फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Uttarakhand Chamoli News: 50 people stuck in two tunnel in chamoli, rescue operation continues

चमोली आपदा : जब तपोवन रैणी क्षेत्र में फटा ग्लेशियर तो नीचे के इलाकों में ऐसा रहा माहौल

Mon, 08 Feb 2021 08:59 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, चमोली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, चमोली Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 08 Feb 2021 08:59 AM IST
विज्ञापन
Uttarakhand Chamoli News: 50 people stuck in two tunnel in chamoli, rescue operation continues
तपोवन टनल से हटाया जा रहा मलबा - फोटो : अमर उजाला

तपोवन रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने के पांच घंटे बाद करीब पौने तीन बजे जब पानी कर्णप्रयाग तक पहुंचा तो उसकी रफ्तार धीमी पड़ गई थी। इस दरम्यान नंदप्रयाग, देवलीबगड़, कालेश्वर, कर्णप्रयाग, लंगासू, जेकिंडी आदि कस्बों मे अफरातफरी मची रही। सुबह करीब 10 बजे जैसे ही सोशल मीडिया पर ग्लेशियर फटने के बाद पानी का जलस्तर बढ़ने की खबर फैली तो पूरे क्षेत्र के लोग घबरा गए।


loader

तपोवन रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने के पांच घंटे बाद करीब पौने तीन बजे जब पानी कर्णप्रयाग तक पहुंचा तो उसकी रफ्तार धीमी पड़ गई थी। इस दरम्यान नंदप्रयाग, देवलीबगड़, कालेश्वर, कर्णप्रयाग, लंगासू, जेकिंडी आदि कस्बों मे अफरातफरी मची रही। सुबह करीब 10 बजे जैसे ही सोशल मीडिया पर ग्लेशियर फटने के बाद पानी का जलस्तर बढ़ने की खबर फैली तो पूरे क्षेत्र के लोग घबरा गए।

Uttarakhand Glacier Burst: इस बार कुदरत ने किया कुछ रहम, 2013 की आपदा में एकदम उलट थे हालात

स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने बाजारों में वाहनों से माइक के जरिए नदी किनारे रहने वाले लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा। दिनभर लोग अपने मोबाइल फोन में आपदा से संबंधित वीडियो और फोटो देखते रहे। लोगों ने अपर बाजार, कर्ण मंदिर परिसर, शक्ति नगर पुजारीगांव, सेमी गांव सहित अपने घरों से नदी के जलस्तर पर बराबर नजर बनाए रखी।
 
पिंडर नदी के आसपास 300 मीटर क्षेत्र करा दिया गया खाली

कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर नदी का संगम है। ढलान होने की वजह से दोनों नदियां संगम पर तेज वेग के साथ मिलती हैं। पानी बढ़ने की दशा में अलकनंदा नदी का पानी कठोर चट्टान से टकराता है और पिंडर नदी को रोक देता है इससे पिंडर नदी क्षेत्र में बाढ़ के हालात पैदा हो जाते हैं। इसी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पिंडर नदी के किनारे करीब 300 मीटर के दायरे में सिमली रोड़ की तरफ घर खाली करवा दिए थे। 

पूरा क्षेत्र अलर्ट पर

कर्णप्रयाग में पानी से कोई नुकसान नहीं हुआ। सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र को अलर्ट कर नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया था। नदी के असर वाले क्षेत्रों में प्रशासन की टीम लगातार भमण करती रही। पूरे क्षेत्र को अलर्ट पर रखा गया हे। मजदूर आदि जो नदी किनारे थे उनको भी वहा से हटा दिया गया था।
- कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम कर्णप्रयाग

बिना बारिश के अचानक नदी में आई बाढ़ को देखकर सभी स्तब्ध रह गए मजदूर

चमोली जिले में रविवार को ग्लेशियर टूटने से आई नदी की बाढ़ ने ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट और तपोवन जल विद्युत परियोजना में काम करने वाले मजदूरों को संभलने का मौका नहीं दिया। बिना बारिश के अचानक नदी में आई बाढ़ को देखकर सभी स्तब्ध रह गए। पानी की रफ्तार इतनी थी कि ऋषि गंगा के पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे मजदूर कुछ  समझ पाते तब तक पूरी परियोजना बाढ़ में समा चुकी थी। देखते ही देखते पानी 520 मेगावाट वाली तपोवन जल विद्युत  परियोजना तक पहुंच गया। यहां बैराज साइड में सुरंग में काम चल रहा था जिसमें 200 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। 

 नीती घाटी के रैणी गांव के नीचे से बहने वाली ऋषि गंगा नंदादेवी पीक से बहती है। ऊंची पहाड़ी होने के चलते ज्यादा दूर तक कुछ दिखाई नहीं देता है। रैणी गांव के नीचे करीब 13 मेगावाट का  पावर प्रोजेक्ट बना हुआ है। परियोजना से करीब एक किमी नीचे ऋषि गंगा और धौली गंगा का संगम है। जहां से लगभग पांच किमी आगे धौली गंगा पर एनटीपीसी की 520 मेगावाट वाली तपोवन जल विद्युत परियोजना निर्माणाधीन है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब साढ़े नौ बजे ऋषि गंगा में बाढ़ यहां पर काम कर रहे करीब 30 कर्मचारियों के इसकी जद में आने की आशंका है।

