फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand cabinet minister Premchand Agarwal Special Interview with Amar ujala

पांच का पंच: कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने साझा किया उत्तराखंड के विकास का रोडमैप, पढ़ें स्पेशल इंटरव्यू

Mon, 25 Dec 2023 11:01 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 25 Dec 2023 11:01 AM IST
सार

कैबिनेट मंत्री ने उत्तराखंड के विकास के रोडमैप को लेकर अनूप वाजपेयी, राकेश खंडूरी, भूपेंद्र राणा, आफताब अजमत और रेनू सकलानी के सवालों के जवाब दिए। पेश है विस्तृत इंटरव्यू के प्रमुख अंश... 

विज्ञापन
Uttarakhand cabinet minister Premchand Agarwal Special Interview with Amar ujala
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आने वाले समय में उत्तराखंड के सामने कूड़ा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है। खुले और खाली स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों ने इस चुनौती को और अधिक उलझा दिया है। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का दावा है कि सरकार इस चुनौती से निपटने के प्रभावी उपाय कर रही है, मगर जन सहयोग के बिना इसकी शत-प्रतिशत कामयाबी मुमकिन नहीं है।

विज्ञापन


वह कहते हैं, कूड़ा फेंकने वालों से हम सख्ती निपटेंगे। जो ऐसे लोगों की तस्वीरें हमें भेजेंगे, हम उन्हें इनाम भी देंगे। कैबिनेट मंत्री ने विभाग से संबंधित पांच प्रमुख प्रश्नों के पूरी बेबाकी के साथ जवाब दिए। मंत्री ने आंकड़ों के जरिये बात रखने का प्रयास किया। उन्होंने अनूप वाजपेयी, राकेश खंडूरी, भूपेंद्र राणा, आफताब अजमत और रेनू सकलानी के सवालों के जवाब दिए। पेश है विस्तृत इंटरव्यू के प्रमुख अंश...

विज्ञापन

10 नई टाउनशिप का सर्वे पूरा, जल्द आगे बढ़ेगी बात

सवाल : शहरों पर आबादी का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य गठन से लेकर आज तक कई बार टाउनशिप को लेकर चर्चाएं हुईं, लेकिन कोई ठोस परिणाम धरातल पर नजर नहीं आ पाया। आपकी सरकार इसे किस तरह से देख रही है?
जवाब : देखिये, टाउनशिप को लेकर मुख्यमंत्री धामी और मैंने लगातार विभागों को निर्देश दिए थे। हमने प्रदेश में 22 स्थान नई टाउनशिप के लिए चिह्नित की थीं। इनमें से 10 टाउनशिप को अंतिम रूप से चुन लिया गया है। इनमें आठ मैदानी इलाकों और दो पर्वतीय इलाकों (एक गढ़वाल, एक कुमाऊं) में हैं। हमने अमेरिकी एजेंसी मैकेंजी को इसकी जिम्मेदारी दी है। सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब बात आगे बढ़ रही है।

जून 2024 से पहले पूरा करेंगे स्मार्ट सिटी का काम

सवाल : देहरादून स्मार्ट सिटी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। काम की सुस्ती से लेकर गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में रही है। क्या देहरादून स्मार्ट बनेगा, कब तक?
जवाब : मैं पहले स्पष्ट कर दूं कि दून नगर निगम के 100 में से 10 वार्डों को स्मार्ट सिटी कार्यों के लिए चुना गया था। यहां 22 में से 16 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। सात स्मार्ट शौचालय, तीन स्मार्ट स्कूल, आईसीसीसी दून, एकीकृत कमांड एंड नियंत्रण केंद्र, परेड ग्राउंड में क्रेज बिल्डिंग, परेड ग्राउंड में मॉडर्न दून लाइब्रेरी, 27 इलेक्ट्रिक बसें, स्मार्ट जल प्रबंधक स्काडा, वाटर एटीएम, दिलाराम चौक पर राष्ट्रीय स्मारकीय ध्वज, कलक्ट्रेट व सीडीओ ऑफिस का डिजिटाइजेशन, सिटीजन आउटरीच प्रोग्राम, नगर निगम को स्मार्ट अपशिष्ट वाहन, परेड ग्राउंड सौंदर्यीकरण, पलटन बाजार पैदलीकरण के काम पूरे हो चुके हैं। आउटफॉल ड्रेनेज स्कीम का 87 प्रतिशत, इंटिग्रेटेड आउटफॉल सीवरेज स्कीम का 60 प्रतिशत, स्मार्ट पोल का 50 प्रतिशत और स्मार्ट रोड का काम थोड़ा ही बचा है। ग्रीन बिल्डिंग में हम थोड़ा पिछड़ रहे हैं। हमने सुस्त या खराब गुणवत्ता का काम करने वाली कंपनियों को हटाया है। लोनिवि, सिंचाई आदि को जिम्मेदारी दी है। केंद्र ने हमें जून 2024 तक का समय दिया है, जिस अवधि तक हम इसे पूरा कर देंगे।

हम दून को डस्टबिन फ्री शहर बनाएंगे

सवाल : राजधानी देहरादून का तेजी से विस्तार हो रहा है। नई कालोनियां विकसित हो रही हैं। ऐसे में शहर के लिए कूड़ा प्रबंधन बड़ी समस्या है। जगह-जगह कूड़ा समस्या बन रहा है। सरकार ने 15 दिन में शहर से सभी कूड़ेदान हटाने की बात भी की है। इसकी क्या व्यवस्था होगी?
जवाब : जितने भी हमारे लीगेसी यानी पुराने कूड़े से जुड़े क्षेत्र हैं, हम उनकी सफाई कर रहे हैं। शहर में आप बड़े डस्टबिन देखते हैं, जल्द ही हम शहर को डस्टबिन फ्री कर देंगे। जो भी कूड़ा फेंकेगा, उसका कोई फोटो लेकर हमें बताएगा, उसे जुर्माने की रकम का 50 प्रतिशत इनाम के तौर पर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को लेकर जो अहमियत दी है, उसे देखकर हम कह सकते हैं कि हालात पहले से काफी बेहतर हो गए हैं। पहले शहरों में जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा होता था। अब हम घर-घर से कूड़ा उठाने की प्रक्रिया चला रहे हैं। हम दून को डस्टबिन फ्री करेंगे तो उसी हिसाब से कूड़े की गाड़ियां व मैनपावर बढ़ाएंगे। निश्चित तौर पर इसका अच्छा परिणाम निकलेगा।

कम खर्च करने वाले विभागों के बजट पर चलेगी कैंची, हो रही है समीक्षा

सवाल : बजट खर्च में कंजूसी बरतने वाले विभागों से निपटने के लिए आपने क्या किया? समय पर खर्च के लिए सीएम व आपके स्तर पर जो निर्देश दिए गए, उनका क्या असर रहा?
जवाब : असर दिखाई दिया। पहली बार हम अवस्थापना कार्यों पर सबसे अधिक धनराशि खर्च करने जा रहे हैं। दिसंबर तक हम 6,000 करोड़ की धनराशि पूंजीगत मद से कर चुके हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक यह 7,000 करोड़ के पार होगा। ये अपने आप में एक रिकार्ड होगा। इतनी अधिक धनराशि पहले किसी वित्तीय वर्ष में खर्च नहीं हुई। जो विभाग बजट खर्च में कंजूसी बरत रहे हैं, उनका भी इलाज करेंगे। ऐसे विभाग जब अपनी डिमांड भेजेंगे, हम उनसे पूछेंगे कि पिछला खर्च क्यों नहीं किया? उनके बजट में कटौती करेंगे। पिछले वित्तीय वर्षों की तुलना में इस साल राजस्व प्राप्तियों में भी बढ़ोतरी हुई है। जिन विभागों में कम राजस्व मिला है, उसमें सुधार के लिए उपाय किए जा रहे हैं।

विज्ञापन

नए साल में आएगा जनता का बजट, 10 जनवरी तक मांगे गए हैं सुझाव

सवाल : जनता की बजट से खास उम्मीदें होती हैं? कैसा होगा नए साल का बजट? सरकार की क्या तैयारी है?
जवाब : जनता को मैं बहुत भरोसे के साथ एक बात कह रहा हूं कि यह बजट जनता का बजट होगा। मैंने वित्त मंत्री के रूप में जब पहली बार बजट दिया, तब मैंने प्रयास किया कि हम जनता के साथ ही जितने हितधारक हैं, उनके साथ बैठें। उनके सुझाव लें और उनके हिसाब से ही हमारा बजट बनें। शायद मुझे लगता है कि पहली बार इस तरह का प्रयास हुआ था। हर बार हम एक ही बात करते हैं, जनता से सुझाव मांगते हैं। इस बार भी हम यही कर रहे हैं, जनता से सुझाव मांगे हैं और उनसे कहा है कि 10 जनवरी 2024 तक वह https://budget.uk.gov.in/feedback, http://https://budget.uk.gov.in/feedback ईमेल budget-uk@nic.in और व्हाट्सएप मोबाइल नंबर 9520820683 पर सुझाव भेज सकते हैं।

जीएसटी चोरी रोकने के लिए वाहनों में लगाया जाएगा जीपीएस

सवाल : जीएसटी संग्रहण बढ़ाने पर सरकार का फोकस है। जीएसटी चोरी रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
जवाब : प्रदेश में जीएसटी संग्रहण लगातार बढ़ रहा है। जीएसटी चोरी रोकना भी हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए राज्य कर विभाग में एसआईटी गठित है। जिसके माध्यम से टैक्स चोरी पर कार्रवाई की जा रही है। पिछले डेढ़ साल में कई टैक्स चोरी करने वाले फर्जी फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। हरिद्वार में छह फर्जी फर्मों से 17.20 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। जहां पर जीएसटी चोरी में मुकदमा दर्ज किया गया। इसी तरह जसपुर में टिंबर कारोबारी के खिलाफ टैक्स चोरी की कार्रवाई की गई। मालवाहक वाहनों पर जीपीएस लगाए जा रहे हैं, जिससे माल परिवहन करने के वाहन की लोकेशन का पता लग सके।

उत्तराखंड के बाद केंद्र सरकार ने भी शुरू की योजना

उपभोक्ताओं को सामान खरीदने पर जीएसटी बिल लेने के लिए प्रदेश सरकार बिल लाओ इनाम पाओ योजना शुरू की है। इस योजना को लेकर उपभोक्ताओं में काफी उत्साह है। जिससे सरकार ने योजना को 31 मार्च 2024 तक बढ़ाया है। योजना में उपभोक्ताओं की ओर से भेजे जा रहे बिलों के आधार पर जीएसटी चोरी भी पकड़ी जा रही है। इस योजना को कई अन्य राज्य भी शुरू करने के लिए उत्तराखंड से जानकारी ले रहे हैं। केंद्र सरकार ने भी बिल लाओ इनाम पाओ योजना की तर्ज पर छह माह के लिए योजना शुरू की है।

लेखानुदान नहीं पूर्ण बजट आएगा

लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत यह संभावना भी जताई जा रही है कि सरकार पूर्ण बजट के स्थान पर शायद लेखानुदान लेकर आए, लेकिन वित्त मंत्री अग्रवाल ने साफ कर दिया कि सरकार का लेखानुदान लाने का कोई इरादा नहीं है। सरकार पूर्ण बजट लेकर आएगी और इसी हिसाब से अपनी तैयारी कर रही है।

मतदाता सूची, ओबीसी आरक्षण के बाद कराएंगे निकाय चुनाव

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने निकाय चुनाव के सवाल पर कहा, मतदाता सूची एवं ओबीसी आरक्षण के लिए सर्वे का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा, जैसे ही ये काम पूरे होंगे, उसी हिसाब से हम निकाय चुनाव की तैयारी शुरू कर देंगे। लोकसभा चुनाव से पहले या बाद के सवाल पर मंत्री अग्रवाल ने कहा कि तैयारियां तेजी से चल रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed