उत्तराखंड: प्रदेश के 13 बहादुर बच्चों को हर साल मिलेगा बाल वीरता पुरस्कार, कैबिनेट ने दी योजना को मंजूरी
कैबिनेट में आए प्रस्ताव में कहा गया कि योजना का उद्देश्य बच्चों में साहस, आत्मविश्वास, परोपकार एवं मानवीय मूल्यों की भावना को प्रोत्साहित करना है।
विस्तार
असाधारण साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले उत्तराखंड के 13 बहादुर बच्चों को हर साल बाल वीरता पुरस्कार मिलेगा। धामी कैबिनेट ने मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत इस तरह के बच्चों को 51000 रुपये का पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और पदक दिया जाएगा।
कैबिनेट में आए प्रस्ताव में कहा गया कि योजना का उद्देश्य बच्चों में साहस, आत्मविश्वास, परोपकार एवं मानवीय मूल्यों की भावना को प्रोत्साहित करना है। इन बच्चों के अनुकरणीय एवं वीरतापूर्ण कार्यों को समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। वीरता की घटना के समय बच्चे की आयु छह साल से अधिक एवं 18 साल से कम होनी चाहिए। वीरता एवं साहस का कार्य आवेदन करने की अंतिम तिथि से दो साल की अवधि के भीतर होना चाहिए।
पुरस्कार के लिए पहले जिला स्तर पर जांच होगी और फिर राज्य स्तरीय समिति की ओर से चयन किया जाएगा। ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की प्राथमिक जांच, पात्रता परीक्षण एवं घटना के तथ्यात्मक सत्यापन की कार्रवाई जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति की ओर से की जाएगी।
उत्तराखंड: डॉ. ढाल सिंह बिसेन प्रदेश के नए राज्यपाल नियुक्त, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की जगह संभालेंगे पद
जिला स्तरीय समिति से प्राप्त प्रकरणों का परीक्षण एवं मूल्यांकन सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय चयन समिति की ओर से किया जाएगा।
अमर उजाला की खबर का असर
प्रदेश में बहादुर बच्चों के बारे में अमर उजाला ने 25 जनवरी 2026 को प्रमुखता से उत्तराखंड में बहादुर बच्चों की कमी नहीं पर तीन साल से नहीं मिला वीरता पुरस्कार शीर्षक खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद निर्णय लिया गया कि राज्य स्तर पर बहादुर बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। अब योजना को धामी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।