बाढ़ की तीब्रता इतनी थी कि 10 बजे से पहले ही पानी तपोवन जल विद्युत परियोजना तक पहुंच गया। जिससे बैराज साइड की सुरंग में बड़ी संख्या में काम कर रहे मजदूर फंस गए। बताया जा रहा है कि ऋषि गंगा  में पानी करीब 100 फीट से अधिक बढ़ गया था। जिस समय यह घटना हुई उसी वक्त रात्रि शिफ्ट बदलकर सुबह की शिफ्ट में काम करने के लिए मजदूर आ गए थे। मौके  पर पहुंची प्रशासन की टीम देर शाम तक रेस्क्यू में जुटी हुई थी।

मलारी हाईवे का पुल ध्वस्त, चीन सीमा पर सेना की आवाजाही बंद

ग्लेशियर टूटने के बाद ऋषि गंगा में आई बाढ़ से रैणी गांव में मलारी हाईवे पर बना मोटर पुल बह गया है। इससे भारत-चीन (तिब्बत) सीमा का संपर्क कट चुका है। इससे सीमा पर सेना की आवाजाही बंद हो गई है। साथ ही क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों का भी संपर्क पूरी तरह से कट चुका है।

इसके अलावा रैणी -जुग्जू गांव और तपोवन- भंग्यूल झूला पुल बह गए हैं। इससे इन गांवों का भी अन्य क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है।  क्षेत्र के लाता, रैणी , फाक्ती, सुराईंथोटा आदि गांव पुल टूटने से अलग-थलग पड़ गए हैं। तपोवन में भंग्यूल (गंगा पार) को जोडने वाला झूला  पुल भी बह गया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्नल मनीष कपील का कहना है कि मौके का जायजा लेने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

आपदा से करीब चार हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान 

ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा में आई बाढ़ से करीब चार हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जैसे-जैसे पुष्ट सूचनाएं मिलेंगी, नुकसान के आकलन की सही सूचनाएं प्राप्त हो सकेंगी। आरंभिक तौर पर नुकसान की जो सूचनाएं आ रही हैं, उनके मुताबिक, बाढ़ के पानी और मलबे से मलारी के पास 90 मीटर पुल टूट गया है। सीमा को जोड़ने वाले इस पुल से कुछ गांवों को संपर्क टूट गया है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बाढ़ से छह झूला पुल और सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। 13.50 मेगावाट के ऋषिगंगा जल विद्युत परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है। 520 मेगावाट की विष्णुगाड़ तपोवन बिजली परियोजना में मलबा आ जाने से भारी क्षति होने का अनुमान है। करीब तीन हजार करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना के आसपास मलबा जमा हो गया है। यहां जनहानि होने की भी सूचना है।

ग्लेशियर टूटने की खबर आते ही दून से दिल्ली तक हो गया अलर्ट

ग्लेशियर टूटने से आए जलजले से चमोली जिले के रैणी गांव में ऋषिगंगा जल विद्युत परियोजना का बांध टूटने की खबर जैसे ही देहरादून पहुंची, दिल्ली तक सब अलर्ट हो गए। सारे तय कार्यक्रम रद कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हेलीकॉप्टर से चमोली जिले नुकसान वाले क्षेत्र का मुआयना करने पहुंच गए।

दौरा करने के बाद वह सीधे राज्य सचिवालय स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष में पहुंचे। इस दौरान वहां सरकार के अधिकतर आला अधिकारी मौजूद थे। यहां उन्होंने सभी अधिकारियों से बातचीत की और घटना पर लगातार नजर रखने निर्देश दिए। 

उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी मुख्यमंत्री से दूरभाष पर बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया। साथ ही केंद्र सरकार के उच्चाधिकारियों को भी अलर्ट कर दिया। सेना, नौ सेना और वायु सेना को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए अलर्ट कर दिया गया। शाम तक आईटीबीपी ने बचाव अभियान शुरू कर दिया। 

मुख्य सचिव ने भी संभाला मोर्चा 

आपदा की खबर के बाद जहां मुख्यमंत्री चमोली के लिए रवाना हुए तो वहीं मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने आपदा नियंत्रण कक्ष में मोर्चा संभाला। इस दौरान उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन से घटना का अपडेट लिया। आपदा कंट्रोल रूम में भी पूरा स्टाफ मौजूद था और पल पल की घटना पर नजर बनाए हुए था।

