कैबिनेट का फैसला: उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में महंगा हुआ इलाज, क्या रहेगा शुल्क यहां जानिए...
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उत्तराखंड सरकार ने नौ साल के बाद सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए यूजर चार्ज की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इससे जिन लोगों के पास अटल आयुष्मान योजना का कार्ड नहीं है, उनके लिए सरकारी अस्पतालों में इलाज महंगा हो गया है। वहीं आयुष्मान कार्ड धारकों को निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यूजर चार्ज की नई दरों को मंजूरी दे दी दई। वहीं सरकारी अस्पतालों में सभी के लिए 56 प्रकार की पैथोलॉजी जांच निशुल्क ही रहेगी।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2010 में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी, आईपीडी पंजीकरण और भर्ती शुल्क, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी जांच समेत जनरल प्राइवेट और पेइंग वार्ड में बेड की दरें निर्धारित की थीं। इसके बाद सरकार ने यूजर चार्ज में किसी तरह से बदलाव नहीं किया था। नौ साल के बाद सरकार ने यूजर चार्ज में बढ़ोतरी की है। हालांकि राज्य के आयुष्मान कार्ड धारकों को पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की सुविधा होने के चलते इस फैसले से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
राज्य से बाहर के मरीजों से यूजर चार्ज वसूला जाएगा। नई दरों में एक्सरे की दरें पूर्व की भांति 160 रुपये ही रखी गई है। वहीं अल्ट्रासाउंड की दरों को 471 रुपये बढ़ा कर 700 रुपये किया गया है। जबकि ईसीजी की दर में महज एक रुपया बढ़ाकर इसे 120 रुपये कर दिया गया है। सरकार ने रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजी जांच के लिए वर्तमान में अलग-अलग श्रेणी के हिसाब से निर्धारित दरों को खत्म कर आयुष्मान कार्ड धारक और नॉन आयुष्मान कार्ड धारकों के हिसाब से कॉमन दरें तय की हैं।
पांच किमी तक एंबुलेंस का नहीं लगेगा किराया
कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि मरीजों को पांच किमी. तक एंबुलेंस का कोई किराया नहीं लिया जाएगा। पांच किमी. से अधिक दूरी होने पर 20 रुपये प्रति किमी. की दरें से किराया लिया जाएगा। जबकि वर्तमान में पांच किमी. की दूरी तक भी 10 रुपये प्रति किमी. की दर से किराया लिया जाता है।
वहीं, यूजर चार्ज से सरकारी अस्पतालों को प्राप्त होने वाली धनराशि का 50 प्रतिशत अब सरकारी खजाने में जमा नहीं होगा। यह राशि अब स्वास्थ्य महानिदेशक के खाते में जमा होगी। जबकि 50 प्रतिशत अस्पताल प्रबंधन समिति ही खर्च कर सकेगी।
वित्त विभाग की ओर से आपत्ति लगाने के बाद कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। इससे अब स्वास्थ्य विभाग को सरकारी अस्पतालों की जरूरी चिकित्सा सामग्री के लिए सरकार से बजट नहीं मांगना पड़ेगा।
आयुष्मान व प्रदेश से बाहर के लोगों के लिए ओपीडी पंजीकरण शुल्क की दरें
अस्पताल पहले नई दरें राज्य से बाहर के मरीजों के लिए
पीएचसी 11 15 30
सीएचसी 12 20 40
जिला अस्पताल 23 30 60
आयुष्मान व प्रदेश से बाहर के लोगों के लिए आईपीडी पंजीकरण शुल्क की दरें
अस्पताल पहले नई दरें राज्य से बाहर के मरीजों के लिए
पीएचसी 14 15 30
सीएचसी 46 50 100
जिला अस्पताल 119 120 240
अस्पतालों में जनरल वार्ड, पेईंग वार्ड और प्राइवेट वार्ड में बैड की दरें
अस्पताल वार्ड बैड की वर्तमान दरें नई दरें आयुष्मान कार्ड धारक राज्य से बाहर के मरीजों के लिए
पीएचसी जनरल वार्ड 14 15 15
सीएचसी जनरल वार्ड 14 15 15
जिला अस्पताल जनरल वार्ड 46 50 50
जिला अस्पताल पेईंग वार्ड 119 120 240
जिला अस्पताल प्राइवेट वार्ड-दो बैड 190 200 400
जिला अस्पताल प्राइवेट वार्ड एक बैड 300 400 800
जिला अस्पताल प्राइवेट वार्ड एसी 590 600 1000
जिला अस्पताल एसी रूम 1180 1200 1600
पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच के लिए निर्धारित दरें
जांच आयुष्मान कार्ड धारक राज्य से बाहरी के मरीजों के लिए
ब्लड यूरिया 50 50
एक्सरे 160 160
हीमोग्लोबिन 18 18
सीबीसी 135 135
आरबीसी 50 50
ब्लड ग्रुप 50 50
प्लेटेलेट्स 50 50
अल्ट्रासाउंड 471 700
ईसीजी 120 120
सरकारी अस्पतालों के नए यूजर चार्ज पर आम लोगों पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा। आयुष्मान योजना में प्रदेश के लोगों को निशुल्क इलाज दिया जा रहा है। जिन लोगों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उन्हें यूजर चार्ज देना होगा। पैथोलॉजी व रेडियोलॉजिस्ट जांच के लिए अलग-अलग श्रेणी के हिसाब से दरों को समाप्त कर कॉमन रेट निर्धारित किए गए।
-डॉ. पंकज पांडेय, प्रभारी, सचिव, स्वास्थ्य विभाग