उत्तराखंड कैबिनेट: मुख्यमंत्री रोजगार योजना और नर्सों की सीधी भर्ती को लेकर अच्छी खबर
- शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी, ठेली वालों के लिए बिना गारंटी की ऋण योजना में ब्याज पर दो प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी
- उत्तराखंड अधीनस्थ नर्सिंग सेवा नियमावली 2020 को मंजूरी
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में रेहड़ी, ठेली, चलती-फिरती दुकान लगाने वालों के लिए रोजगार से अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। केंद्र सरकार की बिना गांरटी के ऋण योजना के तहत अब प्रदेश सरकार ऋण पर दो प्रतिशत ब्याज की सब्सिडी देगी।
इससे शहरी क्षेत्रों में 70 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि योजना के लिए सहकारी बैंक ही ऋण देंगे। वहीं, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अब मोटर साइकिल टैक्सी भी चलेंगी। प्रथम चरण में 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। योजना में 60 हजार रुपये का ऋण मिलेगा।
नर्सों की सीधी भर्ती में 80 प्रतिशत पद महिलाओं से भरे जाएंगे
प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड अधीनस्थ नर्सिंग (अराजपत्रित) सेवा नियमावली 2020 को मंजूरी दे दी है। अब नर्सों की सीधी भर्ती में पदों पर 80 प्रतिशत महिलाएं और 20 प्रतिशत पुरुषों की नियुक्ति की जाएगी। नियमावली बनने से सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में नर्सों की नियमित भर्ती की जा सकेगी।
सेवा नियमावली में नर्सों के खाली पदों की सीधी भर्ती में कुल पदों में 70 प्रतिशत पदों में नर्सिंग में डिप्लोमा धारक और 30 प्रतिशत पर डिग्री धारक उम्मीदवारों से भरे जाएंगे। नर्सों की भर्ती के लिए भारतीय नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएससी नर्सिंग या मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से जनरल नर्सिंग एवं मिड वाइफरी, मनोरोग विज्ञान का डिप्लोमा होना अनिवार्य होगा।
राजकीय चिकित्सालय या मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थान से एक साल का अनुभव होना चाहिए। बता दें कि नियमावली में संशोधन से सरकारी अस्पतालों में नियमित नर्सों की भर्ती की जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग को इस समय लगभग चार हजार से अधिक नर्सों की जरूरत है।