठक वर्चुअल को सकती है। समिति को हर तीन माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
प्रदेश सरकार भी बैक फुट पर
समिति का रुख सामने आने के बाद अब सरकार सहित निर्माण में जुटी संस्थाएं भी बैक फुट पर हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जहां कटिंग हो चुकी है और सड़क बन चुकी है, उस हिस्से का क्या किया जाए, यह साफ नही है। दूसरी तरफ, शासन के अधिकारी भी केंद्र केे दिशा निर्देश का ही इंतजार अधिक करते दिख रहे हैं।
सड़क की चौड़ाई पर ही निगरानी समिति में हुआ था मतभेद
सड़क की चौड़ाई को साढ़े पांच मीटर से अधिक रखने पर ही 21 सदस्यीय निगरानी समिति में मतभेद हुआ था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले का है। सुप्रीम कोर्ट के आदेेेश के बाद स्थिति बदल गई है।
कुंभ से पहले निर्माण पूरा करने के दावे पर भी सवाल
ताजा स्थिति में कुंभ से पहले ऑल वेदर रोड का काम पूरा करने के दावे पर भी संशय उठ खड़ा हुुआ है। केंद्र सरकार एक से अधिक बार यह साफ कह चुकी है कि ऑल वेदर रोड का काम कुंभ से पहले पूरा किया जाएगा ताकि कुंभ आने वाले लोग चार धाम की यात्रा भी कर सकें।
मेरे पास कई जगह से शिकायतें आई हैं कि सड़क का निर्माण कार्य जारी है और 2018 से पहले के नियम के हिसाब से ही काम किया जा रहा है। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। समिति की अब बैठक बुलाई जा रही है और इसकी समीक्षा की जाएगी। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कहूंगा।
- रवि चोपड़ा, अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति