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उत्तराखंड कैबिनेट का फैसला, 400 करोड़ से सुधरेगी मलिन बस्तियां
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 22 Jul 2016 09:09 AM IST
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हरीश रावत
- फोटो : amar ujala
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मलिन बस्तियों के विकास के लिए उत्तराखंड सरकार एक कमेटी बनाएगी, जिसमें शहरी विकास मंत्री के अलावा सचिव वित्त आदि को शामिल किया जाएगा।
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विकास कार्यों के लिए 400 करोड़ का फंड भी स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में एक महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में पास किया गया। इसके बाद बृहस्पतिवार शाम बुलाई गई कैबिनेट की बैठक में इसके लिए कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया। वहीं, स्टार्ट अप के लिए दस करोड़ रुपये कॉर्पस फंड बनाया गया है।
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विधानसभा में बृहस्पतिवार को प्रदेश के नगर निकायों में स्थित मलिन बस्तियों के सुधार, विनियमितीकरण, पुनर्वासन, पुर्नव्यस्थापन एवं अतिक्रमण निषेध अधिनियम को मंजूरी दी गई। अधिनियम के तहत अधिसूचित मलिन बस्तियों को छोड़कर 11 मार्च 2016 के बाद बसने वाली मलिन बस्तियों को प्रतिबंधित किया गया है।
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यह भी कहा गया है कि इन बस्तियों को बसने एवं बसाने में सहयोग करने में दोषी पाए जाने पर छह महीने की सजा और अवैध कब्जेदार से प्रतिदिन 500 रुपये का अर्थदंड वसूला जाएगा। इस व्यवस्था को लागू करने के मकसद से कैबिनेट की बैठक में एक सब कमेटी बनाने की बात तय की गई है, जिसमें शहरी विकास मंत्री व वन मंत्री के अलावा सचिव वित्त व न्याय को सदस्य बनाया गया है। साथ ही शहरी विकास विभाग इस कार्य के लिए कंसलटेंट की नियुक्ति करेगा।
इस संबंध में किए जाने वाले सुधार कार्यों के लिए 400 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी स्वरोजगार योजना को वित्त पोषित किए जाने के लिए स्टार्ट अप के तहत 10 करोड़ का एक अतिरिक्त कॉर्पस फंड बनाया जाएगा।
एक अन्य फैसले में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में प्रदेश के बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान किए जाने की जो व्यवस्था की गई थी, उसके स्थान पर स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने संबंधी योजना आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। इसकी जिम्मेदारी सूक्ष्य, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग को दी गई है, जो युवा बेरोजगारों के लिए सुलभ स्वरोजगार उपलब्ध कराए जाने संबंधी योजना बनाएगा।
योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे युवा शिक्षित बेरोजगार जो जिला क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकृत हैं और जो स्वरोजगार अपनाकर अपना उद्यम प्रारंभ करना चाहते हैं, उन्हें परियोजना लागत के 25 प्रतिशत (अधिकतम 50 हजार रुपये) प्रति व्यक्ति सहायता/अनुदान दिया जाएगा।
मुख्य बातें...
11 मार्च 2016 के बाद बसने वाली बस्तियां कीं प्रतिबंधित।
बसाने में सहयोग करने का दोषी पाए जाने पर 6 महीने की सजा।
अवैध कब्जेदार से प्रतिदिन 500 रुपये अर्थदंड वसूला जाएगा।
सुधार कार्यों के लिए 400 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड स्थापित।
स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने संबंधी योजना आरंभ की जाएगी।