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उत्तराखंड: कैबिनेट ने यूपी से भी सस्ती की शराब, अब इतने फीसदी कम रेट में होगी उपलब्ध

Sun, 23 Feb 2020 10:02 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 23 Feb 2020 10:02 AM IST
सार

  • तस्करी रोकने के लिए 20 प्रतिशत कम किए शराब के रेट
  • अब बार लाइसेंस डीएम जारी करेंगे, एफएल 2 लाइसेंस में नहीं हुआ बदलाव 

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Uttarakhand cabinet meeting Approve New Excise Policy, Liquor Rate Decreased up to 20 percent
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड सरकार ने शराब की दुकानों को नीलाम (टेंडर प्रक्रिया) करने की व्यवस्था समाप्त कर अब लाटरी सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया है। दुकान लेने के लिए व्यवसायी आवेदन पर्ची डालेंगे, जिसकी लाटरी निकाली जाएगी। इसी के साथ शराब तस्करी रोकने के लिए रिटेल रेट उत्तर प्रदेश से भी कम कर दिए हैं।

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सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए मंजूर आबकारी नीति में कई बदलाव किए हैं। चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रभावी नीति कारगर नहीं रहने से यह कदम उठाना पड़ा। विभाग का मानना है कि तय लक्ष्य 31 सौ करोड़ को हासिल करने में सबसे अधिक दिक्कत सभी शराब दुकानों की नीलामी नहीं होने से आई है। छह सौ से अधिक दुकानों में से 131 नीलाम नहीं हो पाई थीं। इससे रिटेल बिक्री के 2175 करोड़ रुपये के लक्ष्य का 70 से 80 प्रतिशत ही पूरा हो पाया। 

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ऐसे में विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए दुकानों की टेंडर प्रक्रिया समाप्त कर दी है। लाटरी सिस्टम से अधिक प्रतिस्पर्धा होगी, जिससे राजस्व बढ़ेगा। इसके साथ दूसरा बदलाव शराब के रिटेल बिक्री रेट कम करने का है। विभाग 15 से 20 प्रतिशत देसी और अंग्रेजी शराब के दाम कर रहा है। यूपी के मुकाबले में यह दाम सात से 10 प्रतिशत तक कम रहेंगे, जिससे तस्करी कम होने के साथ बिक्री बढ़ेगी। 

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अब बार लाइसेंस डीएम जारी करेंगे

होटल, वेडिंग प्वाइंट और रेस्टोरेंट में शराब और बीयर बार के लाइसेंस जारी करने का अधिकार अब आबकारी विभाग से हटा दिया है। बार लाइसेंस की पेचीदा प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अब जिलाधिकारी को लाइसेंस देने का अधिकार रहेगा। लाइसेंस के रिन्युअल का अधिकार भी जिलाधिकारी के पास होगा। 

एफएल 2 लाइसेंस में नहीं हुआ बदलाव 
विभाग ने एफएल 2 की लाइसेंस प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया है। माना जा रहा था राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार एफएल 2 का लाइसेंस बड़ी शराब कंपनी को देने की तैयारी में है। इससे दूसरे ब्रांडों को नुकसान पहुंचने की आशंका बन जाती। ऐसे में पहली की ही व्यवस्था के तहत एफएल 2 के लाइसेंस दिए जाएंगे। 

35 सौ करोड़ का लक्ष्य, दुकानें नहीं बढ़ेंगी
सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लक्ष्य 35 सौ करोड़ रुपये कर दिया है, लेकिन दुकानों की संख्या नहीं बढ़ाई है। लाटरी के अलावा अगर कोई व्यवसायी दुकान के मौजूदा राजस्व में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव देता है, तो उसे दुकान दे दी जाएगी। किन्हीं कारणों से अगर दुकान नहीं बिकती है, तो विभाग ने दुकान को दो हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लाटरी निकालने का विकल्प भी रखा है। 

सीएसडी कैंटीनों में भी घटेंगे दाम 

सरकार के शराब के रेट घटाने का असर सेना की सीएसडी कैंटीनों पर भी दिखेगा। प्रदेश में शराब के दाम बढ़ने से पूर्व सैनिकों को भी अन्य राज्यों से मंहगी शराब खरीदनी पड़ रही थी। 

कहीं भी मद्य निषेध क्षेत्र घोषित कर सकेगी सरकार
मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 में संशोधन किया है। अधिनियम की धारा 37 (क) की उपधारा तीन को समाप्त कर दिया गया है। इसके तहत यह तय था कि स्कूल, कालेज, सरकारी दफ्तर, मंदिर आदि के पास दुकान नहीं खोली जा सकती।

संशोधन के बाद सरकार तय स्थानों स्कूल, कालेज, मंदिर और कार्यालयों आदि के अलावा सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक कारणों से कहीं भी मद्य निषेध (शराब की बिक्री प्रतिबंधित) लागू कर सकती है। इस संशोधन को हाईकोर्ट के मद्य निषेध नीति तैयार करने के बाद पारित किया गया। 

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