बांध टूटने पर बाढ़ से सुरक्षा पर आज होगा मंथन

उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) अपने बांधों के अचानक टूटने पर पैदा होने वाले संकट से बचाव को लेकर आपातकालीन कार्ययोजना बना रहा है। इसके तहत सोमवार को मंथन होने जा रहा है, जिसमें केंद्रीय जल आयोग से लेकर तमाम केंद्रीय संस्थानों के पदाधिकारी शामिल होंगे।

केंद्र सरकार के डीआरआईपी (डैम रिहैब्लिटेशन एंड इंप्रूवमेंट प्रोग्राम यानी बांध पुनर्वास एवं सुधार कार्यक्रम) के तहत यूजेवीएनएल अपने बांधों और बैराजों के आरआई का काम करा रहा है। इसके तहत विषम परिस्थितियों जैसे कि अत्यधिक बाढ़ या बांध के क्षतिग्रस्त होने की दशा में बांध के डाउनस्ट्रीम में स्थित प्रभावित क्षेत्रों एवं निवासियों की सुरक्षा के दृष्टिगत केंद्रीय जल आयोग के सहयोग से यूजेवीएनएन ने उत्तरकाशी में स्थित मनेरी बांध और देहरादून जिले में स्थित इच्छाड़ी बांध के लिए आपातकालीन कार्य योजना तैयार की गई है।

इसके कार्यान्वयन के लिए सोमवार को वर्चुअल परामर्श बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इस बैठक में विश्व बैंक के साथ ही केंद्रीय जल आयोग, केंद्रीय धातु विज्ञान विभाग, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, बांध पुनर्वासन एवं उच्चीकरण परियोजनाओं के अंतर्गत सम्मिलित राज्यों के प्रतिनिधि, केंद्रीय व संबंधित राज्य व जिला आपदा प्रबंधन के अधिकारी, प्रभावित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।

आपातकालीन कार्य योजना का मकसद ऐसी आपातकालीन स्थितियों की पहचान करना है, जो बांध को क्षतिग्रस्त कर सकने या बांध के फेल होने में सहायक हो सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों को रोकने के लिए या ऐसी परिस्थितियां आने पर जानमाल की हानि से बचाव के लिए एक प्रभावी प्रतिक्रिया की योजना बनाना है। 

नदी किनारे रह रहे लोग हटाए, धारी देवी मंदिर बंद, रेलवे का काम बंद 
ग्लेशियर टूटने की सूचना पर अलर्ट पौड़ी और टिहरी प्रशासन पुलिस ने श्रीनगर में अलकनंदा नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की। वहीं नदी में रेलवे का काम कर रहे मजदूरों और मशीनों को भी हटा दिया गया। खतरे की आशंका को देखते हुए श्रीनगर जल विद्युत परियोजना कंपनी  को भी जल स्तर कम करने के निर्देश दिए गए।

वहीं एहतियातन अलकनंदा नदी के ऊपर बने धारी देवी मंदिर को बंद कर दिया गया । प्रशासन ने नदी तट पर एसडीआरएफ के जवान तैनात कर दिए हैं जबकि देर रात तक गाजियाबाद से एनडीआरएफ  के 90 जवान श्रीनगर पहुंच जाएंगे। 

अपर जिलाधिकारी टिहरी शिवचरण द्विवेदी ने बताया कि जल स्तर बढने की आशंका को देखते हुए श्रीनगर जल विद्युत परियोजना कंपनी को झील का जल स्तर कम करने के निर्देश दे दिए गए ताकि नदी का पानी बढने पर इसको झील में रोका जा सके।  जल विद्युत परियोजना के मीडिया समन्वयक पंकज भट्ट ने बताया कि सामान्य तौर में झील में समुद्र तल से 603 मीटर तक पानी रहता है। इन दिनों पानी 602 मीटर है। झील का स्तर 601 मीटर लाने के लिए 25 क्यूमेक पानी छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि परियोजना झील में 611 मीटर ऊंचाई तक पानी रोका जा सकता है। 

धारी देवी मंदिर गए परिवार बिना दर्शन किए लौटे

देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से श्रीनगर गढ़वाल स्थित धारी देवी मंदिर गए कई परिवारों को बिना दर्शन किए लौटना पड़ा। श्रीनगर-ऋषिकेश राजमार्ग बंद होने के कारण लोगों को टिहरी होते हुए लौटना पड़ा। 

ईष्ट देव सेवा समिति के तत्वावधान में कई परिवार धारी देवी मंदिर गए थे। इसी दौरान जोशीमठ क्षेत्र में नदी से बड़े पैमाने पर नुकसान होने और बांध टूटने की जानकारी मिली। इसके बाद मंदिर समिति और प्रशासन ने मंदिर खाली करवा दिया।

समिति की ओर से मां धारी देवी की डोली कई स्थानों पर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देती है। इस दौरान उनके परिवार के लोग भी सलामती को लेकर परेशान रहे और नियमित जानकारी लेने का प्रयास करते रहे। इनमें पूजा, सरोज नेगी, सोना सजवाण, कमलेश्वरी नेगी, रत्ना नेगी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed