चमोली आपदाः तपोवन सुरंग से मलबा निकालने का काम जारी, मलारी पुल बहने से सेना व आईटीबीपी की आवाजाही ठप

विज्ञापन
Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 24 Feb 2021 09:28 PM IST
तपोवन में रेस्क्यू के लिए लगी टीमें
तपोवन में रेस्क्यू के लिए लगी टीमें - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
तपोवन सुरंग और बैराज साइट से मलबा हटाने और लोगों की तलाश का अभियान आपदा के 18वें दिन भी जारी रहा। हालांकि बुधवार को यहां कोई शव नहीं मिला है। मंगलवार को भी शव बरामद नहीं हुए थे। बैराज साइट में पानी आने से रोकने के लिए धौली नदी को दाहिने ओर मोड़ने के लिए काम किया जा रहा है। आपदा के समय बैराज साइट के गेट पर भारी भरकम पत्थर आ गया था, जिससे नदी का पानी पानी बैराज की तरफ मुड़ रहा था। मंगलवार शाम को यहां बोल्डर हटाने के लिए ब्लॉस्ट किया गया, जिससे पानी नहीं आने से बैराज साइट में शवों की तलाश में आसानी होगी। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें... चमोली जल प्रलय: भवानी देवी पर टूटा दुखों का पहाड़, पिछले साल पति की मौत, अब आपदा में बेटा लापता


सारा मलबा हटने पर ही होगा मिशन पूरा
सात फरवरी को आपदा के बाद से तपोवन टनल से मलबा हटाने का काम चल रहा है। इसमें सबसे आगे रहकर जेसीबी और लोडर ऑपरेटरकाम कर रहे हैं। पिछले 18 दिन से सुरंग के अंदर से मलबा हटाने में दिनरात जुटे ऑपरेटरों का कहना है कि वह सिर्फ एक ही बात सोचते हैं कि जितनी जल्दी हो सके वह सुरंग से पूरा मलबा हटा सकें। 
 
यह भी पढ़ें... चमोली जल प्रलय: खुद सैलाब में गुम हो गए जान पर खेलकर कई जिंदगियों को बचाने वाले महेंद्र, इंतजार कर रहे घरवाले

जेसीबी ऑपरेटर अमित भट्ट, राजेश चौधरी और लोडर ऑपरेटर जयदेव लाल रेस्क्यू अभियान में पहले दिन से सुरंग के अंदर से मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि सुरंग के अंदर कितनी भी विकट परिस्थिति रही हो, उन्होंने इसकी कभी चिंता नहीं की है। हालांकि खुद की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वह काम कर रहे हैं। दरअसल सुरंग के अंदर काम करना काफी मुश्किल भरा है। लगातार पीछे से मलबा आने और पानी निकलने से काम और भी मुश्किल हो रहा है। अंदर मशीन को संचालित करना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। ऑपरेटरों का कहना है कि हमारा लक्ष्य अंदर फंसे लोगों तक जल्दी से जल्दी पहुंचना है।

यह भी पढ़ें... हिमालयी क्षेत्र में इसलिए कमजोर हो रहे हैं ग्लेशियर, शोध में सामने आईं चौंकाने वाली बातें
विज्ञापन
आगे पढ़ें

38 मृतकों के परिजनों को दिया मुआवजा

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X