कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, पढ़िए एक नजर में
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राज्य के नर्सिंग कालेजों में प्रवेश लेने पर अब 50 फीसदी अधिक फीस लगेगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने फीस को दोगुना करने का प्रस्ताव रखा था। मगर इस पर मंत्रिमंडल में सहमति नहीं बनी लेकिन विभिन्न कोर्सों की फीस में अधिकतम पचास फीसदी वृद्धि पर मुहर लग गई।
फीस वृद्धि में नर्सिंग स्नातक और स्नातकोतर कोर्स सहित अन्य सभी प्रकार के कोर्स शामिल हैं। मंत्रिमंडल के फैसले के बाद विभिन्न कोर्सों की फीस की विस्तृत प्रारुप तैयार होगा। एमएससी नर्सिंग की फीस बढ़ोतरी इसी सत्र से लागू होगी जबकि अन्य कोर्सों की फीस अगले सत्र से बढे़गी।
उत्तराखंड में बीएससी नर्सिंग के तीन राजकीय कॉलेज हैं जबकि एएनएम के पांच कालेजों में कोर्स करवाए जाते हैं। इन्हीं आठ कालेजों में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफी (जीएनएम) का कोर्स भी करवाया जाता है। बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें, पीजी की 30 सीटें, जीएनएम की 80 सीटें और एएनएम की 150 सीटें हैं।
अब विभाग एमएससी नर्सिंग के अलावा अन्य कोर्सों को नए सिरे से फीस का ढांचा तैयार करेगा। एमएससी नर्सिंग की फीस अब 49 हजार रुपये वार्षिक कर दी है, जबकि पहले फीस 32500 रुपये थी। एमएससी नर्सिंग की फीस इसी सत्र से बढ़ेगी जबकि अन्य कोर्सों की फीस अगले सत्र से बढ़ेगी।
हटाए गए उपनल कर्मी दोबारा होंगे तैनात
मंत्रिमंडल की बैठक में उपनल के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर विभिन्न विभागों में तैनात कर्मियों को नहीं हटाया जाएगा। जिन कर्मचारियों को हटाया गया है उन्हें अन्यत्र तैनात करने का भी फैसला लिया गया। उपनल कर्मियों ने उनकी सेवाएं समाप्त करने पर व्यापक आंदोलन किया था, जिसके बाद मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया।
माननीयों की पेंशन-भत्ता नियमावली में संशोधन
पूर्व विधायकों को मिलने वाली विधानसभा सदस्य पेंशन भत्ता नियमावली में संशोधन कर कुछ सुविधाएं बढ़ाने का मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है। जबकि विधायकों को मिलने वाले कूपन को 6 हजार मासिक को 12 हजार रुपये मासिक कर दिया है। पूर्व विधायकों की सुविधाएं बढ़ाए जाने को मंजूरी के बाद अब उनके विभिन्न भत्तों को रिवाइज किया जाएगा।
वैकल्पिक ऊर्जा हुई महंगी
कैबिनेट ने वैकल्पिक ऊर्जा के उत्पादन पर दस पैसे प्रति यूनिट का अधिभार लगाने का भी फैसला किया। इसमें ग्रिड में शामिल होने वाली बिजली के अलावा अन्य उत्पादित बिजली भी शामिल है। इसे उत्तराखंड हरित ऊर्जा उपकर का नाम दिया गया। इसके साथ ही कैबिनेट ने जर्जर हो चुके बिजली के ट्रांसफार्मर, बिजली के तार, खंभे आदि को बदलने के निर्देश दिए। इसके लिए पावर फाइनेंस कारपोरेशन आफ इंडिया से कर्जा लिया जाएगा। कैबिनेट ने भी उत्तराखंड विद्युत निरीक्षण सुरक्षा संबंधित उपाय आदेश को भी मंजूरी दी गई।
आर्य और सुरेंद्र राकेश गैरहाजिर
कैबिनेट में राजस्व मंत्री यशपाल आर्य और समाज कल्याण मंत्री सुरेंद्र राकेश मौजूद नहीं रहे। बताया गया कि आर्य किसी कार्यक्रम में व्यस्त रहने के कारण नहीं आ पाए जबकि सुरेंद्र राकेश स्वास्थ्य सही न होने की वजह से नहीं पहुंचे।
कैबिनेट के अन्य मुख्य फैसले
- तीर्थ पुरोहितों को आठ सौ रुपये पेंशन देने की घोषणा को मिली कैबिनेट की मंजूरी।
- उत्तराखंड के पौराणिक मेलों को पर्यटन से जोड़ा जाएगा, इसके लिए मेला निधि बनेगी।
- तीलू रौतेली विशेष पेंशन योजना में 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष भी शामिल।
- जौनसार बाबर सेवानिवृत्त कर्मचारी मंडल को सद्दोवाला में दी गई भूमि पर नजराना माफ।
- राज्य आंदोलनकारियों को नौकरियां देने के मसले पर मुख्यसचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित, यह कमेटी उत्तरप्रदेश में संबंधित व्यवस्था का अध्ययन कर सुझाव सरकार को सौंपेगी।
- गैरसैंण विकास प्राधिकरण के लिए जल्द ही आर्डिनेंस लाने को कैबिनेट की मंजूरी।
- राज्य आंदोलनकारियों के पक्ष को मजबूती से रखने के लिए अपर महाधिवक्ता की अध्यक्षता में कमेटी गठित, कमेटी में न्याय विभाग का अधिकारी और एक अधिवक्ता शामिल होगा।
- कृषि भूमि के भू उपयोग परिवर्तन के मामले में भी कमेटी का गठन।
- बिंदु खत्ता, बापू ग्राम और कालागढ़ को वन ग्राम से राजस्व ग्राम घोषित किये जाने के पुराने फैसले पर कैबिनेट कायम, कुछ कानूनी दिक्कतों को हवाला देते हुए फैसले को वापस लेने की बात की गई थी।