उत्तराखंड: परिवहन व्यवसायियों को राहत, तीन माह और बढ़ी टैक्स में छूट, पढ़ें कैबिनेट के अन्य फैसले...
- मंत्रिमंडल ने लिया फैसला, स्कूल बस, भारी मालवाहक भी छूट के दायरे में
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कोविड-19 के संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन से परिवहन व्यवसायियों को हुए नुकसान को देखते हुए मंत्रिमंडल ने मोटरयान कर में छूट को तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। छूट के इस दायरे में स्कूल बस और भारी मालवाहक (ट्रक) को भी शामिल किया गया है।
बृहस्पतिवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कहा गया कि लॉकडाउन के कारण पर्यटन से जुड़े परिवहन व्यवसायियों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। इसी को देखते हुए मोटरयान कर में स्टेज एवं कांट्रेक्ट केरिज बस, टैक्सी कैब, मैक्सी कैब, ऑटो रिक्शा, विक्रम, परमिट से छूट प्राप्त ई रिक्शा, भारी वाहनों को तीन माह के लिए छूट प्रदान की गई थी।
अब फिर से तीन माह की छूट देने पर करीब 63.28 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा। स्कूल बसों और सार्वजनिक वाहनों को शामिल करने पर यह व्यय भार करीब 75 करोड़ रुपये का होगा। पहले यह छूट अप्रैल, मई और जून तक थी, अब यह जुलाई से सितंबर तक और बढ़ा दी गई है।
मंत्रिमंडल ने इसी के साथ कोविड काल के दौरान लाए गए अध्यादेशों को विधेयक के रूप में सदन में प्रस्तुत करने की भी अनुमति दी। इसमें श्रम सुधार के साथ ही कृषि, मास्क की अनवार्यता से संबंधित अध्यादेश शामिल हैं। मंत्रिमंडल के समक्ष कुल मिलाकर 32 मामले रखे गए थे, इनमें से एक को स्थगित किया गया है।
पुंछी आयोग को लेकर कमेटी गठित
केंद्र और राज्य सरकार के बीच के संबंधों की पड़ताल के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन मोहन पुंछी की अध्यक्षता में गठित आयोग की संस्तुतियों पर विमर्श के लिए कमेटी गठित। कमेटी में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, वन मंत्री हरक सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे शामिल हैं।
केदारनाथ में भूमिधरी का अधिकार
केदारनाथ में मार्ग चौड़ीकरण के लिए कुछ लोगों को जमीनों का अधिग्रहण किया गया था। इन लोगों को सरकार ने जमीन के बदले जमीन दी थी। लेकिन इन लोगों को जमीन का भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल पाया था, मंत्रिमंडल ने जेडएलआर एक्ट में संशोधन करते हुए इन्हें भूमिधरी का अधिकार देने का फैसला किया है।
संविदा के जेई को 24 हजार मानदेय
लोक निर्माण विभाग में संविदा पर काम करने वाले कनिष्ठ अभियंताओं को अभी तक 15000 रुपये दिए जा रहे थे, अब इनको 24 हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा। ऐसे करीब 350 अभियंता हैं।
एक अक्षर की गलती सुधारी मंत्रिमंडल ने
इससे पहले हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश सरकार पछवादून के लिए पछवादून विकास नगर भू उपयोग महायोजना 2021 के लिए भू उपयोग में परिवर्तन का फैसला किया गया था। इसमें एक अक्षर ख, अतिरिक्त रूप से जुड़ गया था। मंत्रिमंडल ने इस अक्षर को हटाते हुए इस फैसले पर फिर से मोहर लगाई।
सिंचाई विभाग में अब अधिक को काम
सिंचाई विभाग में अब अधिक लोगों का काम मिल सकेगा। मंत्रिमंडल ने सिंचाई विभाग में नहर निर्माण और बाड़ नियंत्रण के कामों को चार हिस्सों में बांटकर करने की अनुमति दी। पहले पूरा एक ही जॉब वर्क था।
विस अध्यक्ष, उपाध्यक्ष भी भरेंगे आय कर
सरकार ने कुछ समय पहले ही फैसला किया था कि मंत्रियों का आयकर उनके वेतन से ही भरा जाएगा। अब इस दायरे में विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को भी लाया गया है। यह विधेयक भी विधानसभा सत्र में लाया जाएगा।
राधा भवन स्टेट की भूमि का अधिग्रहण नहीं
मसूरी में राज्य अतिथि गृह के लिए प्रदेश सरकार ने मसूरी स्थित राधा भवन स्टेट की भूमि का अधिग्रहण करना तय किया था। अब तय किया गया कि यह अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। इससे करीब 176 लाख रुपये बचेंगे।
कैबिनेट के अन्य फैसले
1. उत्तराखंड सूक्ष्म, लधु एवं मध्यम उद्यम नीति एवं क्रियान्वयन आदेश 2015 में संशोधन। केंद्र सरकार की तर्ज पर उद्योगों की सीमा में इजाफा।
2. उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का नाम वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी तकनीकि विश्वविद्यालय किया।
3. उत्तराखंड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन संविदा खेती और सेवाएं प्रोत्साहन सुविधा अध्यादेश 2020 विधेयक के रूप में आएगा।
4. संस्कृति विभाग में महानिदेशक पद की स्वीकृति।
5. पेयजल निगम सलाहकार प्रबंध निदेशक पद चयन भर्ती नियमावली।
6. नगर निकाय में जेसीओ रैंक से छोटे पद पर पूर्व सैनिकों और सैन्य विधावाओं को गृह कर में छूट।
7. शहरी विकास विभाग में ईओ पद पर सीधी भर्ती डाउनग्रेड करके लेने का फैसला।
8. घुड़सवार पुलिस सेवा संशोधन नियमावली 2020 को मंजूरी।
9. उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा में नर्सिग संर्वग सेवा नियमावली 2020 को मंजूरी।
10. माल और सेवा कर कठिनाईयों के निवारण के लिए लाए गए अध्यादेश को विधेयक के रूप में लाए जाने को मंजूरी।
11. जिला योजनाओं को मंजूरी का अधिकार जिलाधिकारियों को देने का अध्यादेश लाया गया था। इसे विधेयक के रूप में विधानसभा में लाया जाएगा।