Cabinet Decision: देहरादून में नियो मेट्रो के लिए सरकारी विभाग एक रुपये में देंगे जमीन, ये रहेगा रूट
राजधानी में नियो मेट्रो के लिए लाइन बिछाने और इसके स्टेशन बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जिन स्टेशनों पर सरकारी विभागों की जमीन दायरे में आ रही है, वह शहरी विकास को अपनी जमीन 99 साल के लिए देंगे।
विस्तार
राजधानी देहरादून में प्रस्तावित नियो मेट्रो के प्रोजेक्ट के लिए सरकारी विभाग केवल एक रुपये में जमीन देंगे। नियो मेट्रो के लिए डीपीआर पूर्व में स्वीकृत होने के बाद इसका प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में लंबित है। कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
Cabinet Decision: उत्तराखंड में जमीन खरीदना हुआ अब और महंगा, तीन साल बाद 33 प्रतिशत बढ़े सर्किल रेट
राजधानी में नियो मेट्रो के लिए लाइन बिछाने और इसके स्टेशन बनाने के लिए जमीनों की अधिग्रहण किया जाएगा। जिन स्टेशनों पर सरकारी विभागों की जमीन दायरे में आ रही है, वह शहरी विकास को अपनी जमीन 99 साल के लिए देंगे। खास बात यह है कि इस जमीन के लिए केवल एक रुपये शुल्क मिलेगा।
नियो मेट्रो के रूट
- आईएसबीटी से घंटाघर: यह रूट साढ़े आठ किमी होगा। आईएसबीटी, सेवला कलां, आईटीआई, लाल पुल, चमनपुरी, पथरीबाग, रेलवे स्टेशन, कचहरी, घंटाघर और गांधी पार्क पर स्टेशन बनेंगे। इस रूट के लिए 1.58 हेक्टेयर सरकारी और 1.18 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण होना है।
- एफआरआई से रायपुर: यह रूट 13.9 किमी लंबा होगा और 15 स्टेशन बनेंगे। इनमें एफआरआई, बल्लूपुर, आईएमए ब्लड बैंड, दून स्कूल, मल्होत्रा बाजार, घंटाघर, सीसीएमसी, आराघर चौक, नेहरू कॉलोनी, विधानसभा, अपर बदरीश कॉलोनी, अपर नत्थनपुर, ऑर्डनेंस फैक्टरी, हाथीखाना चौक, रायपुर शामिल हैं। इस रूट के लिए 5.08 हेक्टेयर सरकारी और 1.38 हेक्टेयर निजी भूमि के अधिग्रहण की जरूरत है। निर्माण कार्य के दौरान करीब आठ हजार स्क्वायर मीटर जगह अस्थायी तौर पर चाहिए।
जानिए नियो मेट्रो के बारे में
मेट्रो नियो रेल गाइडेड सिस्टम है। इसमें रबड़ के टायर वाले इलेक्ट्रिक कोच होते हैं। ये कोच स्टील या एल्युमीनियम के बने होते हैं। इसमें इतना पावर बैकअप होता है कि बिजली जाने पर भी 20 किमी तक चल सकते हैं। सामान्य सड़कों के किनारों पर फेंसिंग करके या दीवार बनाकर इसका ट्रैक तैयार होता है। इसमें ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम होगा जिससे स्पीड लिमिट नियंत्रण में रहेगी। टिकट का सिस्टम क्यूआर कोड या सामान्य मोबिलिटी कार्ड से होगा। ट्रैक की चौड़ाई आठ मीटर होगी। जहां ट्रेन रुकेगी वहां 1.1 मीटर का साइड प्लेटफॉर्म होगा। इसकी स्पीड 70 किमी प्रति घंटा होगी।
90 से 225 लोग कर सकेंगे कोच में सफर
नियो मेट्रो के कोच दो तरह की लंबाई के होंगे। एक कोच 12 मीटर लंबा। इसमें अधिकतम 90 यात्री सफर कर सकेेंगे। दूसरा कोच 24 से 25 मीटर लंबा होगा। इसमें 225 यात्री सफर कर सकेंगे। कोच की चौड़ाई ढाई मीटर होगी। हर स्टेशन की लंबाई 60 मीटर तक होगी।