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Uttarakhand: सारा के गठन को कैबिनेट की मंजूरी, चेकडैम से संवारे जाएंगे धारे-नौले और जलस्रोत
Tue, 31 Oct 2023 06:53 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 31 Oct 2023 06:53 PM IST
सार
एकीकृत एजेंसी सारा के गठन के बाद नौले-धारों के उद्धार पर काम करने वाले विभिन्न विभाग एक अंब्रेला के नीचे एक साथ काम कर पाएंगे।
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पानी
- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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विस्तार
प्रदेश में वर्षा जल संग्रहण के लिए धारे-नौले और जलस्रोतों को हजारों चेकडैम बनाकर पुनर्जीवित किया जाएगा। इसके लिए धामी कैबिनेट ने एकीकृत एजेंसी स्प्रिंगशेड एंड रिवर रिजुवेनेशन एजेंसी (सारा) के गठन को मंजूरी दी है। यह एजेंसी जलागम विभाग के तहत काम करेगी। इसके लिए कुल 195 विभिन्न पदों पर नियुक्ति की जाएगी। जबकि कई अन्य विभागों को योजना में शामिल किया जाएगा।
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एकीकृत एजेंसी सारा के गठन के बाद नौले-धारों के उद्धार पर काम करने वाले विभिन्न विभाग एक अंब्रेला के नीचे एक साथ काम कर पाएंगे। उत्तराखंड उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों को सिंचित करने वाली अपनी अनेक सदानीरा नदियों के लिए जाना जाता है। प्रदेश में ग्लेशियर से निकलने वालीं और बरसाती को मिलाकर कुल 213 नदियों का विस्तृत जाल है। नौले-धारे और कई जलस्रोतों का पानी इन नदियों में मिलकर प्रवाह बढ़ाता है। लेकिन बरसात में यह सारा पानी मैदानी क्षेत्रों में बह जाता है।
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चेकडैम के माध्यम से नदियों के मुहाने से लेकर तमाम स्थानों पर इस पानी को संजोया जाएगा। इससे ग्राउंड वाटर भी रिचार्ज होगा। इसके अलावा कई स्थानों पर झीलों का निर्माण किया जाएगा।
एक छत के नीचे काम करेंगे तमाम विभाग
अभी तक प्रदेश में वन, नियोजन, वित्त, कृषि, ग्राम्य विकास, पेयजल, सिंचाई, लघु सिंचाई, राजस्व, पंचायती राज और शहरी विकास विभाग के साथ गैर सरकार संस्थाएं नौले-धारों को बचाने की दिशा में अपने-अपने ढंग से काम कर रहे हैं, लेकिन इनके अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। अब सारा के माध्यम से सभी विभाग मिलकर काम करेंगे।
सारा के तहत गठित की जाएंगी चार समितियां
1. उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी)- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। यह समिति योजनाओं के नियोजन, स्वीकृति, कियान्वयन एवं समन्वय आदि समस्त कार्यों को अनुमोदित करेगी।
2. राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति- यह समिति अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, राचिव, जलागम प्रबंधन की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। यह समिति प्रदेश स्तर पर वर्षा जल संग्रहण तकनीक जैसे चेकडैम बनाने, धारा नौला एवं नदियों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार कार्यों के लिए वार्षिक कार्ययोजना पर एचपीसी की संस्तुति प्राप्त करेगी।
3. जिला स्तरीय कार्यकारी समिति- यह समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। राज्य स्तरीय एजेंसी के साथ समन्वय में कार्य करेगी।
4. धारा नौला संरक्षण समिति- यह समिति प्रधान, ग्राम पंचायत की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। यह समिति स्थानीय समुदाय को जागरूक करने के साथ उनकी भागीदारी सुनिश्चत करेगी।