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गजब का 'ऊर्जा प्रदेश', बनाने से ज्यादा गिरा दी बिजली
अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Fri, 04 Oct 2013 06:17 PM IST
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‘आंख के अंधे, नाम नयन सुख’, ‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’ ये दोनों जुमले उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश कहने और बनाने का दावा करने वालों पर सटीक बैठते हैं, क्योंकि हकीकत में चारों तरफ अंधेरा है।
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पहले हम दो महीने के लिए दूसरे प्रदेशों या कंपनियों से बिजली खरीदते थे अब आठ महीने के लिए खरीदते हैं। प्रदेश की हर नदी पर बांध भले ही बने हों लेकिन इसके बदले तबाही ज्यादा बिजली कम मिली है।
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बिजली नहीं खरीदनी पड़ती
अगर बांध बिजली दे रहे होते तो पांच साल में 1800 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली नहीं खरीदनी पड़ती। यह पैसा कर्मचारियों का वेतन देने में ही काम आ जाता।
अलग राज्य की मांग करने से पहले जनता ने सोचा था कि पर्यटन और ऊर्जा के दम पर हम देश के विकसित राज्यों की सूची में शामिल हो जाएंगे क्योंकि बिजली पैदा करने के लिए हमारे पास अलकनंदा और भागीरथी हैं।
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सरकार ने कहा सस्ती बिजली मिलेगी
पर्यटन के नाम पर मसूरी और नैनीताल जैसे शहर हैं। पहले हमारे दोनों संसाधन नीतियों से पिटे फिर आपदा ने इन्हें तबाह किया। विशेषज्ञ कहते रहे बड़े बांध राज्य की सेहत के लिए ठीक नहीं, लेकिन जो भी सरकार आई उसने कहा इससे कमाई होगी। सस्ती बिजली मिलेगी।
बिजली तो मिली नहीं उलटा पिछले पांच साल में उत्तराखंड को 1851 करोड़ रुपये की बिजली अन्य राज्यों से खरीदनी पड़ी। वह भी लगभग दोगुने रेट पर। उत्तराखंड में विद्युत परियोजनाओं से हम जो बिजली खरीदते हैं वह करीब डेढ़ रुपये प्रति यूनिट होती है, जबकि बाहर से खरीदने पर प्रति यूनिट हमें तीन से चार रुपये देने पड़ते हैं।
80 करोड़ रुपये की बिजली बाहर से खरीदी
2009-10 में 80 करोड़ रुपये की बिजली बाहर से खरीदी गई थी। यह चार महीने के लिए थी। इसके बाद से अपने राज्य में कभी पर्याप्त बिजली पैदा ही नहीं हो पाई। हालांकि, इसके पीछे कभी सिल्ट का तो कभी ग्लेशियरों में बर्फ जम जाने के कारण उत्पादन गिरने का बहाना बनाया गया।
इस वर्ष भी नौ महीने के लिए बिजली खरीदी गई है। 1641 मिलियन यूनिट बिजली हम 31 मार्च 2014 तक इस्तेमाल कर सकते हैं। इस बिजली की कीमत 536 करोड़ रुपये है।
पिछले पांच सालों में खरीदी बिजली
| वर्ष | बिजली | कीमत |
| 2009-2010 | 150 | 80 |
| 2010-2011 | 220 | 100 |
| 2011-2012 | 1066 | 447 |
| 2012-2013 | 1722 | 688 |
| 2013-2014 | 1641 | 536 |
(बिजली मिलियन यूनिट में कीमत करोड़ में)